सरकार का पहला लक्ष्य चारधाम यात्रा का शीघ्र संचालन: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा पर हाई कोर्ट के गुरुवार को निर्णय के बाद सरकार का पहला लक्ष्य यात्रा का शीघ्र संचालन है।
 
 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा पर हाई कोर्ट के गुरुवार को निर्णय के बाद सरकार का पहला लक्ष्य यात्रा का शीघ्र संचालन है।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमारे प्रस्ताव पर न्यायालय ने सहमति दी है। हम बहुत दिनों से यात्रा को लेकर प्रयास कर रहे थे। बीते कल ये दिन आया जो राज्य के लिए बहुत ही सुखद है। अब सरकार का पहला लक्ष्य यात्रा का संचालन करना है। साफ-सफाई की व्यवस्था के बाद शीघ्र ही यात्रा प्रांरभ करना सरकार की मंशा है। यात्रा के लिए बहुत ही कम समय बचा है। इस ओर सरकार का पूरा ध्यान है।

Governments first goal is to conduct Chardham Yatra soon Chi

गुरुवार को नैनीताल हाई कोर्ट ने कोरोना नियमों के पालन और यात्रियों की सीमित संख्या के साथ यात्रा का संचालन करने की छूट दी गई है। केदारनाथ धाम में प्रतिदिन 800, बद्रीनाथ धाम में 1000, गंगोत्री में 600, यमनोत्री धाम में 400 श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति दी है। चारधाम यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को 72 घंटे पूर्व तक की कोविड जांच की निगेटिव रिपोर्ट अथवा दोहरी वैक्सीन का प्रमाण पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। कोर्ट के निर्णय के बाद शासन की ओर से 18 सितम्बर से यात्रा संचालन की बात कही गई है।

25 जून को मंत्रिमंडल में सरकार ने यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया था, जिसमें पहले चरण में चमोली, रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी जिले के स्थानीय लोगों को दर्शन करने की अनुमति दी गई, जबकि दूसरे चरण में 11 जुलाई से प्रदेश से बाहर के यात्रियों को चारधाम यात्रा आने की अनुमति देने का निर्णय लिया था। हाई कोर्ट ने 28 जून को कोरोना संक्रमण के खतरे और सरकार की आधी अधूरी तैयारियों के चलते चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस लेकर सरकार फिर से हाई कोर्ट पहुंची। अब कोर्ट की ओर से यात्रा पर से रोक हटाने से सरकार को राहत मिली है।

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