उज्जैन: महिला एवं बाल विकास विभाग खरीद रहा महंगी सब्जियां

महिला एवं बाल विकास विभाग,उज्जैन द्वारा बाल संरक्षण गृहों के लिए सब्जी खरीदी के मामले में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। यहां पुराने टेंडर के मनमाने रेट से ही एक
 
Ujjain Women and Child Development Department is buying expe

महिला एवं बाल विकास विभाग,उज्जैन द्वारा बाल संरक्षण गृहों के लिए सब्जी खरीदी के मामले में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। यहां पुराने टेंडर के मनमाने रेट से ही एक ही फर्म से सब्जी खरीदी जा रही है। जबकि नियमानुसार हर साल नया टेंडर किया जाना जरूरी है। हालात यह है कि उज्जैन में इस समय हरी मिर्च बिक रही है 10 से 15 रू. प्रति किग्रा। व्यापारी द्वारा 50 रू. प्रति किग्रा का भाव लिया जा रहा है। अन्य सब्जियों को लेकर भी यही स्थिति है।

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जिले के बाल संरक्षण गृहों में रहने वाले बच्चों के लिए वर्ष भर में लगने वाली सब्जी की व्यवस्था महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा की जाती है। जिसके लिए विभाग प्रतिवर्ष सब्जी आपूर्ति के लिए टेंडर जारी करता है। वर्ष 2020 में हुए टेंडर का समय जून,2021 में पूर्ण हो चुका है,लेकिन अभी भी पुरानी फर्म से सब्जी की आपूर्ति करवाई जा रही है।

पहले भी दोगुने रेट पर खरीदी थी सब्जियां

विभाग द्वारा गत एक साल से दोगुने दाम पर सब्जी खरीदी जा रही है। वर्ष 2020 में हुए टेंडर की खास बात यह थी कि विभाग ने जिस फर्म के साथ सब्जी सप्लाई का अनुबंध किया था,उसने स्थानीय बाजार मूल्य से सब्जियों के दोगुने दाम पेश किए थे। बावजूद उसका टेंडर पास हो गया। अभी भी जिम्मेदार उसी एक फर्म को फायदा पहुंचा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो यही मुख्य वजह है कि अधिकारी नया टेंडर जारी करने में लेटलतीफी कर रहे हैं। टेंडर में तकरीबन सभी सब्जियां का अधिकतम दाम वसूला जा रहा है। उदाहरण के तौर पर धनियां 70 रुपए में तो हरी मिर्च 50 रुपए किलो में सप्लाय की जा रही है। जिनका वर्तमान बाजार मूल्य 10 से 15 रुपए किलो चल रहा है।

इनका कहना है

इस संबंध में चर्चा करने पर विभाग के प्रमुख एस आर सिद्धीकी ने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर चल रही विभागीय व्यस्तता के कारण इस साल का टेंडर अभी जारी नहीं हुआ है। आगामी कुछ दिनों के भीतर इस विषय पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

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