बाबुल सुप्रियो का ऐलान, बुधवार को लोकसभा की सदस्यता से देंगे इस्तीफा

 
Babul will resign from the post of Parliament on Wednesday
दिलीप घोष को विद्यासागर का वर्णपरिचय उपहार दूंगा: बाबुल सुप्रियो

कोलकाता,20 सितंबर । पूर्व केंद्रीय मंत्री और अब तृणमूल नेता बाबुल सुप्रियो ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के तंज का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुछ बंगला हैं, जो दिलीप दा की बंगाली हैं। वह आज भी मेरे बारे में बहुत कुछ कहते हैं। मैं उन्हें विद्यासागर का वर्णपरिचय उपहार दूंगा। ताकि वह बंगाली भाषा में बात करें। ताकि वह बंगाली भाषा को कलंकित या अपवित्र न करें। उन्होंने बुधवार को लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का भी एलान किया।

तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद रविवार को उन्होंने प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि मैंने घोष का बयान नहीं पढ़ा है लेकिन मुझे पता है कि उन्होंने मेरे बारे में बहुत कुछ कहा है। उन्होंने कहा कि अब यह बातें सामने आएंगी। मुझे विश्वासघाती कहा जाएगा। तथागत राय ने मीर जाफर कहा था। मैंने उसका जवाब दिया है।

दरअसल, भाजपा नेता दिलीप घोष रविवार को भवानीपुर में प्रचार करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बाबुल के पार्टी छोड़कर चले जाने से भाजपा को नुकसान नहीं होगा। वह एक राजनेता नहीं है, वह एक राजनीतिक पर्यटक है। इसी पर बाबुल सुप्रियो ने कहा कि वह राजनीति से संन्यास ले रहे थे, लेकिन कुछ ऐसे चुनौतीपूर्ण अवसर मिले हैं, जिससे वह फिर राजनीति के साथ जुड़े हैं। बाबुल ने कहा कि चुनाव के पहले बाहरी लोगों को संगठन के शीर्ष पर बैठाकर स्थानीय भाजपा समर्थकों को नजरदांज किया गया और यह पाला-बदलना कोई नया नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अगले बुधवार को दिल्ली जा रहे हैं, वहां वह लाेकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेंगे और उसके बाद वह लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे।

Babul will resign from the post of Parliament on Wednesday

उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पिछली पंक्ति के नेता नहीं बनना चाहते थे। इसलिए आम आदमी के लिए काम करने की तुलना में बाबुल एक छोटे राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के रूप में अग्रिम पंक्ति से लड़ेंगे। इसलिए मोहन बागान और ईस्ट बंगाल की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें प्लेइंग इलेवन से हटाकर जूनियर टीम में भेज दिया गया था, लेकिन वह प्लेइंग इलेवन में खेलना चाहते हैं। वह पहले दर्जे के नेता के रूप में काम करने के लिए तृणमूल में आये हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पार्टी में जिम्मेदारी का मामला ममता बनर्जी के विचाराधीन है।

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