शिक्षित युवाओं को रोजगार देकर मध्यप्रदेश को बनाएंगे उदाहरण : शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिस तरह प्रदेश में पीएम स्वनिधि योजना में स्ट्रीट वेंडर्स के कल्याण का अच्छा कार्य हुआ है, उसी तरह शिक्षित युवाओं को विभिन्न रोजगार
 
Will make Madhya Pradesh an example by giving employment to educated youth
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिस तरह प्रदेश में पीएम स्वनिधि योजना में स्ट्रीट वेंडर्स के कल्याण का अच्छा कार्य हुआ है, उसी तरह शिक्षित युवाओं को विभिन्न रोजगार योजनाओं से जोड़कर मध्यप्रदेश एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है। इसके लिए एक ऐसी नई योजना बनाई जाए। पढ़े लिखे नौजवानों के लिए सरकारी नौकरी का बेहतर विकल्प होने के साथ ही उनकी उद्यमी भावना को साकार करने का कार्य करे। यह अर्थ-व्यवस्था के लिए भी लाभकारी होगा।
 

Will make Madhya Pradesh an example by giving employment to educated youth



मुख्यमंत्री चौहान शनिवार को मंत्रालय में सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।



प्रतिभा की कमी नहीं है युवाओं में, उनका विश्वास जगाना है



मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षित युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उनके मन में आशा और विश्वास को जगा कर निराशा से बचाना है। सरकारी नौकरियां ही एकमात्र समाधान नहीं है। लघु और सूक्ष्म इकाइयों की स्थापना के लिए युवाओं को ऋण और अनुदान के माध्यम से नई राह मिलेगी। इसके लिए लक्ष्य तय कर कार्य पर फोकस करना होगा।



उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभिन्न रोजगार योजनाओं का लाभ अति सम्पन्न या स्थापित लोग ले लेते हैं और वास्तविक जरूरतमंद अपेक्षाकृत पीछे रह जाते हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ऐसे वर्ग में से प्रत्येक जिले में 2 हजार युवाओं को लाभान्वित करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया जाए। इससे युवा उद्यमी आगे आएंगे। प्रति वर्ष लगभग एक लाख युवाओं को विभिन्न प्रकल्पों से रोजगार से जोड़ने का कार्य आसान हो जाएगा। अपना व्यवसाय या लघु उद्योग स्थापित करने के इच्छुक युवक साहूकारों से ऋण लेने की विवशता से भी मुक्त हो जाएंगे। सेवा क्षेत्र, एमएसएमई सेक्टर में कार्य की संभावनाओं को साकार किया जा सकता है।



प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के क्रियान्वयन में आगे बढ़ेगा मध्यप्रदेश



मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुद्रा योजना के अंतर्गत युवाओं को लाभान्वित करने का आव्हान किया है। वर्तमान में प्रदेश के 14 लाख से अधिक व्यक्तियों को 8 हजार 905 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। शिशु, किशोर और तरुण तीन श्रेणियों में लाभार्थी को ब्याज अनुदान सहायता प्राप्त होती है। योजना में 50 हजार से 10 लाख रुपये की राशि के ऋण पर एक प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाता है।



मुख्यमंत्री ने इस योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश में गति बढ़ाने के लिए बैंकों के समन्वय से प्रयास तेज करने की जरूरत बताते हुए कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स के कल्याण की पीएम स्वनिधि योजना, स्व-सहायता समूहों को राशि उपलब्ध करवाने और नवीन योजना के माध्यम से अधिकाधिक शिक्षित युवाओं को लाभान्वित करने के संयुक्त प्रयास किए जाएं।



प्रदेश में मिला 5 लाख युवाओं को स्व-रोजगार योजनाओं का लाभ



बैठक में बताया गया कि प्रदेश में स्व-रोजगार और उद्यमी योजना में करीब 5 लाख युवाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। सिर्फ मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना से ही सवा तीन लाख युवाओं को लाभ मिल चुका है। जानकारी दी गई कि मुद्रा योजना के संबंध में 15 अक्टूबर से एक माह के आउटरिच प्रोग्राम के लिए तैयारी की जा रही है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा बैठक में वर्चुअल शामिल हुए। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और अधिकारी मौजूद रहे।

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