धमतरी : तेजी से तैयार हो रही धान फसल, वनांचल में स्थिति खराब

धमतरी जिले में धान की फसल तेजी के साथ तैयार हो रही है। धमतरी ब्लाॅक, कुरुद ब्लाॅक व मगरलोड ब्लाॅक में धान का उत्पादन आशा के अनुरूप दिखाई पड़ रहा है, लेकिन
 
Dhamtari Paddy crop getting ready fast situation worsens in
धमतरी जिले में धान की फसल तेजी के साथ तैयार हो रही है। धमतरी ब्लाॅक, कुरुद ब्लाॅक व मगरलोड ब्लाॅक में धान का उत्पादन आशा के अनुरूप दिखाई पड़ रहा है, लेकिन वनांचल की स्थिति खराब है। केवल बारिश के भरोसे खेती करने वाले किसान समय पर बारिश नहीं होने से निराश हैं। वनांचल के किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। कई गांव के किसान खेतों में तैयार हो रही धान फसल में कीट व्याधियों से परेशान हैं।
 

Dhamtari Paddy crop getting ready fast situation worsens in



अंचल में धान की पैदावार करने वाले किसानों की खरीफ फसल अब तैयार होने लगी है। कुछ माह पूर्व लगाए धान के पौधों में बालियां निकल आई है। किसानों का कहना है कि तैयार हो रही फसल की कटाई जल्द शुरू हो जाएगी। सिंचाई सुविधा संपन्न किसानों की फसल दशहरा पर्व मनाने के बाद धान की कटनी शुरू हो जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जिन किसानों ने सिंचाई साधन के सहारे खरीफ फसल रोपाई बहुत पहले कर दी थी उनकी फसल लगभग पक गई है। अंचल में किसानों ने ज्यादातर धान की तेजी से बढ़ने वाली प्रजाति आई आर 64, 1001 , सांभा की बुआई की है। अधिकांश खेतों में इन्हीं किस्म के धान की रोपाई की हुई है। सैकड़ों खेतों में धान के पौधे लहलहा रहे हैं। ग्राम बिजनापुरी के नरेश पटेल, सुरेश पटेल, भूषण साहू ने कहा कि अभी हाल में हुई बारिश से तैयार हो रही धान फसल में पतीमोड़क, तनाछेदक, माहू हो गया है। मौसम खुलने के बाद धान के पौधों को बढ़ने का अनूकूल माहौल मिल रहा है। ग्राम डाही के कोमल ठाकुर ने बताया कि कीट व्याधियों से धान की फसल को बचाने के लिए दवा छिड़काव कर रहे हैं। यदि मौसम इसी तरह खुला रहा तो दशहरा पर्व तक फसल की कटाई शुरू हो जाएगी। बगदेही के शिव कुमार साहू का कहना है कि कीट व्याधियों से फसल को नुकसान हो रहा है।



मगरलोड ब्लाॅक के बहुत से गांव के किसान फसलों में पेनिकल माइट बीमारी से परेशान हैं। इस बीमारी के कारण किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम परसटठी व भेंडरी में कृषि विज्ञान केंद्र के कीट विशेषज्ञ डाॅ. शक्ति वर्मा और पाैध रोग विशेषज्ञ डाॅ. वंदना शुक्ला ने अंचल के किसान संतोष साहू, केशराज साहू के खेतों में पहुंचकर इस बीमारी का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों को इस बीमारी की रोकथाम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सही समय में सही कृषि दवाई का उपयोग किया जाए तो बीमारी से रोकथाम हो सकती है। इससे फसलों को नुकसान होने से बचाया जा सकता है। जनपद पंचायत मगरलोड के सभापति सर्वेश बाफना ने इस समस्या के बारे में जनपद की कृषि स्थाई समिति के बैठक में रखा था। बैठक में किसानों की फसलों में इस बीमारी की रोकथाम के लिए कृषि विशेषज्ञों के द्वारा निरीक्षण किए जाने की बात कही गई थी।



इधर वनांचल के किसान इस साल समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने से काफी निराश हैं। पूर्व में लगाई गई धान फसल सूख चुकी है। ऐसे मेंं किसान कलेक्ट्रेट आकर अंचल को सूखा ग्रस्त करने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि पूर्व में लगाई गई धान फसल पूरी तरह से सूख गई है। बाद में हुई बारिश का कोई महत्व नहीं रह गया। हर दूसरे-तीसरे दिन वनांचल के किसान समूह में कलेक्ट्रेट आकर अंचल को सूखा ग्रस्त करने व फसल नुकसान का मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

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