मिड-डे मील वर्करों का मांगोंं को लेकर प्रदर्शन

 
Demonstration of midday meal workers for their demands

कुल्लू, 23 सितंबर हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर मिड-डे मील वर्करों ने भी अपना प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। मिड डे मील वर्कर जहां अपने आप को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग रख रहे हैं

वहीं स्कूलो में हो रही छंटनी का भी विरोध जता रहे हैं। जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर में भी मिडडे मील वर्कर यूनियन के द्वारा धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। मिड डे मील वर्कर यूनियन के द्वारा ढालपुर से लेकर डीसी कार्यालय तक एक रैली भी निकाली गई

और डीसी कुल्लू के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा गया। जिसमें मिड डे मील वर्कर यूनियन की मांगों को पूरा करने का भी आग्रह किया गया है।

जनवादी महिला समिति की सह संयोजिका ममता नेगी ने बताया कि प्रदेश में मिड - डे - मील कहा कि मिड - डे - मील वर्करज़ की स्थिति अत्यन्त दयनीय है। मिड - डे - मील वर्करज को मात्र 1000 रूपये प्रतिमाह वेतन केन्द्र की तरफ से मिलता है जो बहुत कम है।

हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा स्कीम वर्करज का वेतन बढ़ाने का   आश्वासनदिया गया था। जिसके बाद आंगनवाडी कार्यकर्ता , आशा वर्कर के मानदेय में बढ़ौतरी की गई। लेकिन मिड डे मील का एक रूपया भी नहीं बढ़ाया गया।

नेगी ने कहा मिड - डे - मील वर्करज यूनियन मांग करती है कि मिड - डे - मील वर्करज को 45 वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। वही, मिड डे मील वर्करज को पैन्शन व ग्रेज्युटी की सुविधा दी जाए।

Demonstration of midday meal workers for their demands

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