रायपुर : अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 250 युवाओं को स्वरोजगार हेतु मिली मदद

शासन की मंशा युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर उन्हें सहायता प्रदान करने सहित आत्मनिर्भर बनाना है। इसी ध्येय को पूरा करने की दिशा में अंत्यावसायी
 
250 youth belonging to scheduled caste and scheduled tribe category got help for self-employment
शासन की मंशा युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर उन्हें सहायता प्रदान करने सहित आत्मनिर्भर बनाना है। इसी ध्येय को पूरा करने की दिशा में अंत्यावसायी सहकारी विकास निगम द्वारा विभिन्न स्वरोजगार योजनाएं संचालित किया जा रहा है। जिससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को स्वयं का कारोबार स्थापित करने सहायता मिल रही है और वे अपने स्वरोजगार के जरिये आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
250 youth belonging to scheduled caste and scheduled tribe category got help for self-employment
जिले में अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति ने इस ओर विगत ढाई वर्ष के दौरान आदिवासी स्वरोजगार योजनान्तर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के 190 हितग्राहियों को 54 लाख रुपये ऋण तथा साढ़े 14 लाख रुपये अनुदान उपलब्ध कराया गया। वहीं अंत्योदय स्वरोजगार योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के 60 हितग्राहियों को स्वरोजगार स्थापना के लिए 27 लाख रुपये ऋण तथा पांच लाख 70 हजार रुपये अनुदान सुलभ कराया गया।

इन हितग्राहियों में अधिकांश युवा सम्मिलित हैं जो पढ़ाई के पश्चात स्वयं का काम-धंधा खोलकर संचालित कर रहे हैं। इसी तरह अनुसूचित जनजाति वर्ग के तीन हितग्राहियों को ट्रेक्टर ट्राली योजनान्तर्गत लाभान्वित कर उन्हे साढ़े 26 लाख रुपये का ऋण दिया गया है। यह हितग्राही शासन की मदद से लाभान्वित होकर ट्रेक्टर के जरिये अपनी खेती-किसानी को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं गांव के किसानों तथा समीपस्थ गांवों के कृषकों को खेती-किसानी के लिए ट्रेक्टर किराये पर देकर आय अर्जित कर रहे हैं। अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को छोटी-छोटी व्यवसाय शुरू करने की दिशा में स्मॉल बिजनेस योजनान्तर्गत लाभान्वित किया जा रहा है। इस ओर अब तक नौ हितग्राहियों को 17 लाख रुपये ऋण उपलब्ध कराया गया है। इसी तरह अनुसूचित जाति वर्ग के दो हितग्राहियों को लघु व्यवसाय के लिए छह लाख रुपये तथा एक हितग्राही को ट्रेक्टर ट्रॉली योजनान्तर्गत आठ लाख 40 हजार रुपये की सहायता दी गयी है। यही नहीं अल्पसंख्यक वर्ग के छह हितग्राहियों को टर्म लोन योजना से सात लाख रुपये और महिला सशक्तीकरण योजनान्तर्गत चार हितग्राहियों को चार लाख रुपये की मदद दी गयी है। जिससे इन हितग्राहियों ने स्वयं के बूते शुरू किये काम-धंधा को आगे बढ़ाया और घर-परिवार के लिए सहायता दे रहे हैं।



बस्तर अंचल में अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को बस्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की शहीद वीरनारायण सिंह स्वावलंबन योजनान्तर्गत दुकान निर्माण सहित दुकान खोलने मदद दी जा रही है। इस दिशा में विगत दो वर्ष में 12 हितग्राहियों को 24 लाख रुपये का ऋण-अनुदान सुलभ कराया गया है। इस योजना से हितग्राही को एक लाख 40 हजार रुपये स्वयं की भूमि पर दुकान निर्माण करने तथा 60 हजार रुपये दुकान संचालन हेतु प्रदाय किया जाता है। उक्त ऋण राशि में से 50 हजार रुपये ऋण राशि को साधारण ब्याज दर पर नियमित किश्त अदा करने पर हितग्राही को एक लाख 50 हजार रुपये का अनुदान सुलभ कराया जाता है। इस योजना से लाभान्वित भैरमगढ़ ब्लॉक के काडोली निवासी गंभीर तेलम बताते हैं कि गांव में दुकान खोलकर बेहतर ढंग से संचालन के फलस्वरूप उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। इसी तरह भोपालपटनम ब्लॉक के दूरस्थ क्षेत्र मिनकापल्ली निवासी मनोज यालम उक्त योजनान्तर्गत गांव में किराना दुकान खोलकर क्षेत्र के ग्रामीणों को जरूरी चीजें मुहैया करवा रहे हैं और आमदनी बढ़ने से फैंसी सामग्री एवं कपड़े की दुकान भी खोलने की सोच रहे हैं।

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