धर्मांतरण मामला : गिरफ्तार मौलाना कलीम सिद्दीकी की उप्र एटीएस को मिली 10 दिन की रिमांड

 
10 day remand of arrested Maulana Kaleem Siddiqui

लखनऊ, 24 सितम्बर । धर्मांतरण के मामले में मेरठ से गिरफ्तार किए गए मौलाना कलीम सिद्दकी को दस दिन की कस्टडी रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड की अवधि 24 सितम्बर की सुबह 10 बजे से शुरू होकर चार अक्टूबर की सुबह 10 बजे खत्म होगी।

एटीएस ने गुरुवार को मौलाना कलीम सिद्दीकी को एनआईए/एटीएस की विशेष अदालत में पेश कर रिमांड अर्जी दी। कोर्ट ने एटीएस की अर्जी को स्वीकारते हुए मौलाना कलीम को 10 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा।

अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि इस प्रकरण की जांच के लिए एटीएस की छह टीमें लगाई हैं। अब ये टीम कलीम सिद्दीकी से धर्मांतरण की साजिश के राज उगलवाएगी। इसके लिए सुरक्षा जांच एजेंसी की ओर से एक टीम तैनात की गई है।

10 day remand of arrested Maulana Kaleem Siddiqui

विदित हो कि एटीएस की टीम ने 21 सितम्बर की रात को मेरठ से मौलाना कलीम सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। लखनऊ लाकर उससे पूछताछ की गई और उसके कब्जे से मोबाइल फोन, सात देशी व विदेशी सिमकार्ड बरामद हुए हैं। आरोप है कि मौलाना कलीम जामिया इमाम वलीउल्ला नाम से एक ट्रस्ट भी चलाता है। देश भर में सामाजिक सौहार्द के कार्यक्रम की आड़ में भिन्न-भिन्न प्रकार के लालच देकर अवैध धर्मांतरण का सिंडिकेट चलाता है। खुद का ट्रस्ट चलाने के अलावा वह तमाम मदरसों को भी फंडिंग करता है। इसके लिए मौलाना को विदेशों से भारी धनराशि हवाला व अन्य माध्यम से भेजी जाती थी। ट्रस्ट के खाते में अब तक की जांच से कुल तीन करोड़ रुपये की फंडिंग के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जबकि खाते में एकमुश्त 1.5 करोड़ रुपया बहरीन देश से आया है। मौलाना कलीम पूर्व में गिरफ्तार किए गए उमर गौतम का सबसे करीबी है। उमर गौतम और इसके साथियों को ब्रिटिश आधारित संस्था से लगभग 57 करोड़ रुपये की फंडिंग की गई थी, जिसके खर्च का ब्योरा अभी तक अभियुक्त नहीं दे पाए हैं।

अब तक 11 लोग हो चुकी गिरफ्तारी







एटीएस ने धर्मांतरण के मामले में मौलाना कलीम सिद्दीकी समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें छह लोगों के खिलाफ विभिन्न तिथियों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी और बाकि अन्य के खिलाफ जांच चल रही है।

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