रायपुर : कोरोना से लड़ाई में सहयोग पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़वासियों को किया नमन

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार की देर शाम को राजधानी के एक निजी होटल में आयोजित छत्तीसगढ़ रत्न अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना से लड़ाई में छत्तीसगढ़
 
Raipur Chief Minister salutes the people of Chhattisgarh for their cooperation in the fight against Corona

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार की देर शाम को राजधानी के एक निजी होटल में आयोजित छत्तीसगढ़ रत्न अवार्ड समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना से लड़ाई में छत्तीसगढ़ के सभी वर्गों के लोगों ने जो सहयोग और एकजुटता दिखाई है, उसी के कारण आज छत्तीसगढ़ कोरोना वायरस से सुरक्षित है।

Raipur Chief Minister salutes the people of Chhattisgarh for their cooperation in the fight against Corona

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लड़ाई में समाज के सभी वर्ग के लोगों ने चाहे वह सामाजिक क्षेत्र से जुड़े हुए हो, औद्योगिक या व्यापारिक क्षेत्र से, चाहे हमारे डॉक्टरों, नर्सों, मीडिया कर्मियों के साथ आमजनों सहित सभी ने अपने-अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया। राज्य सरकार के आव्हान पर लोगों की मदद के लिए समाज के सभी वर्गों के लोग सामने आए और अपनी जान जोखिम में डालकर मानवता की सेवा में जुट गए। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ वासियों को नमन करता हूं। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ रत्न अवार्ड से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियों को सम्मानित किया। समारोह में राजधानी रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी में जब लोगों ने अपनों का साथ छोड़ दिया था तब राज्य सरकार के आव्हान पर समाज के सभी वर्गों के लोग सहयोग के लिए आगे आए। इस संकट काल में लोगों का सहयोग सराहनीय रहा है। मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस के खिलाफ राज्य शासन द्वारा किए गए प्रयासों के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के द्वारा दिए गए सहयोग को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अचानक लॉकडाउन लगने से लोग विषम परिस्थितियों में फंस गए थे। उनके सामने भोजन से लेकर आमदनी का संकट खड़ा हो गया था। इसके साथ ही साथ अस्पतालों में व्यवस्थाएं करने की जरूरत थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की पहली लहर में छत्तीसगढ़ में कोरोना का प्रकोप कम रहा। राज्य सरकार ने सभी जरूरी व्यवस्थाएं की। जिससे कोरोना नियंत्रण में रहा। दूसरी लहर में सबसे बड़ी समस्या हमारे पास ऑक्सीजन की कमी की थी। हमारे पास ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट थे, लेकिन सिलेंडरों की कमी थी। राज्य सरकार के आव्हान पर औद्योगिक घरानों ने 19 हजार ऑक्सीजन सिलेंडरों की व्यवस्था की। राज्य सरकार ने भी 18 फैक्ट्रियों को मेडिसिनल ऑक्सीजन के उत्पादन की अनुमति दी। जिसका परिणाम यह हुआ कि छत्तीसगढ़ में ऑक्सीजन की कमी नहीं हो पाई और छत्तीसगढ़ ने दूसरे राज्यों को भी ऑक्सीजन की सप्लाई की। उन्होंने कहा कि हमारे डॉक्टरों, नर्सों, मेडिकल स्टाफ में 24 घंटे लोगों की विषम परिस्थितियों में किट पहन कर सेवा की। विभिन्न समाज के लोगों ने भी भोजन की व्यवस्था करने और अपने सामाजिक भवन मरीजों के लिए उपलब्ध कराये। सभी सहयोग से आज छत्तीसगढ़ कोरोना संकट से सुरक्षित है।

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