कोरोना डर: स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम में 14.50% की हुई दबाकर तेज़ी

इस साल अप्रैल से अक्टूबर तक, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम 19.50 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ा है, जो कोरोना अवधि के दौरान स्वास्थ्य बीमा आवश्यकताओं में वृद्धि को दर्शाता है। आंकड़ों के अनुसार, 2017 के अप्रैल-अक्टूबर अवधि में 303 करोड़ रुपये की तुलना में चालू वर्ष की इसी अवधि के दौरान स्वास्थ्य बीमा खंड में
 
कोरोना डर: स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम में 14.50% की हुई दबाकर तेज़ी

इस साल अप्रैल से अक्टूबर तक, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम 19.50 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ा है, जो कोरोना अवधि के दौरान स्वास्थ्य बीमा आवश्यकताओं में वृद्धि को दर्शाता है।

आंकड़ों के अनुसार, 2017 के अप्रैल-अक्टूबर अवधि में 303 करोड़ रुपये की तुलना में चालू वर्ष की इसी अवधि के दौरान स्वास्थ्य बीमा खंड में प्रीमियम संग्रह 4.5 करोड़ रुपये रहा है।

स्वास्थ्य बीमा खंड में, खुदरा में 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि समूह बीमा प्रीमियम में 12.51 प्रतिशत की वृद्धि हुई। दूसरी ओर, सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना में संग्रह में 5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है।

स्वास्थ्य बीमा उत्पादों की मांग में वृद्धि स्वास्थ्य बीमा प्रदाताओं को लाभान्वित कर रही है।

आंकड़ों के मुताबिक, खुदरा स्वास्थ्य पोर्टफोलियो में प्रीमियम का संग्रह 8 प्रतिशत अधिक रहा है, जबकि सामान्य बीमा कंपनियों के प्रीमियम में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

एक बीमा विशेषज्ञ ने कहा, “कोरोना के बाद लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने के कारण बीमा पॉलिसियों में वृद्धि हुई है, लेकिन यह देखा जाना बाकी है कि यह कब तक चलेगा।”

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