योगी सरकार के साढ़े चार वर्ष पूरे : मुख्यमंत्री योगी आज पेश करेंगे रिपोर्ट कार्ड

 
Yogi govt completes four and a half years
लखनऊ सहित प्रदेश भर में होंगे विविध आयोजन

लखनऊ, 19 सितंबर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने आज साढ़े चार वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस मौके पर रविवार को लोकभवन में भव्य आयोजन की तैयारी मूर्त रूप में है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ अपनी सरकार की उपलब्धियों की रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे।

इस कार्यक्रम में सीएम योगी मंत्रिपरिषद के सहयोगियों के साथ सरकार की अब तक की यात्रा पर चर्चा करेंगे। साथ ही सरकार के 54 माह पूरे होने पर लखनऊ की तर्ज पर सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित होंगे।

सरकार की उपलब्धियां बताने के लिए योगी सरकार की ओर से तीन प्रकार की बुकलेट छपवाई गई है। एक बुकलेट सोलह पेज की है तो दूसरी 52 पेज की है। तीसरी सिर्फ चार पेज की है। इन बुकलेटों में योगी सरकार में हुए विकास की ढेर सारी बातें है। पहली 16 पेज वाली पुस्तिका में मोदी-योगी के साथ 'पारदर्शी और जवादेह सरकार' के स्लोगन के जरिये योगी सरकार के विकास के कीर्तिमान को बिन्दुवार बताया गया है। कवर पर सबसे ऊपर मुख्यमंत्री योगी प्रभु श्रीराम की प्रतिमा प्रधानमंत्री मोदी को भेंट कर रहे हैं। दूसरी बुकलेट 52 पेज की है, जिसे 'विकास की लहर, हर गांव-हर शहर', काम दमदार-योगी सरकार' नारे से चतुमुर्खी विकास का संदेश दिया गया है। इस बुकलेट में राज्य सरकार के सभी विभागों की उपलब्धियों को क्रमवार बताया गया है।

तीसरी बुकलेट सिर्फ चार पेज की है, जिसमें 'सोच ईमानदार-काम दमदार, छा गयी योगी सरकार' के नारे से योगी सरकार का पिछले साढ़े चार साल का रिपोर्ट कार्ड बिन्दुवार देने का प्रयास किया गया है। यह योगी सरकार के विकास कार्ड का 'सार' है।इस पुस्तिका में लिखा गया है कि ' 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में अराजकता का माहौल था और जनता को भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का सामना करना पड़ता था। भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार ने 'संकल्प से सिद्धि' के मंत्र पर अमल करते हुए अपने सभी वादों पर निरन्तर काम किया। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनिश्चित किया कि उत्तर प्रदेश का तीव्र गति से विकास हो और समाज के सभी वर्गो को सुरक्षित और उन्नति के समान अवसर प्रदेश में ही प्राप्त हों।'

Yogi govt completes four and a half years

राजनीतिक विश्लेषक डॉ. दिलीप अग्निहोत्री की मानें और विकास के पैमाने पर समग्रता से देखें तो इन साढ़े चार वर्षों में राष्ट्रीय पटल पर एक नया सक्षम और समर्थ उत्तर प्रदेश उभर कर आया है। चार वर्ष पहले तक देश की सबसे बड़ी आबादी होने के बाद भी बीमारू की छवि के साथ देश में पांचवे नम्बर की अर्थव्यवस्था होने का दंश झेलने वाला यूपी आज लगातार प्रयासों से दूसरे नम्बर की अर्थव्यवस्था बनकर सामने आया है। साढ़े चार साल में साढ़े चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली तो एंटी रोमियो स्क्वाड से मिशन शक्ति तक की कोशिशों से महिलाएं सुरक्षित, सम्मानित हैं और स्वावलम्बन की मिसाल बन रही हैं।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता के अनुसार 2017 तक यहां की बेरोजगारी दर 17 फीसदी तक थी, जबकि आज 4 फीसदी है। बीते 19 माह के कोविड काल का सामना यूपी ने जिस ढंग से किया, उसकी सराहना विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्म पर हो रही है।

डबल इंजन की सरकार, विकास की बढ़ी रफ्तार

केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने का सीधा फायदा आमजन को मिला है। साल 2017 में योगी सरकार के गठन के बाद केंद्र सरकार के साथ राज्य की शानदार "बॉन्डिंग" देखने को मिली। नतीजतन, आज पीएम किसान योजना हो, स्वच्छ भारत मिशन हो, उज्ज्वला और उजाला योजना हो अथवा खाद्यान्न उत्पादन, उत्तर प्रदेश सभी में शीर्ष स्थान पर है। गन्ना मूल्य भुगतान में यूपी ने शानदार काम किया। न केवल नई चीनी मिलें खुलीं, बल्कि पुरानी की क्षमता वृद्धि भी की गई। गन्ना किसानों को अब तक 1.44 लाख करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।

चार साल में एक भी दंगा नहीं

डॉ. दिलीप अग्निहोत्री कहते हैं कि आए दिन साम्प्रदायिक दंगों की चपेट में रहने वाले उत्तर प्रदेश के लिए साढ़े चार वर्षों में एक बड़ी उपलब्धि 'दंगा मुक्त उत्तर प्रदेश' की कल्पना को साकार करना रहा। सीएम योगी की अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का ही नतीजा है कि अलग-अलग मौकों पर विपक्षी दल भी यूपी की चुस्त-दुरूस्त कानून व्यवस्था की सराहना करते रहे हैं। बीते 54 महीनों में एक भी साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ। नतीजा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी नम्बर दूसरे पर है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा। बीते साढ़े चार वर्षों में विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे, बलिया लिंक एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे जैसी दूरगामी परिणामदायक परियोजनाओं के माध्यम से हाईस्पीड कनेक्टिविटी के एक नए युग का प्रारंभ हुआ है। जेवर, कुशीनगर और अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का चल रहा निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है। यह सब, दुनिया के मानचित्र पर उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाने वाले हैं।

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