मयूरासन करने की विधि लाभ, सावधानियां

मयूरासन क्या है मयूरासन एक योग है | मयूरासन दो शब्दों से मिलकर बना है मयुर+आसन = मयूरासन | जिसमें मयुर = मोर और आसन = मुद्रा | मतलब इस योग को करते समय व्यक्ति के शरीर के अक्रती मोर पक्षी के समान दिखाई देती है | इसलिए इसे मयूरासन कहा जाता है | मयूरासन
 

मयूरासन क्या है

मयूरासन एक योग है | मयूरासन दो शब्दों से मिलकर बना है मयुर+आसन = मयूरासन | जिसमें मयुर = मोर और आसन = मुद्रा | मतलब इस योग को करते समय व्यक्ति के शरीर के अक्रती मोर पक्षी के समान दिखाई देती है | इसलिए इसे मयूरासन कहा जाता है | मयूरासन यानी मयूर की तरह किया जाने वाला आसन। इस आसन को बैठकर सावधानीपूर्वक किया जाता है। इस आसन में शरीर का पूरा भार हाथों पर टिका होता है और शरीर हवा में लहराता है।

मयूरासन करने की विधि

पहले स्वच्छ-साफ व हवादार स्थान पर दरी या चटाई बिछा कर उस पर बैठ जाएँ |

अपने दोनों हाथों को अपने घुटनों के बीच में रखें |

अपने हाथ के अँगूठे और अँगुलियाँ अंदर की ओर रखते हुए हथेली जमीन पर टेकें |

अपने दोनों हाथों की कोहनियों को नाभि (टुंडी) के केंद्र के दाएँ-बाएँ अच्छे से जमा लें पैर उठाते समय दोनों हाथों

पर बराबर मात्रा में वजन देकर धीरे-धीरे अपने पैरों को उठाएँ।

अपने हाथ के पंजे और कोहनियों के बल पर धीरे-धीरे सामने की ओर झुकते हुए शरीर को आगे झुकाने के बाद पैरों

को धीरे-धीरे सीधा कर दें।

दुबारा से सामान्य स्थिति में आने के लिए पहले पैरों को जमीन पर ले आएँ और दुबारा से वज्रासन की स्थिति में

आ जाएँ।

मयूरासन योग करने का समय

इसका अभ्यास हर रोज़ करेंगे तो आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। सुबह के समय और शाम के समय खाली पेट

इस आसन का अभ्यास करना अधिक फलदायी होता हैं।| इस आसन को नियमित कम से कम 10–15 बार करे|

मयूरासन योग करने के लाभ

पेट के सभी रोग से मुक्ति :-

इस आसन का अभ्यास करने से पेट के सभी रोग समाप्त हो जाते हैं ।पेट के रोग कई सारे और रोगों का कारण बन

सकते हैं। पेट के कुछ आम रोग हैं एसिडिटी, जी मिचलाना और अल्सर इन सभी रोगों से निजत पायी जा सकती

है।

पाचन क्रिया में फायदेमंद :-

यह आसन पाचन क्रिया को ठीक रखने मैं मदद करता है ।अगर हमारी पाचन क्रिया ठीक है तो पेट संबंधी सभी

रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है क्यूंकि हमारी ज्यादातर बीमारियाँ पेट से ही उत्पन्न होती हैं |और हम

बीमारियों से बच सकते हैं|

ब्लड स्र्कुलेसन में व्रधि होती है :

इस आसन को करने से ब्लड स्र्कुलेसन मैं व्रधि होती है |ब्लड यानी रक्त मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। आपके पूरे शरीर में न्यूट्रिएंट्स, इलेक्ट्रोलाइट्स, हार्मोन्स, हीट और ऑक्सीजन पहुंचाने का काम रक्त ही करता है। आपके शरीर के विभिन्न हिस्सों को स्वस्थ्य रखने और इम्यूनिटी सिस्टम यानि रोग-प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करने का काम भी ब्लड ही करता है। लेकिन आपको पता है ब्लड के सही सर्कुलेशन के लिए आपके ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट, ब्लड शुगर, ब्लड टाइप और कोलेस्ट्रॉल का नियंत्रण में होना अत्यधिक जरूरी है।

आंतो को साफ़ करता है :

इस आसन के नियमित अभ्यास से आतों सुद्ध व् साफ़ हो जाती है ।मानव शरीर रचना विज्ञान में, आंत (या अंतड़ी) आहार नली का हिस्सा होती है जो पेट से गुदा तक फैली होती है, तथा मनुष्य और अन्य स्तनधारियों में, यह दो भागों में, छोटी आंत और बड़ी आंत के रूप में होती है।

फेफड़ों को मजबूत बनता है :

इसका सबसे अच्छा फायदा ये है की ये हमारे फेफड़ों को मजबूत बनता है ।फेफड़े हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग हैं। इंसान हर रोज करीब 20 हजार बार सांस लेता है और हर सांस के साथ जितनी ज्यादा ऑक्सीजन शरीर के अंदर पहुंचती है, शरीर उतना ही सेहतमंद बना रहता है। इसके लिए जरूरी है कि फेफड़ेे स्वस्थ रहें।

मेरूदंड लचीला बनता है :

इस आसन का नियमित रूप से अभ्यास करने से मेरूदंड लचीला व मजबूत बनता है जिससे बुढ़ापे में भी व्यक्ति तनकर चलता है और उसकी रीढ़ की हड्डी झुकती नहीं है।मानव शरीर रचना में ‘रीढ़ की हड्डी’ या मेरुदंड पीठ की हड्डियों का समूह है जो मस्तिष्क के पिछले भाग से निकलकर गुदा के पास तक जाती है। इसमें ३३ खण्ड होते हैं। मेरुदण्ड के भीतर ही मेरूनाल में मेरूरज्जु सुरक्षित रहता है।

आंखों की समस्याओं से निजात :

अगर कोई भी व्यक्ति इस आसन का नियमित रूप से अभ्यास करता है तो वो अपनी आखिन की समस्या से जल्द ही छुटकारा पा सकता है | अगर उसके चश्मे भी चढ़े हुए हैं तो वो भी उतर सकते हैं इसके लिए आप कुछ देशी ओषधि का सेवन भी कर सकते हैं ।

तनाव से मुक्ति पाने के लिए :

तनाव कम करने और मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए इस आँ का अभ्यास करना बहुत ही जरूरी है। चिकित्सा शास्त्र डिप्रेशन का कारण मस्तिष्क में सिरोटोनीन, नार-एड्रीनलीन तथा डोपामिन आदि न्यूरो ट्रांसमीटर की कमी मानता है।

मयूरासन योग के अन्य फायदे

गैस की समस्या खत्म हो जाती है |

मूत्राशय के दोष दूर होते हैं।

शरीर फिट रहता है |

आलस खत्म होता है |

इस आसन से क्लोम ग्रंथि पर दबाव पड़ने के कारण मधुमेह के रोगियों को भी लाभ मिलता है।

गर्दन दर्द खत्म हो जाता है |

चेहरे पर चमक लाने के लिए मयूरासन करना चाहिए।

भुजाओं और हाथों को बलवान बनते हैं |

मयूरासन करने से हाथ, पैर व कंधे की मांसपेशियों में मजबूती आती है।

कंधे मजबूत होते है|

मयूरासन योग करते समय सावधानी बरतें

यह योग हमेसा खाली पेट करना चाहिए |

हर्निया रोग की शिकायत वालों को यह योग नहीं करना चाहिए |

ब्लड प्रेशर वालों को यह योग नहीं करना चाहिए |

इस आसन को करने के लिए शरीर का संतुलन बनाए रखना जरूरी है

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