वैश्विक महामारी के बीच खिलाड़ियों ने आशा की किरण दिखाई : उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि महामारी की वजह से निराशा के अंधकार के बीच खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने मानवता को आशा की नई किरण दिखाई है।
 
 
Sportspersons showed a ray of hope amid global pandemic Vice
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि महामारी की वजह से निराशा के अंधकार के बीच खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने मानवता को आशा की नई किरण दिखाई है।

टोक्यो पैरालिंपिक्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का अभिनंदन करते हुए नायडू ने कहा कि इस वर्ष के टोक्यो ओलंपिक और पैरालंपिक में भारतीय दल का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। इस वर्ष के खेलों में देश ने सर्वाधिक पदक हासिल किए। ये सब प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के जुझारू जज्बे के कारण संभव हो सका।
Sportspersons showed a ray of hope amid global pandemic Vice

उपराष्ट्रपति आज टोक्यो पैरालंपिक 2020 के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित करके वे स्वयं को भी सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में विश्व भर के खिलाड़ियों ने नए विश्व और ओलंपिक रिकॉर्ड बनाए और अपने भी प्रदर्शन को बेहतर किया।



नायडू ने कहा कि ये खेल बड़ी असामान्य परिस्थितियों में आयोजित किए गए थे। खिलाड़ियों पर अनेक प्रकार के बंधन थे। स्टेडियम बंद रहने के कारण खिलाड़ियों का प्रशिक्षण बाधित हुआ था। ऐसी असामान्य परिस्थितियों में खिलाड़ियों की उपलब्धियां और भी अधिक शानदार हैं। उन्होंने कहा कि पैरालिंपिक में खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश के लिए कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आपकी सफलताएं देश में एक नई खेल संस्कृति का निर्माण करेंगी।



उपराष्ट्रपति ने कहा कि सबसे पहले तो आपकी प्रतिस्पर्धा स्वयं आपसे रही होगी, उस सामाजिक मानसिकता से रही होगी जो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के हौंसले को दबाने की कोशिश करती है। पैरालिंपिक में पदक जीतने से पहले खिलाड़ियों ने इन बाधाओं को जीता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर हर शहर में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आवश्यक एथलेटिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। नायडू ने कहा कि इन चुनौतियों के साथ पैरालिंपिक में खिलाड़ियों की सफलता कहीं अधिक बड़ी और देश के लिए महत्वपूर्ण है।



नायडू ने कहा कि आपकी सफलता देश के युवाओं के लिए संदेश है। आपकी सफलता देश के खेल प्रशासकों और संस्थानों के लिए भी संदेश देती है कि स्थानीय स्तर पर हमारे दिव्यांग साथियों की खेल प्रतिभा को पहचाना और प्रोत्साहित किया जाये। उनके लिए सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।



हरियाणा में खेल की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि खेल संस्कृति का निर्माण करने के लिए नीतिगत और संस्थागत प्रयास किए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कारों से प्रोत्साहित किया जा रहा है। हरियाणा के नीतिगत प्रयास अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय रहे हैं जिन्होंने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित, सम्मानित करने के लिए नीतिगत प्रयास किए हैं।



नायडू ने कहा कि खेलों में सफलता देश के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाती है। खेल प्रतिभाओं को बढ़ने के लिए समाज में खेल संस्कृति का होना जरूरी है जो खेलों को एक करियर के रूप में स्वीकार करे और खिलाड़ियों को सम्मान दे।



इस अवसर पर प्रदेश के पदक विजेता खिलाड़ियों ने अपने अनुभव साझा किए और खेलों पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।



समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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