बड़ौदामेव में युवक को भीड़ ने पीटा, जयपुर में तीन दिन बाद मौत, अब आहूजा ने दी सरकार को चेतावनी

पहलू खां के मामले के बाद एक बार फिर मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है। इस बार मॉब लिंचिंग बड़ौदामेव के मीना का बास में हुई है। इस मामले को लेकर पूर्व विधायक
 
The youth was beaten up by a mob in Barodamev after three da

पहलू खां के मामले के बाद एक बार फिर मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है। इस बार मॉब लिंचिंग बड़ौदामेव के मीना का बास में हुई है। इस मामले को लेकर पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने शासन-प्रशासन को प्रकरण में शीघ्र ही कार्रवाई करने, हत्या की धारा के साथ साथ माॅब लिंचिग की धाराएं भी आरोपितों पर लगाने और दलित उत्पीडन पर लगाम लगाने के लिये ठोस कानूनी कार्यवाही एवं माॅनिटरिंग करने को लेकर चेताया है। उन्होंने कहा है कि यह नहीं हुआ तो एक बड़ा आन्दोलन किया जाएगा।

The youth was beaten up by a mob in Barodamev after three da



आहूजा ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र रामगढ़ के बडौदामेव थानान्तर्गत मुस्लिम समुदाय द्वारा एक दलित युवक की पीट पीट कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। बडौदामेव थानान्तर्गत दलित युवक योगेश पुत्र ओमप्रकाश को मुस्लिम समुदाय द्वारा एक मुस्लिम बालिका को मोटरसाइकिल से टक्कर मारने का आरोप लगाकर सरेआम बेरहमी से मारा-पीटा गया, जिससे गम्भीर घायल युवक को पहले अलवर में चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया एवं हालत गम्भीर होने पर जयपुर एसएमएस चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। तथाकथित टक्कर से मुस्लिम बालिका को खरोंच भी नहीं आई है। फिर भी युवक की हत्या कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रकरण में शामिल 20-25 आरोपितों को बचाने के लिये जांच के लिए भेजे गए एएसआई ने तहरीर तक समय पर नही की एवं पोस्टमाॅर्टम भी मैने एसएमएस अधीक्षक को कहकर करवाया है।

उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार द्वारा राज्य में लागू किये गये माॅबलिंचिग कानून को क्या सिर्फ गौतस्कर मुस्लिमों के बचाव के लिये ही बनाया गया है? या फिर इस प्रकरण में भी माॅब लिंचिग कानून के तहत कार्यवाही की जायेगी? दूसरे राज्यो में दलितों के उत्पीडन पर झूठा और दिखावटी हल्ला मचाने वाली कांग्रेंस सरकार के शासन में दलित बहनों के साथ बलात्कार पे बलात्कार और शोषण हो रहा है और युवकों की हत्या हो रही है, कहां सो रहे हो गहलोत साहब? दलितों को न्याय कब मिलेगा?

घटना के अनुसार 15 सितम्बर को भटपुरा निवासी योगेश पुत्र ओमप्रकाश बाइक से गांव की तरफ जा रहा था। मीना का बास के पास एक गड्ढे को बचाते समय उसकी बाइक महिला से टकरा गई। इसके बाद भीड़ ने रास्ता रोक लिया और उसकी जमकर पिटाई की। भीड़ ने उसे इतनी बुरी तरह पीटा, कि वह कोमा में चला गया। इस मामले में 6 के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। जयपुर में तीन दिन इलाज के बाद शनिवार को उसकी मौत हो गई। रविवार को ग्रामीणों ने बडौदामेव में अलवर-भरतपुर रोड पर दोपहर करीब 3 से शाम 6 बजे तक शव रखकर विरोध जताया। प्रशासन के सामने कई मांग रखी है। प्रशासन की समझाईश के बाद आंदोलन खत्म कर शव का अंतिम संस्कार किया गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट कहा है कि उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ है। आरोपितों को पुलिस तुरंत गिरफ्तार करे और जेल में डाले। परिवार के भरण पोषण के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की गई है।







इस मामले में याेगेश के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था कि रसीद, साजेत पठान, मुबीना तथा अन्य चार लोगों ने योगेश को घेर लिया। यह कहा कि तूने हमारी लड़की को टक्कर मारी है। इसके बाद लाठी व डण्डों से पीटा। योगेश के कान में खून आने लग गया था। कई अन्य जगह भी चोटें आई थीं। उसी समय योगेश कोमा में चला गया था। पहले उसे अलवर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से जयपुर रेफर कर दिया गया था। जयपुर एसएमएस में 18 सितम्बर को उसकी मौत हो गई। अगले दिन 19 सितम्बर को पोस्टमाॅर्टम कर शव परिजनों को सौंपा गया। रविवार को परिजनों ने शव को अलवर-भरतपुर मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया।

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