स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अन्तर्गत मुंगेर जिले के 22 पंचायतों को खुले में शौच से हुए मुक्त

केंद्र सरकार की महात्वाकांक्षी योजना में से एक स्वच्छ भारत मिशन अन्तर्गत बिहार के मुंगेर सहित 12 जिलों में गंगा किनारे की पंचायतों को खुले शौच से मुक्त करने की वर्ष
 
Under Swachh Bharat Mission Rural 22 panchayats of Munger district have been made open defecation free.

केंद्र सरकार की महात्वाकांक्षी योजना में से एक स्वच्छ भारत मिशन अन्तर्गत बिहार के मुंगेर सहित 12 जिलों में गंगा किनारे की पंचायतों को खुले शौच से मुक्त करने की वर्ष 2014 में शुरू की गई योजना वर्ष 2020 में जिले में पूरी कर ली गईं । जिले के मुंगेर सदर, जमालपुर, धरहरा और बरियारपुर प्रखंडों की 22 पंचायतों में इस योजना की प्रोत्साहन राशि बारह हजार रुपये 48,948 व्यक्तियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से स्थानांतरित किया गया जिससे उन्होंने अपने घरों में शौचालय निर्माण कराया। इससे गंगा किनारे के गांवों में खुले शौच की प्रथा बंद हो जाने से गंगा का प्रदूषण भी रुक गया।

Under Swachh Bharat Mission Rural 22 panchayats of Munger district have been made open defecation free.

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला समन्वयक सुजीत कुमार ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में बताया कि भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अन्तर्गत नमामि गंगे परियोजना के तहत मुंगेर जिले के चार प्रखंडों की 22 पंचायतों को खुले शौच से मुक्त करने की योजना की शुरूआत वर्ष 2014 में की । यह योजना 2020 में पूर्ण हो गईं ।इन चारों प्रखंडों में 48 हजार 948 ग्रामीणों ने इस योजना के अन्तर्गत 12 हजार की प्रोत्साहन राशि से अपने-अपने घरों में शौचालयों का निर्माण कराया और खुले में शौच की पुरानी प्रथा पर विराम लगा दिया। अब खेत, बहियार और गंगा किनारे खुले में शौच की परंपरा बंद हो गईं।भारत सरकार ने अपने-अपने घरों में शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि के रुप में 48 हजार 948 लाभार्थियों को 58 करोड़ 73 लाख 76 हजार का भुगतान डीबीटी प्रणाली के माध्यम से किया।

सुजीत कुमार ने बताया कि अब जिला प्रशासन स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के द्वितीय चरण में गंगा किनारों की संभी पंचायतों में ठोस और तरल कचरा प्रबंधक का कार्य शुरू करने जा रहा है । उन पंचायतों के सभी घरों से ठोस और गीला कचरा एक जगह एकत्रित किया जायेगा जहां गीले कचरे से कम्पोस्ट खाद का निर्माण होगा और ठोस कचरे की बिक्री की जायेगी।

मुंगेर के सीताकुंड डीह गांव की लाभार्थी अंजू देवी बताती हैं कि सरकार से स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 12 हजार रुपये मिलने के बाद घर में शौचालय का निर्माण कराया । अब परिवार के लोगों को घर के बाहर खेत या बहियार में शौच करने के लिए जाने की जरूरत नहीं पड़ती है।मुंगेर के सीताकुंड डीह गांव की लाभार्थी माला देवी का घर गंगा नदी के किनारे अवस्थित है। वह कहती है कि 12 हजार रुपये से उन्होंने शौचालय का निर्माण कराया है । उनके परिवार के लोग अब घर के शौचालय का ही प्रयोग करते हैं।लाभार्थी बीरबल कुमार, चरौन गांव के लाभार्थी अमित कुमार झा और लाभार्थी शैलेन्द्र कुमार बताते हैं कि घरों में शौचालयों के निर्माण के बाद अब उनके परिवार के लोग शौच के लिए खेत या बहियार नहीं जाते हैं । वे लोग सरकार की इस योजना से खुश हैं ।

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