लखीमपुर में दिवंगत पत्रकार के परिजनों से मिलने के बाद भूख हड़ताल पर बैठे सिद्धू

लखीमपुर की घटना को मुद्दा बनाकर पूरा विपक्ष योगी सरकार को घेरने में लगा हुआ है। इसी कड़ी में नवजोत सिंह सिद्धू शुक्रवार को पीड़ितों से मिले। वे दिवंगत पत्रकार रमन कश्यप के घर पहुंचे और परिजनों से बातचीत करने के बाद
 
Sidhu sat on hunger strike after meeting the kin of the late journalist in Lakhimpur
लखीमपुर की घटना को मुद्दा बनाकर पूरा विपक्ष योगी सरकार को घेरने में लगा हुआ है। इसी कड़ी में नवजोत सिंह सिद्धू शुक्रवार को पीड़ितों से मिले। वे दिवंगत पत्रकार रमन कश्यप के घर पहुंचे और परिजनों से बातचीत करने के बाद वहीं धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक केन्द्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, मैं यहां भूख हड़ताल पर बैठूंगा। इसके बाद मैं मौन हूं कोई बात नहीं करूंगा।
Sidhu sat on hunger strike after meeting the kin of the late journalist in Lakhimpur
नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को लखीमपुर घटना में दिवंगत हुए पत्रकार रमन कश्यप के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ विधायक मदनलाल, शिमला के लोकनिर्माण मंत्री विजेंदर, विधायक राजकुमार चब्बेआल, पटियाला के कांग्रेस जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह उड्सर, उपाध्यक्ष गौरव संधू, ओएसडी सुमिल सिंह भी शामिल रहे।



धरने पर बैठने से पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने पत्रकारों से कहा कि इंसानियत मर चुकी है। किसानों के ऊपर सोच समझकर तेज गाड़ी भगाकर रौंदते हुए चले जाना कहां की इंसानियत है। ये हैवानियत है, कोई हैवान ही ऐसा कर सकता है। यहां इंसाफ का दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। अमीर के लिए, मंत्री के लिए, गरीब के लिए और किसान के लिए अलग-अलग कानून लागू किये जा रहे हैं। मैं स्वतंत्रता सेनानी का बेटा हूं, इसलिए मैं विनम्रता से कहता हूं कि जब तक केन्द्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, मैं यहां भूख हड़ताल पर बैठूंगा, कोई परवाह नहीं। ये किसान की इज्जत की रोटी की लड़ाई है। गरीब और मजलूमों के हकों की लड़ाई है। हक की लड़ाई से एक इंच भी पीछे नहीं हटूंगा।
 

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