अंतरराष्ट्रीय खिलाडी अंशु मलिक और सरिता मोर पहुंची घर

जुलाना क्षेत्र के गांव निडानी के चौधरी भरत सिंह मैमोरियल स्पोटर्स स्कूल में सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस समारोह में नार्वे में हुई विश्व कुश्ती चैम्पियनशीप में सिल्वर मेडल
 
International players Anshu Malik and Sarita Mor reached home
 जुलाना क्षेत्र के गांव निडानी के चौधरी भरत सिंह मैमोरियल स्पोटर्स स्कूल में सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस समारोह में नार्वे में हुई विश्व कुश्ती चैम्पियनशीप में सिल्वर मेडल विजेता अंशु मलिक और कांस्य पदक विजेता सरिता मोर को सम्मानित किया।

International players Anshu Malik and Sarita Mor reached home


सीबीएसएम स्पोटर्स स्कूल निड़ानी में आयोजित सम्मान समारोह के मुख्यतिथि प्रदेश के पूर्व डीजीपी डा. महेन्द्र सिंह मलिक और सीबीएसएम स्पोटर्स स्कूल निड़ानी संस्था की चेयरपर्सन कृष्णा मलिक रही। इस मौके पर नार्वें कुश्ती चैपियनशीप की सिल्वर मेडल विजेता अंशु मलिक को जाट सभा चंडीगढ़ और सीबीएसएम संस्था की तरफ से 51 हजार रूपए और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया । वहीं कांस्य पदक विजेता सरिता मौर को 41 हजार रूपए और स्मृति देकर सम्मानित किया।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं सीबीएसएम स्पोटर्स स्कूल के संरक्षक डा. महेन्द्र सिंह मलिक ने कहा कि खिलाडिय़ों का सम्मान ही देश का सम्मान हैं। क्योंकि उनके स्कूल की खिलाड़ी अंशु मलिक पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं जो विश्व कुश्ती चैपियनशीप में गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला लड़ा हैं। हालांकि अंशु मलिक को सिल्वर मेडल ही हाथ आया हो लेकिन सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। वहीं सरिता मौर ने कांस्य पदक जीता हैं। ऐसे में दोनों खिलाडिय़ों ने देश व प्रदेश का नाम रोशन किया हैं।

इसलिए केंद्र व प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह दोनों खिलाडिय़ों को सम्मानित करें। डा. महेन्द्र सिंह मलिक ने कहा कि भारतीय महिला खिलाडिय़ों के चीफ कोंच कुलदीप मलिका को अभी तक पदोन्न्ति तथा सम्मानित नहीं किया हैं जो कि बड़े खेद की बात हैं। क्योंकि पिछले 10-11 सालों से जिस प्रकार से वे महिला खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण दे रहे हैं उसके बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिला खिलाड़ी गोल्ड, सिल्वर और कांस्य पदक जीत चुकी हैं। जो कि भारत के लिए गर्व की बात हैं। ऐसे प्रशिक्षकों का सम्मान किया जाना चाहिए।



संस्था की चेयरपर्सन कृष्णा मलिक ने कहा कि नार्वे में हुई विश्व कुश्ती चैम्पियनशीप में सिल्वर मेडल विजेता अंशु मलिक और कांस्य पदक विजेता सरिता मोर बहुत ही साधारण परिवार से रखती हैं। दोनों का ही परिवार खेल का परिवार रहा है और लड़कियों को कभी भी लड़कों से कम नहीं समझा है। अंशु मलिक और सरिता मोर अपनी मेहनत के दाम पर आज गांव व हरियाणा प्रदेश का नाम देश व विदेश में रोशन कर रही हैं। सरकार को चाहिए कि वो इन खिलाडिय़ों का प्रोत्साहन दे।

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