रंधावा के नाम पर आलाकमान की मुहर बाकी, घर पर जश्न शुरू

पंजाब के अगले मुख्यमंत्री के रूप में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम पर भले ही आलाकमान की सहमति का इंतजार है
 
High command seal left in Randhawa name celebrations begin at home
पंजाब के अगले मुख्यमंत्री के रूप में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम पर भले ही आलाकमान की सहमति का इंतजार है लेकिन रंधावा के घर और उनके जानने वालों के यहां जश्न का दौर शुरू हो गया है। रंधावा के नाम पर पंजाब कांग्रेस के विधायकों ने भी सहमति जताई है। रंधावा ने खुद कहा कि अभी सीएम को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है, इसके लिए 2-3 घंटे इंतजार करना होगा।

सुखजिंदर सिंह रंधावा पंजाब के माझा क्षेत्र से आते हैं, अगर आलाकमान उनके नाम पर मुहर लगाता है तो वे राज्य के 29वें मुख्यमंत्री होंगे। इससे पूर्व माझा क्षेत्र से प्रताप सिंह कैरों पंजाब के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। शनिवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री का नाम तय करने को बैठक हुई लेकिन तब इसमें किसी के नाम पर मुहर नहीं लग पायी थी। रविवार को पर्यवेक्षकों के साथ कांग्रेस विधायकों की हुई बैठक में उनके नाम पर मुहर लग गई। इसके बाद कांग्रेस आलाकमान को सुखजिंदर रंधावा का नाम भेजा गया है। अब इस नाम पर आलाकमान से मुहर का इंतजार है।

इसके बावजूद उनके घर पर विधायकों और पूर्व मंत्रियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। रंधावा के घर और उनके जानने वालों के यहां जश्न का दौर शुरू हो गया है। घर पर लोग जश्न मना रहे हैं और मिठाइयां बांट रहे हैं। विधायक परमिंदर पिंकी भी सुखजिंदर सिंह रंधावा के घर पहुंचे हैं।

सुखजिंदर सिंह रंधावा गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक विधान सभा क्षेत्र से विधायक हैं, जहां से ननकाना साहिब (पाकिस्तान) को गलियारा मार्ग जाता है। वे दो बार कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं। वे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता संतोख सिंह रंधावा के बेटे हैं। वे तीसरी बार विधायक बने हैं। कैप्टन अमरेंद्र सिंह सरकार में वे जेल और सहकारिता मंत्री थे। वे पंजाब कांग्रेस के उपाध्यक्ष और महासचिव भी रहे हैं। नवजोत सिंह सिद्धू के अध्यक्ष बनने से पहले वे कैप्टन अमरिंदर सिंह के वफादारों में से एक थे। सिद्धू के आने के बाद उन्होंने वफादारी बदल ली।

गौरतलब है कि अमरिंदर सिंह ने शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इससे कुछ घंटे पहले उन्होंने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को एक पत्र लिखकर अपना दुख जताया था। आज यह पत्र सार्वजनिक हुआ। इस चिट्ठी में उन्होंने खुद को 'पिछले पांच महीनों की राजनीतिक घटनाओं से दुखी' बताया है।

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