Union Budget 2026 LIVE: मिडिल क्लास को टैक्स में नहीं मिली राहत, पर स्वास्थ्य और इंफ्रा पर सरकार का ‘बड़ा दांव’ – जानें क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा
Union Budget 2026 Highlights Hindi: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। 53.5 लाख करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम बजट में सरकार ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को केंद्र में रखा है। जहाँ एक तरफ स्वास्थ्य, रक्षा और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के लिए खजाना खोला गया है, वहीं नौकरीपेशा मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स के मोर्चे पर एक बार फिर मायूसी हाथ लगी है।
बजट भाषण की सबसे बड़ी खबर शेयर बाजार से आई, जहाँ फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में STT (Security Transaction Tax) को 150% तक बढ़ा दिया गया है, जिसके बाद बाजार में हाहाकार मच गया और निफ्टी में 1200 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
1. इनकम टैक्स: जैसा था, वैसा ही रहा
मिडिल क्लास वर्ग को सबसे ज्यादा उम्मीद इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव और स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ने से थी। हालांकि, वित्त मंत्री ने टैक्स स्लैब और स्टैंडर्ड डिडक्शन में कोई बदलाव नहीं किया है।
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2. शेयर बाजार पर ‘टैक्स’ की मार: STT में भारी बढ़ोतरी
ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए यह बजट काफी भारी पड़ा। सरकार ने सट्टेबाजी (Speculation) को कम करने के उद्देश्य से STT बढ़ा दिया है:
- फ्यूचर्स (Futures): STT को बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।
- ऑप्शंस (Options): ऑप्शंस प्रीमियम पर STT को 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
- प्रमोटर्स टैक्स: नॉन-कॉर्पोरेट प्रमोटर्स पर अब 22% टैक्स लगेगा।

3. बजट 2026: क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?
वित्त मंत्री ने कुछ सामानों पर सीमा शुल्क (Custom Duty) में कटौती की है, जिससे आम आदमी को राहत मिली है।
सस्ते होने वाले सामानों की लिस्ट:
- दवाएं: कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाएं और शुगर (Diabetes) की दवाएं सस्ती होंगी।
- ऊर्जा: सीएनजी (CNG) और बायोगैस की कीमतों में कमी आएगी।
- विदेश यात्रा: इंटरनेशनल टूर पर TCS (Tax Collected at Source) को 5%/20% से घटाकर मात्र 2% कर दिया गया है।
- रक्षा उपकरण: डिफेंस सेक्टर को कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है।
महंगे होने वाले सामान:
- शेयर ट्रेडिंग (टैक्स बढ़ने के कारण)।
- कुछ विशेष इलेक्ट्रॉनिक आयातित सामान।
4. रेलवे में ‘हाई-स्पीड’ क्रांति: 7 नए कॉरिडोर
बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वित्त मंत्री ने देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है।
नए रेल कॉरिडोर की सूची:
- मुंबई से पुणे
- पुणे से हैदराबाद
- हैदराबाद से बेंगलुरु
- हैदराबाद से चेन्नई
- सिलीगुड़ी से वाराणसी
- दिल्ली-अमृतसर (संभावित)
- हावड़ा-वाराणसी
5. स्वास्थ्य क्षेत्र (Healthcare): आयुर्वेद AIIMS और जिला अस्पतालों का कायाकल्प
सरकार ने हेल्थकेयर बजट में सुधार करते हुए आम नागरिकों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं:
- 3 नए आयुर्वेद AIIMS देश में खोले जाएंगे।
- सभी जिला अस्पतालों को अपग्रेड किया जाएगा और वहां ट्रॉमा सेंटर की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
- 5 क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों (Regional Medical Centres) की स्थापना होगी।
6. शिक्षा, युवा और महिलाएं: छात्रावास और रोजगार समिति
- लड़कियों के लिए हॉस्टल: प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए समर्पित छात्रावास खोले जाएंगे।
- शिक्षा से रोजगार: ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम’ के लिए एक उच्चस्तरीय स्थायी समिति का गठन होगा, जिसका लक्ष्य 2047 तक सेवाओं में भारत की 10% वैश्विक हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है।
- 5 विश्वविद्यालय टाउनशिप: उच्च शिक्षा के लिए विशेष टाउनशिप विकसित की जाएंगी।
7. MSME और मैन्युफैक्चरिंग: आत्मनिर्भर भारत को गति
लघु और मध्यम उद्योगों के लिए वित्त मंत्री ने पिटारा खोला है:
- SME ग्रोथ फंड: 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन।
- माइक्रो एंटरप्राइजेज: 2,000 करोड़ रुपये का विशेष सपोर्ट।
- कॉर्पोरेट मित्र: टियर 2 और टियर 3 शहरों में छोटे उद्योगों की मदद के लिए ‘कॉर्पोरेट मित्रों’ का कैडर बनाया जाएगा।
- केमिकल पार्क: देश में 3 समर्पित केमिकल क्लस्टर और मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित होंगे।
8. रक्षा और सामरिक क्षेत्र (Defense Budget)
वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा बजट को बढ़ाकर 7.8 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।
- आधुनिकीकरण: रक्षा बलों के आधुनिकीकरण (Modernization) के लिए 2.1 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- स्वदेशी उत्पादन: राफेल, पनडुब्बियों और ड्रोन (UAV) के स्वदेशी उत्पादन पर जोर दिया जाएगा।
9. दुर्लभ खनिज (Rare Earth Minerals) और शिपिंग
चीन पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है:
- ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मटेरियल के लिए डेडिकेटेड फेसिलिसिटी और मिनरल पार्क बनेंगे।
- शिप रिपेयर: वाराणसी और पटना में ‘शिप रिपेयर इकोसिस्टम’ विकसित किया जाएगा।
विकिपीडिया से प्रेरित तथ्यात्मक जानकारी
भारत का केंद्रीय बजट (Union Budget of India) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत ‘वार्षिक वित्तीय विवरण’ के रूप में पेश किया जाता है। यह सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण होता है। अधिक ऐतिहासिक जानकारी के लिए यहाँ देखें: भारत का केंद्रीय बजट (Wikipedia)
निष्कर्ष: विकसित भारत की ओर बढ़ते कदम
बजट 2026-27 एक संतुलित लेकिन ‘कैपिटल एक्सपेंडिचर’ (12.20 लाख करोड़) पर केंद्रित बजट है। जहाँ मिडिल क्लास को टैक्स में राहत न मिलना एक नकारात्मक पहलू है, वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे और स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए प्रावधान भविष्य के भारत की नींव रखेंगे। शेयर बाजार की गिरावट यह दर्शाती है कि टैक्स के मोर्चे पर निवेशक थोड़े असहज हैं, लेकिन लॉन्ग टर्म में हाई-स्पीड रेल और मैन्युफैक्चरिंग बूस्टर डोज अर्थव्यवस्था को गति देंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब बदले गए हैं?
उत्तर: नहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब या स्टैंडर्ड डिडक्शन में कोई बदलाव नहीं किया है। स्लैब पहले की तरह ही रहेंगे।
Q2. शेयर बाजार में STT बढ़ने से क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी। फ्यूचर्स पर STT 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% कर दिया गया है, जिससे इंट्राडे ट्रेडर्स की लागत बढ़ेगी।
Q3. बजट 2026 में कौन सी दवाएं सस्ती हुई हैं?
उत्तर: कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 जीवन रक्षक दवाएं और शुगर (मधुमेह) की दवाओं पर टैक्स घटाया गया है, जिससे वे सस्ती हो जाएंगी।
Q4. विदेश यात्रा (International Travel) पर अब कितना टैक्स लगेगा?
उत्तर: सरकार ने इंटरनेशनल टूर पर लगने वाले TCS को 5%/20% से घटाकर मात्र 2% कर दिया है, जिससे विदेश घूमना अब पहले से सस्ता होगा।
Q5. रेलवे के लिए बजट में क्या खास है?
उत्तर: देश में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (जैसे वाराणसी-सिलीगुड़ी, मुंबई-पुणे) बनाने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारी फंड दिया गया है।
लेखक का परिचय
घनश्याम नामदेव
शिक्षा और वित्तीय नीतियों के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, घनश्याम नामदेव एक अनुभवी पत्रकार और विश्लेषक हैं। उन्होंने भारत के पिछले 10 बजटों का गहराई से अध्ययन और रिपोर्टिंग की है। उनकी विशेषज्ञता बजट के जटिल आंकड़ों को आम आदमी की भाषा में समझाने में है।
अस्वीकरण (Disclaimer): www.sabkuchgyan.com पर दी गई जानकारी लाइव बजट भाषण और समाचार स्रोतों पर आधारित है। किसी भी वित्तीय निर्णय या टैक्स फाइलिंग से पहले आधिकारिक सरकारी अधिसूचना और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की सलाह अवश्य लें।ण तैयार करूँ? या फिर आपको रेलवे कॉरिडोर का विस्तृत रूट मैप चाहिए?












