महेश्वरी देवी में अभी भी काबिज है अतिक्रमणकारी, प्रशासन नहीं हटा पाया अतिक्रमण

 
The encroachers are still occupied in Maheshwari Devi the administration could not remove the encroachment

बांदा, 28 सितंबर शहर में हिंदुओं की धार्मिक आस्था का प्रतीक प्राचीन महेश्वरी देवी मंदिर के आसपास आधा दर्जन से ज्यादा लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। कोर्ट ने इन अतिक्रमणकारियों को हटाने की आदेश दिए हैं।

इसके बाद भी प्रशासन न्यायालय के आदेश पर अमल कराने में नाकाम रहा है। जिससे अतिक्रमणकारी अभी भी मंदिर परिसर में काबिज हैं।

न्यायालय अपर जिला जज चतुर्थ विशेष न्यायाधीश बांदा द्वारा 25 फरवरी 2021 को रामनारायण आदि बनाम फूलचंद के मुकदमे पर फैसला देते हुए आदेश दिए थे कि महेश्वरी देवी मंदिर से जुड़े हुए हिस्सों पर अतिक्रमण किया गया है।

यह महेश्वरी देवी मंदिर ट्रस्ट की संपत्ति है। ट्रस्ट को सार्वजनिक ट्रस्ट माना गया है, इसमें किसी भी व्यक्ति का हित निहित नहीं है। अमीन, सीओ सिटी और सिटी मजिस्ट्रेट जो ट्रस्ट के पदाधिकारी भी हैं,

वह मौके पर पहुंचकर मंदिर को सभी प्रकार के अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराएं, ताकि जनमानस को मंदिर के प्रवेश में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

न्यायालय ने इस आदेश पर कार्रवाई करने के बाद 30 मार्च 2021 तक अमीन से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन प्रशासन में गत 16 सितंबर की रात अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की

और अगले दिन अतिक्रमण हटाने का मामला शिथिल पड़ गया है। मंदिर परिसर में जो दुकानें बनी है उन दुकानों पर अवैध कब्जाधारी काबिज है, उनका कब्जा बरकरार है।

इस मामले में मंदिर का ट्रस्ट भी असहाय नजर आ रहा है, जबकि नियमानुसार न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए।

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