उप्र की सहकारी चीनी मिलें पूर्ण क्षमता से करेंगी गन्ना पेराई : भूसरेड्डी

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र की चीनी मिलों को 20 अक्टूबर से गन्ना पेराई का कार्य प्रारम्भ करना है। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास संजय आर. भूसरेड्डी
 
UP cooperative sugar mills will crush sugarcane at full capacity Bhoosreddy
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र की चीनी मिलों को 20 अक्टूबर से गन्ना पेराई का कार्य प्रारम्भ करना है। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास संजय आर. भूसरेड्डी ने संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय से चीनी मिलों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाएं संनिश्चित कर लें।
 

UP cooperative sugar mills will crush sugarcane at full capacity Bhoosreddy



अपर मुख्य सचिव, संजय आर. भूसरेड्डी ने सहकारी चीनी मिलों के निर्बाध एवं कुशल संचालन के संबंध में गन्ना बाहुल्य जिलों के जिलाधिकारियों के साथ शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेेंसिंग के माध्यम से विभिन्न बिन्दुओं पर समीक्षा बैठक भी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, इसलिए पेराई सत्र प्रारम्भ करने से पूर्व अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान कराना भी सुनिश्चित किया जाए।



वर्चुअल समीक्षा बैठक में सहकारी चीनी मिलों के सभापति श्री भूसरेड्डी द्वारा जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिलों में स्थित सहकारी चीनी मिल के प्रशासक होने के नाते सहकारी चीनी मिलों के बजट कन्ट्रोल करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए पेराई सत्र के सुचारू संचालन के लिए मशीनरी मरम्मत एवं रख-रखाव के निर्धारित बजट का गुणवत्तापूर्ण उपयोग का अनुश्रवण किया जाए। इसके साथ ही पेराई सत्र के दौरान पूर्ण क्षमता के अनुरुप सहकारी चीनी मिलों को संचालित कराने के निर्देश भी दिये गये।



समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न बिन्दुओं पर जिलाधिकारियों से व्यापक चर्चा हुयी, जिनमें प्रमुख रूप से विगत पेराई सत्र के गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति, पेराई सत्र 2021-22 प्रारम्भ किये जाने की तिथि एवं कार्य योजना आदि पर समीक्षा की गयी।



इसके अतिरिक्त समीक्षा बैठक में जिलाधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि सहकारी मिलों के प्रमुख उत्पाद चीनी को बन्धक रखकर सृजित आहरण क्षमता के सापेक्ष प्राप्त की जाने वाली धनराशि के सम्बन्ध में शासकीय गारण्टी निर्गत किये जाने हेतु बैंकों से सम्बन्धित समस्याओं का निराकरण करायें।



बैठक में स्थापन सम्बन्धित प्रकरणों पर भी विस्तृत समीक्षा की गयी जिनमें स्वीकृत स्टाफिंग पैटर्न के सापेक्ष कार्यरत कर्मियों की स्थिति, दैनिक वेतनध्संविदाध् आउटसोर्सिंग से लिये जा रहे तकनीकी एवं सामान्य कर्मियों की स्वीकृति का आधार आदि बिन्दु प्रमुख रहे।



इसके अलावा चीनी के भण्डारण एवं उसकी सुरक्षा हेतु की जा रही व्यवस्था, पर्यावरण, प्रदूषण नियन्त्रण एवं एनजीटी द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरुप संचालन की समीक्षा भी की गई। सभापति द्वारा मिल में ठेके पर कराये जा रहे कार्यो हेतु प्रक्रिया एवं निर्धारित दरों तथा गन्ना परिवहन के ठेकेदारों के कार्टलाइजेशन से परिवहन दरों में वृद्धि रोकने के संबंध में भी निर्देश दिये गये। श्रमिकों एवं कार्मिकों द्वारा माननीय न्यायालय में योजित वाद के निस्तारण की स्थिति तथा कार्यरत् श्रमिकों के साथ होने वाली आकस्मिकताओं के सम्बन्ध में सुरक्षा एवं बचाव के लिए सिविल डिफेन्स, एनसीसी, अग्निशमन विभाग से सहयोग की अपेक्षा के सम्बन्ध में भी बैठक में चर्चा की गयी।



अन्त में अपर मुख्य सचिव द्वारा सभी जिलाधिकारियों एवं चीनी मिलों के प्रधान प्रबन्धकों तथा विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेराई सत्र 2021-22 को आदर्श पेराई सत्र के रूप में संचालित कराना सुनिश्चित करें, जिससे प्रदेश के गन्ना किसानों का विश्वास सहकारी चीनी मिलों के प्रति और प्रगाढ हो।



समीक्षा बैठक में मुख्यालय से प्रबन्ध निदेशक, सहकारी चीनी मिल संघ, रमाकान्त पाण्डेय, संयुक्त प्रबन्ध निदेशक, आरपी सिंह, अपर गन्ना आयुक्त व प्रबन्ध निदेशक, गन्ना संघ, वाईएस मलिक, अपर गन्ना आयुक्त व प्रबन्ध निदेशक बीज निगम, वीके शुक्ल, प्रधान प्रबन्धक परियोजना सुनील कुमार ओहरी, प्रधान प्रबन्धक, तकनीकी, विनोद कुमार एवं प्रधान प्रबन्धक, वित्त, अतुल खन्ना उपस्थित रहे।

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