कोरोना से हुई मौत पर केंद्र सरकार के मुआवजे को सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

 
The Supreme Court approved the compensation of the Central Government on the death due to Corona

 सुप्रीम कोर्ट ने दावे के 30 दिनों के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना से हुई मौत के लिए परिजनों को पचास हजार रुपये का मुआवजा देने के केंद्र के निर्देश को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने कहा कि मृतक के परिवार को मिलने वाला यह मुआवजा दूसरी कल्याण योजनाओं से अलग होगा। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने दावे के 30 दिनों के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया। यह धनराशि राज्यों के आपदा प्रबंधन कोष से दिए जाएंगे। जस्टिस कोर्ट ने 23 सितंबर को कहा था कि केंद्र और राज्य सरकारों को आपदा प्रबंधन कोष से बहुत से खर्च करने होते हैं। इसके बावजूद लाखों लोगों को मुआवजा देना बड़ी बात। विपरीत परिस्थितियों में भारत ने जिस तरह काम किया है, वह सराहनीय है।

सरकार ने कोर्ट को बताया कि आत्महत्या करने वाले कोरोना मरीजों के परिवार को भी मुआवजा मिलेगा। दिल के दौरे से मरने वाले कोरोना मरीजों का परिवार भी जिला कमेटी को आवेदन दे सकेगा। जांच के बाद कमेटी मुआवजे पर विचार कर सकती है। 22 सितंबर को केंद्र सरकार ने हलफनामा दायर कर बताया था कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। कोरोना से हुई हर मौत के लिए परिवार को 50 हजार रुपए का मुआवजा मिलेगा। राज्यों के आपदा प्रबंधन कोष से ये पैसे मिलेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने 13 सितंबर को कोरोना से मौत को मृत्यु प्रमाणपत्र में दर्ज करने के सरकार के फैसले पर संतोष जताया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि कोरोना पीड़ित के आत्महत्या करने पर मौत की वजह कोरोना न लिखने के प्रावधान पर दोबारा विचार हो। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर ने कोरोना मृत्यु प्रमाणपत्र को दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि रिपोर्ट पॉजिटिव आने के 30 दिन के भीतर अगर मौत होती है, तो उसे कोरोना से हुई मौत माना जाएगा।

दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि अगर किसी कोरोना मरीज की मौत जहर से, आत्महत्या से, हत्या से या किसी दुर्घटना से हो जाती है तो उसे कोरोना से मौत नहीं माना जाएगा। हलफनामा में कहा गया है कि अगर किसी कोरोना मरीज की घर या अस्पताल में मौत होती है तो रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ एंड डेथ एक्ट की धारा 10 के तहत जो फॉर्म-4 और 4ए जारी किया जाएगा, उसमें मौत का कारण कोरोना लिखा जाएगा। हलफनामा में कहा गया है कि रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया इसको लेकर जल्द ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चीफ रजिस्ट्रार के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी करेंगे।

The Supreme Court approved the compensation of the Central Government on the death due to Corona

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