शिक्षा का विकास तब तक संभव नहीं, जब-तक शिक्षक का विकास नहीं होता : डॉ. हरेश प्रताप

 
Development of education is not possible until teacher is not developed  Dr Haresh Pratap

 प्रान्तीय प्रधानाचार्य बैठक के दूसरे दिन हुआ प्रधानाचार्यों का सम्मान

प्रयागराज, 25 सितम्बर  रज्जू भैया शिक्षा प्रसार समिति द्वारा संचालित सिविल लाइंस स्थित ज्वाला देवी इण्टर कॉलेज में आयोजित त्रिदिवसीय प्रान्तीय प्रधानाचार्य कार्ययोजना बैठक के दूसरे दिन प्रथम सत्र में प्रधानाचार्य सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि लोक सेवा अयोग के सदस्य डॉ हरेश प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा का विकास तब तक सम्भव नहीं है जब तक शिक्षक का पूर्णरुपेण विकास नहीं होता। भारत सरकार के प्रधानमंत्री द्वारा इसी शिक्षा एवं शिक्षक के विकास के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुये राष्ट्रीय शिक्षा नीति का निर्माण एवं क्रियान्वन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारतीय शिक्षा समिति काशी प्रान्त के अध्यक्ष कंचन सिंह ने कहा कि यहां बैठे समस्त प्रधानाचार्य अपने विद्यालय की सफलता के प्रमुख सूत्रधार हैं। किसी विद्यालय की सफलता उसके प्रधानाचार्य की कुशल रणनीति एवं योजनाओं द्वारा ही सम्भव है। अतः एक प्रधानाचार्य को कुशल योजक, आयोजक तथा नेतृत्वकर्ता होना चाहिए, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यह त्रिदिवसीय प्रधानाचार्य कार्ययोजना बैठक आहुत की गई है।

बैठक में आये प्रधानाचार्यों को विभिन्न क्षेत्रों (खेल, बौद्धिक, बोर्ड परीक्षा परिणाम, विज्ञान मेला, वैदिक गणित, साहित्यिक उपलब्धि, सामाजिक कार्य आदि) में उनके विद्यालय की सफलता के आधार पर पुरस्कार एवं अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया।
विद्या भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचन्द्र ने छात्रों के सर्वांगीण विकास विषय पर पीपीटी से माध्यम से प्रधानाचार्यों को अपना उद्बोधन दिया। कहा कि विद्या भारती के विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का न केवल शैक्षिक विकास किया जाता है बल्कि उन्हें मानसिक, शारीरिक एवं समाजिक दृष्टि से तैयार कर एक सच्चा राष्ट्रभक्त नागरिक बनाया जाता है।
प्रान्तीय संगठन मंत्री डॉ.राम मनोहर ने कार्यालय संचार प्रलेखन तथा प्रदेश निरीक्षक रामजी सिंह ने चार आयाम (पूर्व छात्र परिषद, विद्वत परिषद, संस्कृति बोध परियोजना एवं क्रियाशोध) विषय पर पीपीटी के माध्यम से प्रधानाचार्यों को अपना उद्बोधन दिया। संकुल प्रमुख प्रधानाचार्य विक्रम बहादुर सिंह परिहार ने योजनाओं का वाचन किया।

Development of education is not possible until teacher is not developed  Dr Haresh Pratap

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