मप्र में बेटियां बोझ नहीं, लखपति होती हैं : मुख्यमंत्री शिवराज

- मुख्यमंत्री ने किया 103 आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन, 10 हजार पोषण वाटिकाओं का डिजिटल लोकार्पण
 
In MP, daughters are not a burden, they are millionaires: Chief Minister Shivraj

- मुख्यमंत्री ने किया 103 आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन, 10 हजार पोषण वाटिकाओं का डिजिटल लोकार्पण

- 25 हजार गर्भवती-धात्री माताओं को पांच करोड़ की सहायता राशि तथा लाडली लक्ष्मी योजना में 75 हजार बेटियों को 21 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित

In MP, daughters are not a burden, they are millionaires: Chief Minister Shivraj

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में बेटियां बोझ नहीं, लाडली लक्ष्मी योजना में लखपति होती हैं। 39 लाख 90 हजार बेटियां मध्यप्रदेश की धरती पर हैं और आज हमने 75 हजार लाडली बेटियों के खाते में स्कॉलरशिप का पैसा जमा किया है। मुख्यमंत्री चौहान मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे 'जनकल्याण और सुराज अभियान' अंतर्गत खंडवा जिले के पंधाना नगर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।



कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित 103 आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन, 10 हजार पोषण वाटिकाओं का डिजिटल लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के 10 हजार कुपोषण से सामान्य श्रेणी में आए बच्चों की माताओं को पोषण अधिकार सूचना पत्र, प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना अंतर्गत 25 हजार गर्भवती, धात्री माताओं को पांच करोड़ की सहायता राशि और लाडली लक्ष्मी योजना में 75 हजार बेटियों को 21 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति राशि का वितरण भी किया।



मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुपोषण अभियान चलाया है, इसे पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। हमारे बेटा-बेटी कुपोषित नहीं होनी चाहिए, सुपोषित होना चाहिए। इसके लिए बच्चों के साथ ही उनकी माताओं का ध्यान भी रखा जाएगा। इसके लिए मध्यप्रदेश में सुपोषण अभियान चलाया जायेगा।



उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार ने किसानों का पैसा उनके खाते में डालना बंद कर दिया था। भाजपा की सरकार बनने के बाद हमने कोविड-19 की चुनौती के बीच भी किसानों के खाते में 8 हजार करोड़ रुपये डालने का काम किया। प्रदेश के हर गांव में सिंचाई और पेयजल का पानी आये, इसमें हमारी सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में कोरोना नियंत्रित है, लेकिन लापरवाह मत होना। पहली और दूसरी डोज लगवाकर अपने जीवन को सुरक्षित कीजिये, आपसे हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं। आज 10 हजार पोषण वाटिकाओं का लोकार्पण किया है। मेरी बहनें स्वस्थ रहेंगी, तो उनके बेटा-बेटी भी स्वस्थ रहेंगे। प्रदेश की धरती पर कोई बच्चा कुपोषित न रहे, इसके लिए हम सबको संकल्पित प्रयास करना होगा। कांग्रेस ने नहीं, हमने एक रुपये प्रति किलो में राशन देने का कार्य किया। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धन्य हैं, जिन्होंने गरीबों को नवंबर माह तक मुफ्त राशन देने का फैसला किया है।



उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बेटियां बोझ नहीं, लाडली लक्ष्मी योजना में लखपति होती हैं। 39 लाख 90 हजार बेटियां मध्यप्रदेश की धरती पर हैं और आज हमने 75 हजार लाडली बेटियों के खाते में स्कॉलरशिप का पैसा जमा किया है। मध्यप्रदेश के 4 करोड़ और 90 लाख नागरिकों को नि:शुल्क और एक रुपये किलो गेहूं, चावल देने का काम भारतीय जनता पार्टी ने ही किया। प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य 89 विकास खण्डों में घर-घर राशन पहुंचाने की हमने योजना बनाई है।



नगर परिषद पंधाना में 5 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए दी जाएगी। छैगांवमाखन को नई तहसील बनाया जाएगा। बलखड़ में नवीन उपस्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा। प्रदेश में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस सीएम राइज स्कूल हम खोलेंगे। 18 से 24 करोड़ की लागत से बनने वाले इन स्कूलों में किसानों, गरीबों के बच्चे भी पढ़कर अपने सपनों को साकार कर सकेंगे।

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