New Income Tax Act 2025 Hindi Guide — 1 अप्रैल 2026 से भारत का 60 साल पुराना Income Tax Act, 1961 इतिहास बन गया। उसकी जगह आ गया है Income Tax Act, 2025 — एक नया, आसान और Technology-Driven Tax कानून जो हर आम नागरिक की Tax Filing की ज़िंदगी बदलने वाला है।
मैं Ghanshyam Naamdev, पिछले 8+ सालों से सरकारी योजनाओं और Finance पर हिंदी में लिखता आ रहा हूँ। इस नए कानून की सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि पुराने Tax Act में 819 Sections और 14 Schedules थे — नए में सिर्फ 536 Sections और 16 Schedules हैं। Rules 511 से घटकर 333 हो गए और Forms 390 से घटकर सिर्फ 190 रह गए।
यानी — कम झंझट, कम कागज़ और ज़्यादा आसानी।
इस Article में मैं आपको New Income Tax Act 2025 के उन बदलावों की पूरी जानकारी दूँगा जो सीधे आम लोगों पर असर डालते हैं — Form 15G और 15H का विलय, Form 26AS का नया अवतार, TCS में राहत और FAST-DS क्या है — सब कुछ बिल्कुल सरल हिंदी में।
Table of Contents
📊 Overview Table – New Income Tax Act 2025 at a Glance
| पुराना (Income Tax Act, 1961) | नया (Income Tax Act, 2025) |
|---|---|
| 819 Sections | 536 Sections |
| 14 Schedules | 16 Schedules |
| 511 Rules | 333 Rules |
| 390 Forms | 190 Forms |
| Form 15G + Form 15H (अलग-अलग) | एकीकृत Form 121 |
| Form 26AS (Tax Credit Statement) | Form 168 (All-in-One Financial Diary) |
| TCS विदेश भेजने पर 5% | घटकर 2% (₹10 लाख से ऊपर) |
| लागू | 1 अप्रैल 2026 से |
📌 बदलाव 1 – Form 15G और Form 15H अब एक हो गए — नया Form 121
पहले क्या था?
जब आप Bank में Fixed Deposit (FD) करते थे या Mutual Fund से पैसे निकालते थे, तो अगर आपकी Income Tax Limit से कम थी — तो आपको Bank या Company को बताना होता था कि “मुझ पर TDS मत काटो।” इसके लिए दो अलग-अलग Forms थे:
- Form 15G — 60 साल से कम उम्र के लोग भरते थे
- Form 15H — 60 साल या उससे ज़्यादा उम्र के (Senior Citizens) भरते थे
परेशानी क्या थी?
अगर आपके 3 बैंकों में FD थी, तो तीनों बैंकों में अलग-अलग Form जमा करना पड़ता था। हर Form का एक अलग UIN (Unique Identification Number) था। अगर एक भी Form छूट गया — तो उस Bank में TDS कट जाता था।
अब क्या हुआ? — Form 121
Income Tax Act 2025 के Section 393(6) के तहत अब दोनों Forms — 15G और 15H — को मिलाकर एक एकीकृत Form 121 बना दिया गया है।
Form 121 की ख़ासियत:
उम्र की कोई शर्त नहीं — 30 साल के हों या 70 साल के — सभी के लिए एक ही Form।
एक Form, सभी Accounts — एक बार Form 121 भरें और एक ही UIN से सभी Banks, Mutual Funds और Demat Accounts में Apply हो जाएगा।
कौन भर सकता है Form 121?
- भारत में रहने वाले व्यक्ति (Resident Individuals) — हर उम्र के
- Hindu Undivided Families (HUF)
- अन्य निर्दिष्ट संस्थाएं
कौन नहीं भर सकता?
- Companies
- Firms (Partnership/LLP)
- Non-Residents (NRI)
Form 121 से किन Income पर TDS नहीं कटेगा?
- PF से निकाला पैसा और Pension
- Insurance Commission
- किराए की आय (Rent Income)
- Bank / Post Office FD पर ब्याज
- Mutual Fund Income
- Dividend (लाभांश)
- Life Insurance Policy से मिला पैसा (Bonus सहित)
सरल भाषा में: पहले जहाँ 3-4 बैंकों के लिए 3-4 अलग Forms जमा करने पड़ते थे — अब सिर्फ एक Form 121 भरो और एक UIN से सब काम हो जाएगा। न कोई Form छूटेगा, न अनावश्यक TDS कटेगा।
📌 बदलाव 2 – Form 26AS अब Form 168 बना — आपकी पूरी Financial Diary
पहले क्या था Form 26AS?
Form 26AS वो Statement था जिसमें यह दिखता था कि आपके Employer, Bank या किसी और ने आपकी Income पर कितना TDS काटकर सरकार को जमा किया। इसे “Tax Credit Statement” कहते थे।
यह Statement ज़रूरी था लेकिन Limited था — सिर्फ Tax से जुड़ी जानकारी देता था।
अब क्या है Form 168?
1 अप्रैल 2026 से Form 26AS को officially Form 168 नाम दे दिया गया है। लेकिन यह सिर्फ नाम बदलना नहीं है — यह एक बड़ा बदलाव है।
Form 168 — आपकी All-in-One Financial Diary है।
Form 168 में अब यह सब automatically Track होगा:
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| Salary Income | Employer से मिली तनख्वाह |
| House Rent | आपने जो किराया दिया या लिया |
| Stock Market Trades | Share खरीदना-बेचना |
| Mutual Fund Transactions | SIP और Lumpsum |
| Bank FD Interest | हर बैंक का ब्याज |
| Large Credit Card Spends | बड़े खर्च |
| Foreign Transactions | विदेश भेजा/मँगाया पैसा |
| Advance Tax Paid | पहले जमा किया Tax |
Form 168 = Tax Credit Statement + Annual Information Statement (AIS) — दोनों एक जगह।
सरल भाषा में: Form 168 एक “Master Financial Folder” की तरह है। सरकार आपके PAN से जुड़ी हर बड़ी Financial Activity को इसमें Track करती है — चाहे आपने Salary ली हो, FD कराई हो, Share खरीदे हों या Credit Card से बड़ी Shopping की हो। ITR भरते समय यह सब सामने होगा — छिपाना मुश्किल, सुधारना आसान।
📌 बदलाव 3 – विदेश पैसे भेजने पर TCS घटा (LRS — Liberalised Remittance Scheme)
पहले क्या था?
जब आप RBI की Liberalised Remittance Scheme (LRS) के तहत विदेश पैसे भेजते थे — पढ़ाई के लिए, इलाज के लिए या Tour Package के लिए — तो उस पर TCS (Tax Collected at Source) लगता था।
| काम | पुरानी TCS Rate |
|---|---|
| पढ़ाई / इलाज के लिए विदेश भेजना | 5% (₹7 लाख से ऊपर) |
| Overseas Tour Package | 5% |
यह TCS पहले ही कट जाती थी — बाद में ITR में Claim करना पड़ता था। इससे तत्काल पैसों का बोझ बढ़ता था।
अब क्या बदला?
1 अप्रैल 2026 से नए Income Tax Act 2025 के तहत TCS की दरें घटाई गई हैं:
| काम | नई TCS Rate | सीमा |
|---|---|---|
| शिक्षा (Education) के लिए विदेश | 2% (पहले 5%) | ₹10 लाख से ऊपर |
| इलाज (Medical) के लिए विदेश | 2% (पहले 5%) | ₹10 लाख से ऊपर |
| Overseas Tour Package | 2% (पहले 5%) | ₹10 लाख से ऊपर |
सरल भाषा में: अगर आपका बच्चा विदेश में पढ़ रहा है और आप ₹15 लाख भेज रहे हैं — तो पहले ₹10 लाख से ऊपर की राशि पर 5% TCS यानी ₹25,000 कटते थे। अब सिर्फ 2% यानी ₹10,000 कटेंगे। ₹15,000 की सीधी बचत।
यह राहत खासकर उन परिवारों के लिए बड़ी है जिनके बच्चे विदेश में पढ़ते हैं या जो Medical Tourism के लिए विदेश जाते हैं।
📌 बदलाव 4 – FAST-DS 2026 क्या है? — छोटे Taxpayers के लिए “दूसरा मौका”
FAST-DS का मतलब क्या है?
FAST-DS का पूरा नाम है — Foreign Assets of Small Taxpayers Disclosure Scheme 2026।
यह एक Limited Time Window है जो New Income Tax Act 2025 के तहत दी गई है।
यह Scheme किसके लिए है?
कई बार ऐसा होता है कि कोई Student विदेश में पढ़ा, वहाँ Part-Time Job की और कुछ पैसे जमा हुए। या कोई IT Professional ने विदेशी Company में काम किया और ESOP/Stocks मिले — लेकिन जानकारी न होने की वजह से उसने ITR में यह नहीं बताया।
यह Scheme उनके लिए है:
- Students जिनके विदेश में Bank Account हैं
- Young Professionals जिनके पास Foreign Stocks/ESOP हैं
- Tech Employees जो विदेशी कंपनियों से Benefits लेते हैं
- ऐसे NRIs जो भारत लौट आए लेकिन विदेशी Assets Declare नहीं किए
क्या मिलता है FAST-DS में?
- 6 महीने की Window में अपनी Foreign Assets खुद Declare करें
- Reduced Tax Rate — पूरी Penalty नहीं लगेगी
- Technical Lapses पर सिर्फ Flat Fee
- Black Money Act की कड़ी कार्रवाई से बचाव
- Criminal Prosecution से राहत
सरल भाषा में: अगर आपसे अनजाने में कोई Foreign Asset Declare करना छूट गई है — तो यह आपका “Second Chance” है। 6 महीने में खुद बताएं, कम Tax दें और आगे के लिए Clean Slate पाएं।
💡 New Income Tax Act 2025 से आम लोगों को क्या-क्या फायदा?
New Income Tax Act 2025 Hindi Guide में आम नागरिकों को यह प्रमुख फायदे मिलेंगे:
1. एक Form 121 — सभी Banks के लिए: बार-बार अलग-अलग Form भरने की झंझट खत्म।
2. Form 168 से पारदर्शिता: सारी Financial Activity एक जगह — ITR भरना आसान।
3. कम Forms: पहले 390 Forms थे, अब सिर्फ 190। Tax Filing में कम कागज़ी काम।
4. कम Rules: 511 Rules से घटकर 333 — Compliance आसान।
5. TCS में राहत: विदेश पढ़ाई और इलाज पर TCS 5% से घटकर 2%।
6. FAST-DS: जो अनजाने में Foreign Asset Declare करना भूल गए — उनके लिए माफी की व्यवस्था।
7. ₹12 लाख तक Zero Tax: नए Tax Regime में ₹12 लाख तक की Income पर कोई Tax नहीं। Salaried को ₹75,000 Standard Deduction मिलाकर ₹12.75 लाख तक Zero Tax।
✅ किसे क्या करना चाहिए?
| आप कौन हैं | आपको क्या करना चाहिए |
|---|---|
| FD वाले व्यक्ति | Form 121 भरें — TDS बचाएं |
| Senior Citizen | अब Form 15H की जगह Form 121 भरें |
| विदेश पैसे भेजने वाले | 2% TCS Benefit का फायदा उठाएं |
| Salaried Employee | Form 168 में अपनी सभी Income Check करें |
| Foreign Assets वाले | FAST-DS Window में Declare करें |
| ITR Filer | नए Forms और Process से Update रहें |
⚠️ ज़रूरी Tips
- Form 121 जल्दी भरें — अप्रैल की शुरुआत में ही भरें ताकि TDS न कटे
- Form 168 ध्यान से देखें — ITR भरने से पहले इसमें सारी जानकारी Verify करें
- TCS Claim करें — जो TCS पहले कट चुका है वो ITR में Refund ले सकते हैं
- FAST-DS की Deadline मिस न करें — 6 महीने की Window है, बाद में Penalty बड़ी होगी
- New Tax Regime Check करें — ₹12 लाख तक Zero Tax का Option लें
- CA या Tax Advisor से Consult करें — बड़े बदलाव हैं, Professional Advice लें
- Fake Tax Saving Schemes से बचें — सिर्फ Official incometax.gov.in पर भरोसा करें
- PAN-Aadhaar Link रखें — नए Act में यह और ज़रूरी हो गया है

❓ FAQs
Q1. New Income Tax Act 2025 Hindi Guide — यह कब से लागू हुआ? A. New Income Tax Act 2025, 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। इसने 60 साल पुराने Income Tax Act, 1961 की जगह ली है।
Q2. Form 15G और Form 15H का क्या हुआ? A. दोनों Forms को मिलाकर एकीकृत Form 121 बना दिया गया है। अब उम्र की परवाह किए बिना सभी एक ही Form भरेंगे। एक Form 121 से सभी Banks और Mutual Funds में काम होगा।
Q3. Form 26AS का क्या हुआ? A. Form 26AS को officially Form 168 नाम दिया गया है। यह पहले से ज़्यादा Smart है — अब यह सिर्फ TDS नहीं बल्कि आपकी पूरी Financial Activity — Salary, Rent, Stock Trades, Credit Card Spends — सब एक जगह Track करता है।
Q4. विदेश पैसे भेजने पर TCS कितनी लगेगी? A. 1 अप्रैल 2026 से — पढ़ाई, इलाज और Overseas Tour Package के लिए ₹10 लाख से ऊपर की रकम पर TCS 5% से घटकर सिर्फ 2% हो गई है।
Q5. FAST-DS Scheme क्या है और किसे फायदा होगा? A. FAST-DS (Foreign Assets of Small Taxpayers Disclosure Scheme) एक 6 महीने की Special Window है जिसमें वो लोग अपनी Foreign Assets Declare कर सकते हैं जो अनजाने में पहले नहीं बता पाए। इसमें Reduced Tax Rate और Penalty में राहत मिलती है।
Q6. नए Income Tax Act में कितने Sections हैं? A. New Income Tax Act 2025 में 536 Sections और 16 Schedules हैं। पुराने Act में 819 Sections और 14 Schedules थे। साथ ही Rules 511 से घटकर 333 और Forms 390 से घटकर 190 हो गए हैं।
Q7. क्या नए Tax Act में ₹12 लाख तक Tax नहीं है? A. हाँ। New Income Tax Act 2025 के नए Tax Regime में ₹12 लाख तक की Annual Income पर Zero Tax है। Salaried Employees को ₹75,000 Standard Deduction के साथ ₹12.75 लाख तक कोई Tax नहीं देना होगा।
🔚 निष्कर्ष (Conclusion)
New Income Tax Act 2025 Hindi Guide — यह कानून भले ही Technical लगे, लेकिन इसका असर हर उस व्यक्ति पर होगा जो Bank में FD करता है, Mutual Fund में पैसा लगाता है, विदेश पैसे भेजता है या ITR File करता है। Form 15G-15H का एकीकरण, Form 26AS का Form 168 में बदलाव, TCS में कटौती और FAST-DS जैसी राहत — यह सब मिलकर India के Tax System को आसान, पारदर्शी और Technology-Driven बना रहे हैं।
1 अप्रैल 2026 से यह सब लागू हो चुका है। अगर आपने अभी तक Form 121 नहीं भरा, Form 168 नहीं देखा या FAST-DS के बारे में नहीं सोचा — तो आज ही अपने CA या Tax Advisor से बात करें।
💬 Writer Opinion
मेरे हिसाब से New Income Tax Act 2025 का सबसे बड़ा फायदा है — Form 121 (पुराना 15G/15H)। बहुत से Senior Citizens और छोटे Investors अपनी FD पर TDS कटने से परेशान रहते थे — सिर्फ इसलिए कि उन्हें यह पता नहीं था कि Form 15G और 15H में से कौन सा भरना है। अब एक ही Form 121 — सब काम, सब Banks के लिए। यह एक असली राहत है।
और FAST-DS उन लाखों Students और Young Professionals के लिए “Second Chance” है जो अनजाने में Foreign Assets Declare करना भूल गए थे। इसका फायदा ज़रूर उठाएं — 6 महीने की Window है, बाद में Penalty कड़ी होगी।
sabkuchgyan.com Links :
- New Government Schemes in India 2026 – Budget की पूरी List और नई Schemes
- Digital India Benefits for Students 2026 – SWAYAM, DigiLocker, Free Courses
- Income Certificate Online Apply 2026 – घर बैठे बनाएं e-District Portal से
- PM Vishwakarma Yojana 2026 Loan Benefits – कारीगरों को मिलेगा ₹3 लाख Loan
Government Official Site Links:
- 🔗 Income Tax Official Portal – incometax.gov.in
- 🔗 New Income Tax Act 2025 – indiabudget.gov.in
- 🔗 Form 121 / Form 168 – incometaxindia.gov.in
- 🔗 RBI LRS Guidelines – rbi.org.in
- 🔗 PIB Tax Updates – pib.gov.in
- 🔗 Ministry of Finance – finmin.nic.in
- 🔗 DigiLocker (Tax Documents) – digilocker.gov.in
- 🔗 PAN Card Services – tin-nsdl.com
- 🔗 India Budget 2026 – indiabudget.gov.in
- 🔗 MyScheme Portal – myscheme.gov.in
Tags: New Income Tax Act 2025 Hindi Guide, नया आयकर कानून 2025, Income Tax Act 2025 April 2026, Form 15G 15H Merged Form 121, Form 26AS Form 168, New Income Tax Rules 2026, TCS LRS 2026, FAST DS Scheme 2026, Income Tax Changes 2026, Tax Filing 2026 India, New Tax Regime 2026, Income Tax Simplification, Zero Tax 12 Lakh 2026, Income Tax Act 1961 Replace, Nirmala Sitharaman Tax Reform 2026












