बालू माफियाओं की सक्रियता सरकार और प्रशासन के लिए बनी चुनौती

 
Activation of sand mafia became a challenge for the government and administration
आरा,04 अक्टूबर  जिले के कोइलवर स्थित सोन नदी में बालू माफियाओं के सामने सरकार और प्रशासन की एक नहीं चल रही है।सरकार और प्रशासन के तमाम कार्रवाई की धज्जियां उड़ाते हुए इन दिनों लगातार शाम होते ही बालू माफियाओं की हलचल सोन नदी में ऐसी बढ़ जा रही है कि देखते ही देखते सैकड़ो नावों का काफिला कोइलवर रेल सह सड़क पुल से लेकर बहियारा और खनगांव तक पहुंच जा रही है।नावों पर मौजूद मजदूर ताबड़तोड़ बालू की निकासी करने में जुट जा रहे हैं।

बालू की सरे शाम लूट से ऐसा नही है कि सरकार की एजेंसी और जिला प्रशासन वाकिफ नही है।सरकार के आदेश पर जिला प्रशासन दिन के उजाले में बालू की निकासी रोकने के लिए छापेमारी अभियान चलाता है और बालू माफियाओं की कार्रवाई शाम होते शुरू होती है।शाम ढलते ही सैकड़ो नाव का काफिला तेजी से रेंगते हुए कोइलवर से बहियारा और खनगांव तक पहुंच जाता है और देर रात तक बालू की अवैध निकासी और बालू की लूट की जाती है।ये नावें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस की गई है। हर एक नावों पर जेनरेटर,दूधिया एलईडी रौशनी,बालू छानने के औजार और 25-30 मजदूरों का गिरोह रह रहा है।

कोइलवर पुल से दक्षिण की तरफ जिसको जहां मौका मिल रहा है वह वही नाव लगाकर बालू की अवैध निकासी करने लग रहा है।कोइलवर पुल से लेकर बहियारा और खनगांव तक के सात आठ किलोमीटर के दायरे में सैकड़ो नावों की हलचल सरकार और जिला प्रशासन को कैसे नही सुनाई देती यह बात भी कई तरह के सवाल खड़े करती है।

जिला खनन पदाधिकारी से जब इस संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने बताया कि सोन में किसी भी तरह के बालू की निकासी पर फिलहाल रोक लगाई गई है।जब्त बालू की ही बिक्री की जा रही है।उन्होंने कहा कि सोन नदी में नावों से बालू की अवैध निकासी को लेकर कार्रवाई की जा रही है।जिला खनन पदाधिकारी का तर्क सच्चाई से बिल्कुल अलग है।

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