महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर को धार्मिक आधार पर बांटने का लगाया आरोप

 
Mehbooba Mufti accused the central government of dividing Jammu and Kashmir on religious lines

जम्मू, 22 सितम्बर । भाजपा पर जम्मू-कश्मीर को धार्मिक आधार पर बांटने का आरोप लगाते हुए पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश को बेच दिया है। जम्मू और कश्मीर को सरकार द्वारा बाहर के लोगों के लिए बिक्री पर रखा गया है। वे चाहते हैं कि हम दिवालिया हो जाएं ताकि हमें दूसरे राज्यों के लोगों पर निर्भर बनाया जा सके।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख ने दावा किया कि पूर्ववर्ती राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान शुरू की गई सभी परियोजनाओं को केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने रोक दिया है। आबकारी नीति के तहत शराब कारोबार के ठेके बाहरी लोगों को दिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के लोग शराब का सेवन करेंगे लेकिन मुनाफा बाहरी लोगों को जाएगा। उन्होंने दावा किया कि खनन ठेके समेत सभी बड़ी परियोजनाएं बाहरी लोगों को आवंटित कर दी गई हैं।

शहर में रिलायंस रिटेल स्टोर खोलने के खिलाफ बुधवार को जम्मू के व्यापारियों के बंद का समर्थन कर रही मुफ्ती ने कहा कि यह स्टोर छोटे व्यवसायों को नष्ट कर देंगे। उन्होंने कहा कि देश में हमारे पास जो कुछ है वे भाजपा सरकार कॉरपोरेट घरानों को बेच रही हैं।

जम्मू-कश्मीर में आने वाले निवेश के बारे में एक सवाल के जवाब में महबूबा ने कहा कि हमें पहले जो भी निवेश मिला था वह भी नष्ट हो गया है। उन्होंने कहा कि पहले कश्मीर में हमले होते थे लेकिन अब वे जम्मू में हो रहे हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर जम्मू-कश्मीर के लोगों को धार्मिक आधार पर बांटने का भी आरोप लगाया।

Mehbooba Mufti accused the central government of dividing Jammu and Kashmir on religious lines
उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी मुद्दे को उठाने वालों को देशद्रोही करार देती है। एक सरदार जी खालिस्तानी बन जाते हैं, हमें पाकिस्तानी करार दिया जाता है और बीजेपी वाले खुद को हिंदुस्तानी कहते हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि केंद्र की वर्तमान सरकार की जम्मू-कश्मीर पर कोई स्पष्ट नीति नहीं है।



पीडीपी अध्यक्षा ने कहा कि नेहरू जी और वाजपेयी जी के पास कश्मीर के लिए एक विजन था। वे जानते थे कि उन्हें आर्थिक, राजनीतिक और भावनात्मक मोर्चों पर क्या करना है लेकिन इस सरकार का कोई विजन नहीं है।



महबूबा ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जम्मू और कश्मीर में उच्च बेरोजगारी दर से निपटने के लिए क्या कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी दर 18 फीसदी है। यहां भ्रष्टाचार ज्यादा है। स्कूल गलियां और सड़क के नाम बदलने से क्या छात्रों को मिलेगी। इसलिए स्थानों के यह नाम बदलने की कवायद सब बेमानी है।

 

From Around the web