भारत और श्रीलंका की सेनाओं ने शुरू किया 'मित्र-शक्ति' युद्धाभ्यास

भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय संयुक्त अभ्यास 'मित्र शक्ति' का 8वां संस्करण श्रीलंका के कॉम्बैट ट्रेनिंग स्कूल, अम्पारा में शुरू हुआ जो 15 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभ्यास में भारतीय सेना के इन्फैंट्री बटालियन ग्रुप के 120 जवान और श्रीलंकाई सेना की एक बटालियन भाग ले रही है। दोनों सेनाएं इस दौरान अर्ध शहरी और ग्रामीण वातावरण में संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए पूर्वाभ्यास करेंगी।

 
INDIA SRI LANKA JOINT EXERCISE MITRA SHAKTI
- दक्षिण एशिया में दोनों देशों के बीच सकारात्मक संबंध बनाना है द्विपक्षीय अभ्यास का मकसद
- शहरी और ग्रामीण परिवेश में उग्रवाद एवं आतंकवाद रोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित होगा
नई दिल्ली, 06 अक्टूबर। भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय संयुक्त अभ्यास 'मित्र शक्ति' का 8वां संस्करण श्रीलंका के कॉम्बैट ट्रेनिंग स्कूल, अम्पारा में शुरू हुआ जो 15 अक्टूबर तक चलेगा। इस अभ्यास में भारतीय सेना के इन्फैंट्री बटालियन ग्रुप के 120 जवान और श्रीलंकाई सेना की एक बटालियन भाग ले रही है। दोनों सेनाएं इस दौरान अर्ध शहरी और ग्रामीण वातावरण में संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए पूर्वाभ्यास करेंगी। इस अभ्यास से दक्षिण एशिया में दोनों देशों के संबंधों में मजबूती के साथ ही आतंक के खिलाफ दोनों सेनाओं में एकजुटता बढ़ेगी।

भारतीय और श्रीलंकाई सेनाओं के वरिष्ठ सैन्य पर्यवेक्षक और गणमान्य व्यक्ति अभ्यास के सत्यापन चरण को देखेंगे। यह अभ्यास दोनों टुकड़ियों को अपने परिचालन अनुभव और विशेषज्ञता को साझा करने के लिए एक आदर्श मंच प्रदान करेगा। भारत और श्रीलंका की सेनाओं के बीच अंतर-संचालन और सहयोग को व्यापक बनाने में भी यह द्विपक्षीय संयुक्त अभ्यास 'मित्र शक्ति' महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

श्रीलंकाई सेना के साथ युद्धाभ्यास के लिए भारतीय सेना के 120 जवानों का सैन्य दल कर्नल प्रकाश कुमार के नेतृत्व में 02 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना के विमान से गया था। इस अभ्यास का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण परिवेश में उग्रवाद एवं आतंकवाद रोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित कर भारत और श्रीलंका की सेनाओं के बीच सकारात्मक संबंध बनाना और उनको बढ़ावा देना है।
INDIA SRI LANKA JOINT EXERCISE MITRA SHAKTI
इस संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास का प्राथमिक फोकस फील्ड क्राफ्ट, बैटल ड्रिल्स और प्रक्रियाओं के साथ ही निर्बाध अंतर सक्रियता के साथ संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता पर भी रहेगा। संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश होने के नाते इसमें हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को संयुक्त अभियान, संयुक्त सैन्य एवं राजनयिक जुड़ाव के माध्यम से अत्यधिक लाभ होगा। यह युद्धाभ्यास दोनों सेनाओं के बीच जमीनी स्तर पर समन्वय और सहयोग लाने के लिए उत्प्रेरक के रूप में भी कार्य करेगा। युद्धाभ्यास मित्र शक्ति का 7वां संस्करण दिसम्बर, 2019 में विदेशी प्रशिक्षण नोड (एफटीएन), पुणे, महाराष्ट्र (भारत) में आयोजित किया गया था।

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