सीवान को 147 मेगावाट के स्थान पर मात्र 90-95 मेगावाट ही हो रही है बिजली की आपूर्ति

 
Siwan is getting only 9095 MW instead of 147 MW

सीवान , 09 अक्टूबर त्योहारों के इस मौसम में सरकार के द्वारा जिले में किए जा रहे बिजली कटौती से आम से लेकर खास लोग परेशान और प्रभावित हो रहें हैं।

जिले में पिछले एक सप्ताह से बिजली संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। बीते चार दिनों में बिजली संकट काफी गहरा गया है। इस वजह से सब-स्टेशनों के सभी फीडर रोटेशन के आधार पर चलाए जा रहे हैं।

जिले को बिजली का आपूर्ति काफी कम होने से एक या दो घंटे के अंतराल पर लोगों को बिजली की सप्लाई मिल पा रही है। दशहरा के मौके पर बिजली की आपूर्ति कम होने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

ऊपर से उमस भरी गर्मी में लोगों का चैन से जीना मुहाल हो गया है। इसे लेकर बिजली कंपनी के अधिकारी तो कुछ खुलकर नहीं बता रहे हैं। लेकिन, कहा जा रहा है कि बिहार में कोयले की कमी हो जाने के कारण बिजली के उत्पादन पर कम होने लगा है।

इसी वजह से जिले को बिजली की आपूर्ति कम हो रही है।बहरहाल, बिजली की सप्लाई में भारी कटौती से लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि 10 मेगावाट बिजली रेलवे को अनिवार्य सेवा के तहत नियमित रूप से देनी पड़ती है।

इसके बाद बची बिजली सबस्टेशनों को बांटी जाती है। हालांकि, रेलवे को सीवान शहर से बिजली की आपूर्ति की जाती है। रघुनाथपुर ग्रिड के कनीय अभियंता विकेश कुमार ने कहा कि 2019 में उनके यहां 19 मेगावाट बिजली की खपत थी। आज 45 मेगावाट तक पहुंच गयी है।

मलमलिया ग्रिड के कनीय अभियंता ने कहा कि बिजली संकट से उन्हें काफी कम आपूर्ति हो रही है। उल्लेखनीय हो कि सीवान जिले में मौजूद तीनों ग्रिडों में से किसी एक को भी बिजली की आपूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है। इससे शहर से लेकर गांव तक बिजली का संकट बना हुआ है।

सीवान शहर में 150 मेगावाट क्षमता का एक पावर ग्रिड मौजूद है। इसके अलावा रघुनाथपुर प्रखंड में 100 और मलमलिया में 40 मेगावाट क्षमता का 132/33 केवीए का ग्रिड उपकेन्द्र मौजूद है। इन तीनों ग्रिडों से जिले के 33 सबस्टेशनों को बिजली की आपूर्ति की जाती है।

सभी सबस्टेशनों को एक साथ चलाने के लिए 147 मेगावाट बिजली की जरूरत है। जबकि मौजूदा समय में औसन 90 से 95 मेगावाट ही बिजली की आपूर्ति हो पा रही है। अधिकारियों के अनुसार सीवान शहर की ग्रिड को औसतन 60 से 70 मेगावाट, रघुनाथपुर के

ग्रिड को 15 से 20 मेगावाट और मलमलिया ग्रिड को 10 से 12 मेगावाट ही बिजली की आपूर्ति हो रही है। कभी-कभी तो सीवान शहर के ग्रिड को 25 मेगावाट ही बिजली मिल रही है। वहीं रघुनाथपुर और मलमलिया के ग्रिड को भी कम आपूर्ति से ही संतोष करना पड़ रहा है।

बता दें कि रघुनाथपुर के ग्रिड उपकेन्द्र से तीन रूटों के अंतर्गत 9 सब स्टेशनों को सप्लाई की दी जाती है। पहले रूट में रघुनाथपुर, चैनपुर व रजनपुरा के सबस्टेशन शामिल हैं। दूसरे रूट में दरौली, गुठनी व मैरवा और तीसरे रूट में मीरपुर, संथुबंधु व करहनू के सब स्टेशन शामिल हैं।

इसके अलावा तितरा सब स्टेशन को यहीं से बिजली की आपूर्ति होती है। इन सभी सबस्टेशनों के सभी फीडरों में सप्लाई देने के लिए 45 मेगावाट तक बिजली की जरूरत है। वहीं मलमिलया के सब स्टेशन को कुल 30 मेगावाट बिजली की जरूरत है।

यहां से महाराजगंज मंडल के जलालपुर, गोरियाकोठी, डुमरा, लकड़ी नबीगंज, बसंतपुर, सराय पड़ौली, भगवानपुर हाट व रिसौड़ा सब स्टेशन को बिजली की आपूर्ति होती है। जबकि सीवान ग्रिड से महाराजगंज मंडल के ही दरौंदा, पचरूखी, सिसवां, बड़हरिया, कैलगढ़ व महाराजगंज पावर सब स्टेशन को बिजली की आपूर्ति होती है।

इधर, सीवान मंडल के शहर स्थित रामनगर, श्रीनगर, बड़का मांझा, हथौजी, नौतन, बिंदुसार और शहर के ही तरवारा मोड़ स्थित दो पावर सब स्टेशनों को बिजली की आपूर्ति होती है।

Siwan is getting only 9095 MW instead of 147 MW

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