वायुसेना ने लड़ाकू बेड़ा मजबूत करने को फ्रांस से खरीदे 24 'सेकेंड हैंड' मिराज

आईएएफ प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया की मंजूरी मिलने के बाद भारतीय वायु सेना ने फ्रांस से 24 सेकेंड-हैंड मिराज 2000 लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 27
 
IAF procures 24 second hand Mirages from France to strengthe

आईएएफ प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया की मंजूरी मिलने के बाद भारतीय वायु सेना ने फ्रांस से 24 सेकेंड-हैंड मिराज 2000 लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 27 मिलियन यूरो के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे पहले भी भारत ने पुराने मिराज की आपूर्ति के लिए फ्रांसीसी कंपनियों के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे, जो पिछले साल ग्वालियर पहुंचे। वायुसेना की 35 साल पुरानी मिराज फ्लीट ने 2019 में बालाकोट ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों के कैंप तबाह किये थे।

IAF procures 24 second hand Mirages from France to strengthe

लड़ाकू विमान राफेल बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन ने ही मल्टीरोल फाइटर मिराज 2000 का निर्माण किया है। मौजूदा समय में वायुसेना के पास 50 मिराज-2000 हैं, जिन्हें अपग्रेड करने के लिए भी अनुबंध किया गया है। चीन से गतिरोध के दौरान गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद भारत ने चीन सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ पैन्गोंग झील के पास मिराज-2000 को तैनात किया। फ्रांसीसी वायुसेना के साथ किया गया यह अनुबंध भारतीय वायु सेना को मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के अपने बेड़े को बनाए रखने में मदद करेगा। यह दूसरा ऐसा समझौता है, जिस पर भारतीय वायु सेना ने ओके एयरफ्रेम खरीदने के लिए हस्ताक्षर किए हैं। इससे पहले भी भारत ने पुराने मिराज की आपूर्ति के लिए फ्रांसीसी कंपनियों के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे, जो पिछले साल ग्वालियर पहुंचे हैं।

फ्रांस में अप्रचलित हो रहे मिराज जेट के एक स्क्वाड्रन को फ्रांसीसी वायुसेना से कुछ समय पहले चरणबद्ध तरीके से हटाया गया है। फ्रांसीसी वायु सेना अपने पुराने मिराज बेड़े की जगह नए राफेल लड़ाकू विमान ले रही है। इसलिए इसी माह की शुरुआत में फ्रांसीसी वायुसेना ने अपने मिराज-2000 के पुराने बेड़े को एक मिलियन यूरो प्रति विमान की दर से भारत को बेचने पर सहमति व्यक्त की। आईएएफ प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया की मंजूरी मिलने के बाद भारतीय वायु सेना ने 24 सेकेंड-हैंड मिराज 2000 लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 27 मिलियन यूरो के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।

फ़्रांसीसी वायुसेना से खरीदे गए 24 लड़ाकू विमानों में से 13 उड़ने के लिए तैयार स्थिति में हैं। इसमें 8 विमान मौजूदा इंजन और एयरफ्रेम के साथ सर्विसिंग के बाद उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। शेष 11 लड़ाकू विमान आंशिक रूप से पूर्ण हैं, जिन्हें ईंधन टैंक और इजेक्शन सीटों के साथ अपग्रेड करके उड़ान भरने लायक बनाया जायेगा। सेकेंड हैंड एयरक्राफ्ट के अधिग्रहण के लिए ट्रिगर के साथ 300 महत्वपूर्ण पुर्जों की तत्काल आवश्यकता है। सूत्रों ने कहा कि इनमें से किसी भी विमान का इस्तेमाल उड़ान के लिए नहीं किया जाएगा। विमानों की आपूर्ति भारतीय वायु सेना को कंटेनरों में की जाएगी।

वायुसेना ने 1985 में चौथी पीढ़ी के लगभग 50 लड़ाकू विमान मिराज-2000 रखरखाव अनुबंध के साथ खरीदे थे, जो 2005 में समाप्त हो गया था। इसके बाद 2015-2016 में फ्रांसीसी निर्माता कंपनी के साथ एक और अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। फ्रांस से 2016 में 4.5 पीढ़ी के राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा होने से पहले तक मिराज-2000 भारत की अग्रिम पंक्ति का लड़ाकू विमान था, जिसने कारगिल युद्ध में अपनी प्रतिभा का असाधारण प्रदर्शन किया। इसके बाद वायुसेना की 35 साल पुरानी मिराज फ्लीट ने 2019 में बालाकोट ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों के कैंप तबाह किये थे। विमान ने अपने स्पाइस-2000 बमों को सटीक रूप से पाकिस्तान के क्षेत्र में गहरे लक्ष्य तक ले जाने के लिए दागा था।

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