मध्य प्रदेश में बनेगा हॉकी का वर्ल्ड क्लास स्टेडियम: शिवराज

भारत की महिला हॉकी टीम ने टोक्यो ओलम्पिक में खेल का बढ़िया प्रदर्शन किया है। इन बेटियों ने देश के लोगों का दिल जीत लिया। देश के दिल मध्य प्रदेश में इन्हें सम्मानित कर हम अपना कर्तव्य पूरा कर रहे हैं। अगले ओलम्पिक में ये बेटियां जरूर गोल्ड मेडल जीत
 
मध्य प्रदेश में बनेगा हॉकी का वर्ल्ड क्लास स्टेडियम: शिवराज
 भारत की महिला हॉकी टीम ने टोक्यो ओलम्पिक में खेल का बढ़िया प्रदर्शन किया है। इन बेटियों ने देश के लोगों का दिल जीत लिया। देश के दिल मध्य प्रदेश में इन्हें सम्मानित कर हम अपना कर्तव्य पूरा कर रहे हैं। अगले ओलम्पिक में ये बेटियां जरूर गोल्ड मेडल जीत कर आएंगी। महिला हॉकी टीम की बेटियों की जीवटता, कर्मठता, परिश्रम और शौर्य अद्भुत है। उक्त बातें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को राजधानी भोपाल में टोक्यो ओलम्पिक की भारत की महिला हॉकी टीम के लिए आयोजित भव्य सम्मान समारोह में कहीं।

मध्य प्रदेश में बनेगा हॉकी का वर्ल्ड क्लास स्टेडियम: शिवराज

इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि हॉकी के लिए हम मध्यप्रदेश में वर्ल्ड क्लास स्टेडियम बनाएंगे। खेलों में हम लगातार आगे बढ़े हैं। हॉकी को हम छोड़ नहीं सकते। हमने ओलिम्पिक हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद का भी भव्य सम्मान किया। उन्हें एक करोड़ का चेक दिया, डीएसपी बनाया और उनकी मां को घर दिया। यह प्रदेश का अपने खिलाड़ियों के लिए सम्मान भाव है। खेलों को आगे बढ़ाने में मध्यप्रदेश योगदान देता रहेगा ।



मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि हम खिलाडि़यों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करते के लिए तत्पर रहते हैं। नेशनल गेम्स के लिए हमारा निमंत्रण है आपको। उन्होंने कहा कि हॉकी में अनेक खिलाड़ी भोपाल ने देश को दिए हैं। भोपाल हॉकी की नर्सरी है। खेलों के लिए जिस योगदान की जरूरत होगी, मध्य प्रदेश कभी उससे पीछे नहीं हटेगा। इस स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री टोक्यो ओलम्पिक के उस भावुक क्षण को भी याद करना नहीं भूले, जब हार के दौरान भारतीय महिला टीम की आंखों से आंसू झलक उठे थे।

शिवराज ने कहा कि मेरी बेटियों-जिस पल तुम्हारी आंखों में आंसू देखे उसी दिन तय कर लिया था कि भोपाल बुलाकर तुम्हारा सम्मान करूंगा। यह जज्बे और जुनून का स्वागत है। मुझे पूरा विश्वास है कि ये बेटियां आगे भी लगातार खेलते हुए नया इतिहास रचेंगी और भारत को बहुत आगे ले जाएंगी।

उन्होंने कहा कि आज पूरे देश को मेरा संदेश है कि बेटियाँ बेटों से कम नहीं हैं। हर क्षेत्र में बेटियाँ सफलता का परचम लहरा रही हैं। भारत तभी प्रगति करेगा, जब हमारी आधी आबादी भी समान रूप से आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मैंने अपने गांव में बचपन से ही माता-पिता को बेटा और बेटी में भेद करते हुए देखा है। यह देखकर मुझे तकलीफ होती थी और मैं लगातार यह सोचता था कि हे भगवान वह दिन कब आएगा, जब बेटा और बेटी बराबर माने जाएंगे। वास्तव में जब तक बेटियां आगे नहीं बढ़तीं, तब तक देश भी आगे नहीं बढ़ सकता। शिवराज ने कहा कि जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री बना तो मैंने लाडली लक्ष्मी योजना बनाई, ताकि मध्य प्रदेश की धरती पर बेटी पैदा हुई तो लखपति पैदा होगी। इसी प्रकार से अनेक अन्य योजनाएं बालिकाओं और महिलाओं के हक में बनाई गईं हैं। इसके साथ ही मुख्य आयोजन में महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल एवं हॉकी फेडरेशन ऑफ इंडिया और भारतीय ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष नरेंद्र ध्रुव बत्रा ने भी अपनी बातें सभी के बीच साझा कीं।



इस अवसर पर भारतीय महिला हॉकी दल की सभी खिलाड़ियों कप्तान रानी रामपाल कप्तान, सविता उप कप्तान, दीप ग्रस एक्का उप कप्तान, वंदना कटारिया, पी. सुशीला चानू, नवजोत कौर, नमिता टोप्पो, मोनिका, निक्की प्रधान, गुरजीत कौर, ई. रजनी, नवनीत कौर, नेहा, लालरेमसियामी, रीना खोखर, उदिता, सलीमा टेटे, शर्मिला देवी और निशा को प्रोत्साहन स्वरूप 31-31 लाख रुपये की राशि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं खेल मंत्री यशोधरा राजे द्वारा प्रदान की गई।



इस भव्य सम्मान समारोह की अध्यक्षता खेलमंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने की। वहीं, हॉकी फेडरेशन ऑफ इंडिया और भारतीय ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष नरेंद्र ध्रुव बत्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इसके साथ ही विशेष रूप से खेल हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ज्ञानेंद्रओ निगोमबम, हॉकी इंडिया की सीईओ एलीना नार्मन, संचालक रवि कुमार गुप्ता, सचिव राजेंद्र सिंह तथा महिला हॉकी टीम के प्रशिक्षक तुषार खांडेकर, मध्यप्रदेश ओलंपिक संघ अध्यक्ष रमेश मेंदोला और मध्य राज्य महिला हॉकी अकदामी के कोच परमजीत सिंह भी उपस्थित रहे।

From Around the web