दादी के हौंसले से पोती ने भरी आईएएस की उड़ान

 
Granddaughter IAS encouragement of grandmother

बागपत, 26 सितम्बर |  बागपत जिले की महिमा ने दादी के संस्कारों और हौंसलों से आज आईएएस बनकर सफलता पाई है। जब कभी पढ़ाई की ओर से मन भटका तो दादी ने ही उसको राह दिखाई, बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद और स्नेह बच्चों के कितना मायने रखता है यह साबित किया है आईएएस महिमा ने...।

यूपी के बागपत जिले के बिजरौल गांव यू तो क्रांतिकारियों की कहानी से भरा हुआ है। 1857 कि क्रांति हो या नेताजी सुभाषचंद्र बोस के साथ देश की आजादी के लिए सेना में शामिल होना, यहाँ के लोगों ने देश की सेवा की है। देश भर में शुक्रवार को देर रात आये यूपीएससी के नतीजों में इस बार 761 परीक्षार्थी पास हुए है जिसमें 216 महिलायें भी हैं। 216 महिलाओं में एक छात्रा बागपत जिले के बिजरौल गांव से भी है, जिसने 634वीं रेंक हासिल कर परीक्षा पास कर बागपत जिले का नाम रोशन किया है। छात्रा महिमा तोमर का कहना है कि उनको हमेशा अपनी दादी से पढ़ाई के लिये हौंसला मिला है। जब कभी परीक्षा के नतीजों से उनको असफलता मिली दादी ने ही उसका हौंसला बढ़ाया। दादी के आशीर्वाद और स्नेह से ही वह आईएएस की परीक्षा पास कर पाई है।

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गांव के सरकारी स्कूल से पढ़कर बनी आईएएस

महिमा ने गांव के ही सरकारी स्कूल से प्रारम्भिक शिक्षा पाई है। एमआईटी मेरठ से बीटेक किया है। आरबीआई नाबार्ड के स्टेज तक भी पहुंची। बीटेक के बाद तीन स्थानों पर सेलेक्शन हुआ। एक स्थान पर नौकरी करते हुए चार बार में आईएएस के लिए सफलता पाई है।

खाप पंचायतों में आया है बदलाव

ग्रामीण परिवेश में पढ़ी महिमा कहती है कि जितना सहयोग उनको परिवार का मिला है समाज का भी मिला है। खाप पंचायते अब बदल गयी हैं, बेटियों को प्रोत्साहित किया जाता है। ग्रामीण पंचायतों को भी जागरूक करना जरूरी है। महिमा कहती है जब उनको सरकारी सेवा का मौका मिलेगा तो उनकी प्राथमिकता सरकारी योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित करने का होगा। आज के समय इतनी योजनायें है अगर उनका लाभ जरूरत मंद को मिल जाये तो देश खुशहाल हो जाएगा।

जनरल स्टोर चलाने वाले का बेटा बना आईएएस

उधर छपरौली कस्बें के लाल अर्पित जैन पुत्र संजय जैन ने अपने पहले प्रयास में 271वीं रैंक हासिल कर यूपीएससी की परीक्षा पास की। कस्बे में ही अर्पित जैन के पिता संजय की जनरल स्टोर की दुकान है। बेटे द्वारा यूपीएससी की परीक्षा पास करने पर माता-पिता व बहन का खुशी से ठिकाना नहीं रहा। माँ सीमा जैन ग्रहणी है और बहन रूपल जैन एमएससी की पढ़ाई कर रही है। अर्पित जैन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। अर्पित ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 में कुमकुम मोदी पब्लिक स्कूल से हाईस्कूल व वर्ष 2015 में इंटर की पढ़ाई जेपी पब्लिक स्कूल से की। उसके बाद कुरूक्षेत्र के एनआईटी से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद अर्पित जैन यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी मेें जुट गए। बताया कि अक्टूबर 2020 में प्राथमिक परीक्षा, जनवरी में परीक्षा व अगस्त में इंटरव्यू दिया। अर्पित जैन द्वारा यूपीएससी की परीक्षा पास करने पर जेपी पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर गौरव शर्मा, निर्देशिका शरण शर्मा, अभिषेक शर्मा व कुमकुम मोदी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य अजय शर्मा ने उन्हें फोन पर बधाईयां दी।

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