राज्यपाल महिला सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर 4 दिवसीय लोकसभा का विशेष अधिवेशन बुलवाएं: उद्धव ठाकरे

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिखकर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर लोकसभा का 4 दिवसीय अधिवेशन बुलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखने की बात कही है।
 
governer should write to pm to call spl session of loksabha
 मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिखकर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर लोकसभा का 4 दिवसीय अधिवेशन बुलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखने की बात कही है। अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि महिला सुरक्षा का मुद्दा राष्ट्रीय मुद्दा है। दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात और जम्मू कश्मीर में रोंगटे खड़े कर देने वाली महिला अत्याचार की घटनाएं हुई हैं।

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र भेजकर राज्य में महिलाओं पर अत्याचार, साकीनाका में दुष्कर्म कांड पर चर्चा के लिए दो दिवसीय अधिवेशन बुलाने का निर्देश दिया था। राज्यपाल के इस पत्र का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ठाकरे ने भी पत्र लिख कर राज्यपाल को भेजा है।
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मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि महाराष्ट्र के साकीनाका दुष्क्रम की घटना के 10 मिनट बाद ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पीड़िता को अस्पताल पहुंचाया। मामले में आरोपित को गिरफ्तार किया और मामला फास्ट ट्रेक कोर्ट में चलाए जाने का निर्णय लिया है। इस मामले में पीड़िता के रिश्तेदारों की भी सरकार ने मदद की है लेकिन दिल्ली में श्मशान भूमि में नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ है। जम्मू कश्मीर, बिहार, उत्तर प्रदेश में भी महिलाओं के साथ अत्याचार के बाद तत्काल मामले तक दर्ज नहीं किए गए हैं। राज्यपाल के गृहराज्य जो कि देवभूमि है, वहां भी महिला पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ गई हैं। गुजरात में तो एक दिन में महिला अत्याचार की 14 घटनाएं हो रही हैं और हर दिन दो दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं।



मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि महिला अत्याचार की घटनाएं राष्ट्रीय मुद्दा बन गई हैं, इसलिए इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए राज्यपाल को 4 दिन का लोकसभा का विशेष अधिवेशन बुलाने के लिए प्रधानमंत्री व केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र लिखना चाहिए। पत्र में मुख्यमंत्री ने लिखा है कि राज्यपाल खुद मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्हें पता है कि कानून व व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार का काम है और विपक्ष इस तरह की मांग करता है। पत्र के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार अपना काम पूरी मुस्तैदी से कर रही है और राज्यपाल वरिष्ठ होने के नाते राज्यसरकार को निर्देश देते रहें, जो निर्देश जरुरी व लोकहित में होंगे, उनका अनुपालन किया जाएगा।

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