आपका स्वाभिमान जरूरी है इसलिए फ्री नहीं 10 रुपये में मिलता है भोजन

शहर के बिजली घर सर्किल का कॉर्नर पिछले कई दिनों से यहां से गुजरने वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यहां सुबह-शाम एक टैंट के नीचे जरूरतमंद लोगों को खाना
 
Your self respect is important that why food is available for 10 rupees not free
शहर के बिजली घर सर्किल का कॉर्नर पिछले कई दिनों से यहां से गुजरने वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। यहां सुबह-शाम एक टैंट के नीचे जरूरतमंद लोगों को खाना खाते देखा जा सकता है। यह सेवा विजन संस्था की ओर से की लगातार की जा रही है। गुरुवार को संस्था ने इस अनवरत कार्य के 100 दिन पूरे कर लिए। यहां खास बात यह है कि यह है की खाना फ्री नहीं देकर 10 रुपये लिए जाते हैं ताकि व्यक्ति का सम्मान बना रहे।

संस्था के अध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने बताया कि यह सेवा संस्था के लोगों ने शुरू की। संस्था के करीब 35 लोग इस सेवा में शामिल है। इस नेक और पुनीत कार्य को देखते आमजन, समाजसेवी और शहर की विभिन्न संस्थाएं जुड़ती चली गई और इस तरह कारवां बढ़ता चला गया। बड़ी संख्या में लोग यहां सुबह शाम भोजन करते हैं। कुछ लोग ऐसे हैं जो अब संस्था से जुड़कर सेवा भी करते हैं।
Your self respect is important that why food is available for 10 rupees not free


श्रम मंत्री ने किया था शुभारंभ, मजदूरों को लाभ



विजन संस्था की ओर से चलाए जा रहे इस सेवा भावी कार्य का शुभारंभ श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने 19 जून 2021 को किया था। संस्था की ओर से 10 रुपये में खाना खिलाया गया। बिजली घर सर्किल पर बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में आसपास के गांवों से आते हैं। काम नहीं मिलने पर यहीं रहते हैं। वहीं पास ही सरकारी 3 अस्पताल है। ऐसे में सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिल रहा है जो बाहर से आते हैं, उन्हें 10 रुपये में भर पेट खाना मिलता है।



कैम्प में आने वाले मजदूरों ने शराब पीना छोड़ा



सदस्य चिंटू गुर्जर ने बताया कि संस्था के सदस्यों से यहां रोजाना खाना खाने वाले लोग दिल से जुड़ गए है। वह दिन रात यहां काम में अपना सहयोग करते है। खास बात यहाँ यह भी है कि कई मजदूर जो रोजाना शराब पीते थे। शराबियों को संस्था द्वारा खाना नहीं दिया जाता। यहां का माहौल घर जैसा होने के कारण मजदूर वर्ग के कई लोगों ने शराब तक पीना छोड़ दिया क्योकि उन्हें कैम्प में आकर सेवा करनी है। हर तरह से संस्था द्वारा मजदूरों की सहायता की जाती है।



यहां फ्री में भोजन नहीं मिलता, चेरिटी के लिए लेते है 10 रुपये

यहां कैम्प के बाहर लगे बैनर पर बड़े बड़े अक्षरों में लिखा है यहां भोजन फ्री में नहीं मिलता, आपका आत्मसम्मान जरूरी है। यहां आने वाले लोगों से भोजन के लिए 10 रुपये लिए जाते है। यह 10 चेरिटी में जाते हैं।



जन्मदिन, सालगिरह आदि पर खिला रहे है खाना



संस्था के इस कार्य को देखते हुए आमजन उनसे जुड़ गए है। अब लोग जन्मदिन, शादी की सालगिरह से लेकर पुण्यतिथि आदि पर संस्था से मिलकर उस दिन के कहने के पैसे स्वयम वहन कर आमजन को फ्री में खाना खिलवाते है। इस कार्य में परिवार सहित आकर अपने हाथों से खाना खिलाते है। आमजन के साथ जन्मदिन मनाते है।

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