सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ का यह मैच भूल पाना मुश्किल है

क्रिकेट हिस्ट्री : साल 1997 में साउथ अफ्रीका की धरती पर जिम्बाब्वे, भारत और साउथ अफ्रीकी टीम के बीच त्रिकोणीय सीरीज खेला गया था। उस ऐतिहासिक सीरीज के फाइनल में भारत और साउथ अफ्रीकी टीम डरबन के मैदान पर एक दूसरे के सामने थी। 13 फरवरी 1997 को खेले गए फाइनल मैच में साउथ अफ्रीकी
 
सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ का यह मैच भूल पाना मुश्किल है

क्रिकेट हिस्ट्री : साल 1997 में साउथ अफ्रीका की धरती पर जिम्बाब्वे, भारत और साउथ अफ्रीकी टीम के बीच त्रिकोणीय सीरीज खेला गया था। उस ऐतिहासिक सीरीज के फाइनल में भारत और साउथ अफ्रीकी टीम डरबन के मैदान पर एक दूसरे के सामने थी।

13 फरवरी 1997 को खेले गए फाइनल मैच में साउथ अफ्रीकी टीम ने पहले खेलते हुए 8 विकेट पर 278 रन बनाए। ऐसे में अब भारत को फाइनल मैच जीतने के लिए 50 ओवर में 279 रन बनानें थे। लेकिन बारिश हो जाने से मैच में तब्दीली आई और भारत को चेस करने के लिए 40 ओवर में 251 रन का नया टारगेट दिया गया।

251 रन का लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम का पहला विकेट गांगुली के रूप में गिरा। 18 रन के स्कोर पर गांगुली आउट हुए। गांगुली के आउट होने के बाद राहुल द्रविड़ बल्लेबाजी करने आए। इसके बाद द्रविड़ और सचिन ने ऐसी बल्लेबाजी की जिसने हर किसी का दिल मोह लिया।

सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ का यह मैच भूल पाना मुश्किल है

साउथ अफ्रीकी टीम के पास थे दमदार बॉलर

एलन डोनाल्ड, शॉन पॉलक और लांस क्लूजनर जैसे गेंदबाज थे। उन गेंदबाजों पर सचिन और द्रविड़ ने अपनी बल्लेबाजी से प्रहार करना शुरू कर दिया। दोनों बल्लेबाजों ने बल्लेबाजी के दौरान ऐसे – ऐसे खूबसूरत शॉट चारों तरफ खेले जिसे देखकर हर किसी को मजा आ गया। क्रिकेट फैन्स दो महान बल्लेबाजों के द्वारा एक शानदार बल्लेबाजी का नजारा देख रहे थे।

इस मैच में राहुल द्रविड़ ने केवल 94 गेंद पर 84 रन बनाए जिसमें 5 चौके और एक छक्का शामिल था तो वहीं सचिन ने केवल 33 गेंद पर 45 रन बनाए। सचिन ने अपनी बल्लेबाजी के दौरान कई शानदार शॉट्स खेले जिससे विरोधी गेंदबाज पूरी तरह से हताश होते हुए नजर आए थे।

दोनों बल्लेबाजों ने जबतक बल्लेबाजी की तब तक क्रिकेट का रोमांच चरम पर रहा था। हालांकि भारत की टीम 39.2 ओवर में 234 रन पर ऑलआउट हो गई और 16 रन से फाइनल मैच हार गई लेकिन सचिन तेंदुलकर और द्रविड़ की बल्लेबाजी का जादू कई दिनों तक क्रिकेट फैन्स को रोमांच देता रहा था।

सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ का यह मैच भूल पाना मुश्किल है

साल 1997 में साउथ अफ्रीका की धरती पर जिम्बाब्वे, भारत और साउथ अफ्रीकी टीम के बीच त्रिकोणीय सीरीज खेला गया था। उस ऐतिहासिक सीरीज के फाइनल में भारत और साउथ अफ्रीकी टीम डरबन के मैदान पर एक दूसरे के सामने थी।

13 फरवरी 1997 को खेले गए फाइनल मैच में साउथ अफ्रीकी टीम ने पहले खेलते हुए 8 विकेट पर 278 रन बनाए। ऐसे में अब भारत को फाइनल मैच जीतने के लिए 50 ओवर में 279 रन बनानें थे। लेकिन बारिश हो जाने से मैच में तब्दीली आई और भारत को चेस करने के लिए 40 ओवर में 251 रन का नया टारगेट दिया गया।

251 रन का लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम का पहला विकेट गांगुली के रूप में गिरा। 18 रन के स्कोर पर गांगुली आउट हुए। गांगुली के आउट होने के बाद राहुल द्रविड़ बल्लेबाजी करने आए। इसके बाद द्रविड़ और सचिन ने ऐसी बल्लेबाजी की जिसने हर किसी का दिल मोह लिया।

उस वक्त साउथ अफ्रीकी टीम के पास एलन डोनाल्ड, शॉन पॉलक और लांस क्लूजनर जैसे गेंदबाज थे। उन गेंदबाजों पर सचिन और द्रविड़ ने अपनी बल्लेबाजी से प्रहार करना शुरू कर दिया। दोनों बल्लेबाजों ने बल्लेबाजी के दौरान ऐसे – ऐसे खूबसूरत शॉट चारों तरफ खेले जिसे देखकर हर किसी को मजा आ गया। क्रिकेट फैन्स दो महान बल्लेबाजों के द्वारा एक शानदार बल्लेबाजी का नजारा देख रहे थे।

इस मैच में राहुल द्रविड़ ने केवल 94 गेंद पर 84 रन बनाए जिसमें 5 चौके और एक छक्का शामिल था तो वहीं सचिन ने केवल 33 गेंद पर 45 रन बनाए। सचिन ने अपनी बल्लेबाजी के दौरान कई शानदार शॉट्स खेले जिससे विरोधी गेंदबाज पूरी तरह से हताश होते हुए नजर आए थे।

दोनों बल्लेबाजों ने जबतक बल्लेबाजी की तब तक क्रिकेट का रोमांच चरम पर रहा था। हालांकि भारत की टीम 39.2 ओवर में 234 रन पर ऑलआउट हो गई और 16 रन से फाइनल मैच हार गई लेकिन सचिन तेंदुलकर और द्रविड़ की बल्लेबाजी का जादू कई दिनों तक क्रिकेट फैन्स को रोमांच देता रहा था।

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