आपसी प्रेम और भाईचारे से ही देश में होगी शांतिः प्रो. मुहम्मद सलीम

भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां अलग-अलग विचारधारा होने के बावजूद लोग एक साथ रहते हैं। हजारों वर्षों से देश ने अपनी विरासत को संरक्षित किया है जिसे आज भी देश की एक महत्वपूर्ण
 
Dharmik Jan Morcha announced by all religious leaders
 भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां अलग-अलग विचारधारा होने के बावजूद लोग एक साथ रहते हैं। हजारों वर्षों से देश ने अपनी विरासत को संरक्षित किया है जिसे आज भी देश की एक महत्वपूर्ण विशेषता माना जाता है। हमारे धार्मिक नेताओं और संस्थानों ने इस विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन दुख की बात है कि कुछ लोग अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस विरासत को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। वे समाज के विभिन्न समूहों के बीच आपसी नफरत फैलाकर देश की शांति को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। यह विचार जमात-ए-इस्लामी हिन्द के उपाध्यक्ष प्रोफेसर मुहम्मद सलीम इंजीनियर ने आज लखनऊ के हजरतगंज के होटल आरिफ कैसल्स में धर्मगुरुओं की एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यक्त किए। सभी धर्मगुरुओं ने इस दौरान “धार्मिक जन मोर्चा“ नामक एक संयुक्त मंच के गठन की भी घोषणा की।

Dharmik Jan Morcha announced by all religious leaders

मुहम्मद सलीम इंजीनियर ने कहा है कि धर्मगुरुओं ने हमेशा समाज को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपने अनुयायियों को लोगों के साथ आपसी प्रेम में रहने, एक-दूसरे के दुखों को साझा करने की शिक्षा दी है। नतीजतन, इस देश के लोग लंबे समय से प्यार और भाईचारे के साथ रहते आए हैं। लेकिन अब जबकि इस शांतिप्रिय समाज को कुछ ऐसे तत्वों से खतरा है जो समाज को नैतिक पतन की ओर ले जा रहे हैं।



भिक्षु समाज के प्रतिनिधि भिक्षु ज्ञान लोक ने कहा कि समाज को ऐसे लोगों की जरूरत है जो समाज को जोड़ने का काम करें न कि उसे बांटने के लिए। ऐसी स्थिति में जबकि लोग एक दुसरे से नफरत कर रहे हों हम लोगों की ज़िम्मेदारी बढ़ जाती है कि हम उन्हें प्रेम कि शिक्षा दें।



ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हुए मेथोडिस्ट चर्च के फादर आर.बी. रॉय ने कहा कि समाज में और भी मुद्दे हैं जिन पर हमें विचार करने की जरूरत है। देश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा न होकर आपसी नफरत बढ़ाने वाली बातों से आगे बढ़ने के बजाए देश पीछे की ओर जाएगा। जैन समुदाय के प्रतिनिधि अभिषेक जैन ने कहा कि धर्मगुरुओं को अपने अनुयायियों में आपसी प्रेम और भाईचारे की शिक्षा देनी चाहिए और उन्हें यह भी समझाना चाहिए कि आपसी प्रेम ही इस देश को नफरत की आग से बचाया जा सकता है। शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि इस्लाम और अन्य धर्म सिखाते हैं कि सभी इंसान भाई हैं।



प्रेस कान्फ्रेंस में भिक्षु ज्ञान लोक, भिक्षु कौशल बुद्ध, फादर आरबी राय, मौलाना सैफ अब्बास नकवी, अभिषेक जैन, पीके जैन, देविंदर पाल वर्मा, ब्रह्मा कुमारी नंदिनी, ब्रह्मा कुमारी कुसुम, मौलाना ताहिर मदनी, सतीश त्रिपाठी, डॉ. मलिक मोहम्मद फैसल, एडवोकेट मोहम्मद अकरम खान और अन्य उपस्थित थे।

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