रायपुर : भूपेश सरकार जशपुर दिव्यांग केंद्र मामले की न्यायिक जांच कराए : विष्णुदेव साय

 
Raipur Bhupesh government should conduct judicial inquiry into Jashpur Divyang Center case Vishnudev Sai
रायपुर, 25 सितंबर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने जशपुर जिला के समर्थ दिव्यांग केंद्र में दिव्यांग बच्चों और बच्चियों के साथ घटित अमानवीय घटना एवं बलात्कार जैसे घिनौने कृत्य की बात सामने आने को हृदय विदारक बताते हुए शीघ्र एक्सपर्ट के देख रेख में पीड़ित दिव्यांगों के साथ घटित अमानवीय घटना की न्यायिक जांच की मांग की हैं और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग उन्होंने की हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने सवाल उठाते हुए सीधे प्रदेश सरकार की लापरवाही को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया हैं। उन्होंने सवाल किया कि दिव्यांग केंद्र में महिला केयर टेकर क्यों नहीं थी? रात्रि की घटना बताई जा रही हैं ऐसे में रात्रि के वक्त हॉस्टल अधीक्षक क्यों मौजूद नहीं थे? दिव्यांग केंद्र में संकेतक भाषा समझने वाला कोई एक्सपर्ट नहीं हैं ऐसे में कैसे बोलने और सुनने में असमर्थ दिव्यांग बच्चों को हॉस्टल में रखा जा रहा था? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि बोलने और सुनने में असमर्थ दिव्यांग बच्चों के साथ हृदय विदारक घटना घट जाती हैं, घटना 22 सितंबर की रात की बताई जा रही हैं यानी तीन दिनों से घटना को दबाने का प्रयास किया जा रहा था यह शर्मनाक हैं। उन्होंने केयर टेकर के शराब के नशे में हॉस्टल पहुंचने पर भी सवाल उठाए हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जशपुर के दिव्यांग केंद्र की घटना को गंभीरता से लेते हुए न्यायिक जांच के शीघ्र आदेश देने और जांच में यह भी पता लगाने की मांग की हैं कि क्या यह जाशपुर दिव्यांग केंद्र में पहली घटना हैं जो उजागर हो गयी या इससे पूर्व भी बोलने और सुनने में असमर्थ बच्चियों के साथ बलात्कार और यौवन शोषण की घटनाएं होती रही हैं और अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया जाता रहा हैं। भाजपा अध्यक्ष साय ने प्रदेश सरकार से दिव्यांग केंद्र के बच्चों को पर्याप्त सुरक्षा और सुविधा उपलब्ध करवाने एवं एक्सपर्ट से काउंसलिंग कर बच्चों की मनः स्थिति को जानने एवं चिकित्सकीय इलाज मुहैया कराने की मांग के साथ -साथ प्रदेशभर के दिव्यांग केंद्रों में भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए प्रदेश सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की हैं।

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