असमः गो मांस समेत गिरफ्तार महिला समेत दो लोगों को भेजा गया जेल

जिला के जयपुर थानाक्षेत्र से गिरफ्तार महिला समेत दो आरोपितों को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस घटना को लेकर स्थानीय संगठनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
 
Assam: Two people, including a woman arrested, including cow meat, sent to jail
जिला के जयपुर थानाक्षेत्र से गिरफ्तार महिला समेत दो आरोपितों को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस घटना को लेकर स्थानीय संगठनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

Assam: Two people, including a woman arrested, including cow meat, sent to jail

उल्लेखनीय है कि हाल ही में असम सरकार ने गो सुरक्षा के लिए एक नया कानून पारित किया है, जिसके चलते पूर्व की तरह अब गो मांस का व्यवसाय करना मुश्किल हो गया है। इस कारण इस व्यवसाय से जुड़े लोग नया-नया हत्थकंडा अपनाने लगे हैं।

सूत्रों का कहना है कि नया कानून बनने के बाद गो मांस का व्यवसाय करने वाले दूर-दराज के इलाकों में छुपे तौर पर पशुओं का वध कर मांस को छोटे-छोटे डब्बों में पैककर साइकिल, बाइक, स्कूटी, कार आदि वाहनों के जरिए अपने उपभोक्ताओं तक पहुंचाते हैं। मजेदार बात है कि इस कार्य में अब महिलाएं भी शामिल हो गयी हैं।

विहिप गोरक्षा केंद्रीय मंत्री एवं पालक पूर्वोत्तर भारत असम क्षेत्र उमेश चन्द्र पोरवाल ने मंगलवार को हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार ने गोवंश की सुरक्षा के लिए जो कानून बनाया है, उसका अच्छी तरह से पालन होना चाहिए। राज्य के कानून के साथ ही गो सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून भी हैं, उनका भी पालन हो। उन्होंने कहा कि कानून के बारे में लोगों को जागरूक होना होगा, तभी हमारी गो माता की रक्षा हो पाएगी।

पोरवाल ने कहा कि गो सुरक्षा कानून के बनने के बाद चोरी-छिपे कानून का उल्लंघन करने की इस तरह की घटनाएं होने की संभावना बढ़ गयी हैं। इसके लिए सामाजिक तौर पर संगठनों और आम लोगों को जागरूक तथा सचेत होना होगा। उन्होंने डिब्रूगढ़ में गो मांस को पकड़ने के लिए पुलिस के कार्य को सराहनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि नया कानून बनने के बाद इस तरीके की घटनाएं शुरू हुई हैं। इसको सभी के सहयोग से जागरूकता फैलाकर ही रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां नये कानून को निशाना बनाते हुए समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने नये कानून बनने के बाद लखीमपुर जिला में सड़क के किनारे कुछ गायों के मरने को लेकर उठाये गये सवाल को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि लखीमपुर में पशुओं को मारकर सड़क किनारे फेंका गया था, जबकि उसे अलग तरीके से पेश करने की राजनीतिक दलों ने कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समेत कुछ संगठन गलत तरीके से इसको प्रचारित करने की कोशिश कर रही हैं।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार असम पुलिस उपाधीक्षक नवीन कुमार बोरा के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में एक महिला हेमा बेगम को गो मांग के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने महिला की स्कूटी से 20 किग्रा गो मांस बरामद किया था। पुलिस के सामने महिला ने स्वीकार किया किया था कि गत वर्ष लॉकडाउन के दौरान से ही वह जयपुर में अवैध रूप से काटे गये गो वंश के गो मांस को प्रत्येक रविवार को नामरूप और प्रत्येक बुधवार को नाहरकटिया में सप्लाई कर रही थी।

दूसरी ओर पुलिस गिरफ्तार महिला से पूछताछ के आधार पर मिले सुराग के तहत इस घटना से जुड़े नामरूप से नासेर अली नामक एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया था। इस मामले में जयपुर थाना में भारतीय दंड संहिता अधिनियम की धारा 120 (बी) /429/295 (ए) के तहत केस संख्या 77/2021 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर लिया है। घटना के संबंध में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच जारी रखी है। माना जा रहा है कि राज्य में गो मांस की बिक्री चोरी-छिपे हो रही है। गो वंश की रक्षा के लिए राज्य में कई संगठन कार्य कर रहे हैं।
 

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