राज्य सरकार ने महंत नरेंद्र गिरी मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश

 
State government recommends CBI inquiry into Mahant Narendra Giri case

लखनऊ, 23 सितम्बर। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रयागराज में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी के निधन से जुड़े प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति कर दी है।

प्रयागराज में बाघम्बरी पीठ में ही अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व महंत नरेंद्र गिरि की 20 सितम्बर को संदिग्धावस्था में मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने से मृत्यु की पुष्टि हुई है। बावजूद इसके समाज का एक बड़ा वर्ग यह मानने को तैयार नहीं है कि उन्होंने खुदकुशी की होगी। संत समाज से लेकर उनके शिष्यों और अनुयायियों की तरफ से जांच की मांग की जा रही थी। लोगों की मांग थी कि इस पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच कराई जाए। अयोध्या के बड़े संत व पूर्व सांसद रामविलास वेदांती ने सीबीआई जांच की मांग की थी। योग ऋषि बाबा रामदेव, महामण्डलेश्वर कैलाशानन्द, महंत हरि गिरी, हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास समेत अन्य संतों ने भी जांच की मांग की थी।

State government recommends CBI inquiry into Mahant Narendra Giri case

आमतौर पर लोगों का यह मानना है कि वह बड़े संत थे। बहुत धैर्यवान थे। लिहाजा वह इस तरह से कदम नहीं उठा सकते। बहुत सारे करीबी शिष्यों ने यह भी कहा कि वह इतना लंबा चौड़ा पत्र कभी नहीं लिखते रहे हैं। यहां तक कि उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी उनके खुदकुशी पर आश्चर्य जताते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह समेत कई अन्य मंत्री, शासन के अधिकारी प्रयागराज पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने अंतिम दर्शन करने के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रकरण से जुड़ी हर घटना की जांच की जाएगी। बुधवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद देर रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने इसकी पुष्टि की है। गृह विभाग के ट्विटर हैंडल से भी ट्वीट करके इसकी जानकारी दी गई है।

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