पाकिस्तानी अखबारों सेः जी-20 सम्मेलन में अफगानिस्तान की मदद करने के फैसले को दी प्राथमिकता

 
From Pakistani newspapers Priority given to the decision to help Afghanistan in the G20 summit
-राजनीति का गिरा स्तर, मरियम ने सरकार के लिए जिन्नात तो मंत्रियों ने सियासी चुड़ैल का शब्द किया प्रयोग

-पूर्व क्रिकेटर मियांदाद ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को दिया मंत्र, बोले- भारत के विरुद्ध दबाव में आए बिना खेलें

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर पाकिस्तान से गुरुवार को प्रकाशित अधिकांश अखबारों ने जी-20 सम्मेलन में अफगानिस्तान की आर्थिक मदद का फैसला लिए जाने की खबरें प्रमुखता के साथ प्रकाशित की हैं। अखबारों ने लिखा है कि अफगानिस्तान को सीधे तौर पर आर्थिक मदद नहीं मिलेगी जबकि इसके लिए रणनीति बनाई जाएगी। आर्थिक तौर से मजबूत दुनिया के 20 बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्षों और मंत्रियों ने वीडियो लिंक के जरिए बैठक में भाग लिया है। अखबारों ने बताया है कि चीन ने अफगानिस्तान की जनता की मदद के लिए तालिबान सरकार को सीधे रकम देने के बजाए अंतरराष्ट्रीय संगठनों को आर्थिक मदद देकर वहां कार्य करने की बात कही है जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि अगर अफगानी जनता की फौरी तौर से मदद नहीं की गई तो वहां पर आतंकवादी नेटवर्क को फिर से मजबूत होने से नहीं रोका जा सकता है।

अखबारों ने डीजी आईएसआई के ओहदे के लिए तीन नामों की मंजूरी मिलने की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने लिखा है कि जल्द ही प्रधानमंत्री इन तीन नामों में से एक नाम की घोषणा करेंगे। अखबारों ने पीडीएम के जरिए इमरान खान सरकार के खिलाफ रोड मार्च करने के फैसले का मुस्लिम लीग नवाज के जरिए विरोध करने की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने लिखा है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज ने रोड मार्च के बजाए जलसा और रैली करने पर जोर दिया है।
अखबारों ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज की लीडर मरियम नवाज का बयान भी छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि देश के प्रमुख पदों पर जादू-टोने और जिन्नात से पूछ कर फैसले किए जाएंगे तो इन संस्थानों का तमाशा बनने से कैसे रोका जा सकता है। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्रियों का बयान भी अखबारों ने छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि नवाज शरीफ, मीर जाफर, मरियम नवाज राजनीतिक चुड़ैल हैं। जिन्नात ने पैसे विदेश नहीं भेजे हैं।

अखबारों ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के लीडर शहबाज शरीफ का भी एक बयान छापा जिसमें उन्होंने कहा है कि हर नया दिन सरकार की नाकामी का सबूत पेश करता है। अखबारों ने ईरान के सेनाध्यक्ष की पाकिस्तान यात्रा और दोनों देशों ने एक साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ कोशिश तेज करने और बॉर्डर पर मार्केट बनाने जैसे फैसले लिए जाने से सम्बंधित खबरें प्रकाशित की हैं। यह सभी खबरें रोजनामा दुनिया, रोजनामा खबरें, रोजनामा औसाफ, रोजनामा पाकिस्तान, रोजनामा एक्सप्रेस, रोजनामा नवाएवक्त और रोजनामा जंग ने अपने पहले पन्ने पर छापी हैं।

रोजनामा खबरें ने खबर दी है जिसमें पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने कहा है कि पाकिस्तान टीम को भारत के खिलाफ दबाव में आए बिना खेला पड़ेगा। उनका कहना है कि वर्ल्ड कप टी-20 में पाकिस्तान को साबित करना पड़ेगा कि वह एक अच्छी टीम है और इसके लिए उसे भारत के दबाव में आए बगैर खेलना पड़ेगा।

रोजनामा दुनिया ने एक खबर दी है जिसमें कांग्रेस के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर की गई टिप्पणी को प्रमुखता से छापा गया है। अखबार ने लिखा है कि कांग्रेस ने अपने बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को देश की सीमाओं से अधिक अपनी बनावटी जिंदगी की ज्यादा फिक्र है। अखबार ने लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी पर कांग्रेस की तरफ से लगातार हमले किए जा रहे हैं और उनके जरिए किए गए कामों की आलोचना की जा रही है।

रोजनामा नवाएवक्त ने एक खबर काबुल से दी है जिसमें बताया गया है कि काबुल की बुश बाजार का नाम तालिबान ने बदलकर मुजाहिदीन बाजार रख दिया है। अखबार ने बताया है कि 2001 में अमेरिकी हमले के बाद इस बाजार का नाम राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के नाम पर रखा गया था जिसे अब तालिबान ने बदल दिया है। इसके मुख्य द्वार पर मुजाहिदीन बाजार का बैनर लगा दिया गया है।

 

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