Covid-19: अगर रिकार्ड्स देखें तो 31 मई तक लॉकडॉन कोरोनोवायरस महामारी को रोकने में मदद कर सकता है

Covid-19: अभी फिलहाल कोरोनावायरस का आतंक पूरी दुनिया में छाया हुआ है, इससे बचने के लिए अभी कोई वैक्सीन भी नही बनी है, हर देश अपने अपने वैज्ञानिकों के साथ इस महामारी से लड़ने के लिए तैयार खड़ा है. अभी के हालात देखें तो अक्टूबर तक संभावित तीन मिलियन लोग संक्रमित होंगे यदि 17 मई
 
Covid-19: अगर रिकार्ड्स देखें तो 31 मई तक लॉकडॉन कोरोनोवायरस महामारी को रोकने में मदद कर सकता है

Covid-19: अभी फिलहाल कोरोनावायरस का आतंक पूरी दुनिया में छाया हुआ है, इससे बचने के लिए अभी कोई वैक्सीन भी नही बनी है, हर देश अपने अपने वैज्ञानिकों के साथ इस महामारी से लड़ने के लिए तैयार खड़ा है. अभी के हालात देखें तो  अक्टूबर तक संभावित तीन मिलियन लोग संक्रमित होंगे यदि 17 मई तक लॉकडाउन के तीसरे चरण को पूरे जोश के साथ लागू किया है। मुंबई स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज के एक अध्ययन में कहा गया है कि 171 मिलियन मामलों में यह बहुत ही चौंका देने वाली स्तिथि है ।

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पिछले लॉकडाउन ने भारत में संक्रमण के बोझ को कम करने में काफी हद तक सफल रहा है। तथ्यों से पता चलता है कि चल रहे तीसरे चरण को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है और अभी इस लॉकडाउन को 24 मई तक बढ़ाया जाता है, तो इसके पैदा होने की दर (0.975) से कम होने की संभावना है और अगर 31 मई तक आगे बढ़ा दिया जाए, तो आरओ 0.945 होगा। संक्रमित मामलों में गिरावट शुरू हो जाएगी और जुलाई 2020 तक भारत की आबादी के 0.01% (0.14 मिलियन) से कम संक्रमित होने की संभावना है।

आईपीएस के प्रोफेसर अभिषेक सिंह ने कहा, “इन अनुमानों से स्पष्ट है कि दो लॉकडाउन ने लगभग 140 मिलियन तक (अधिकतम अनुमानित) शिखर संक्रमणों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।” शोधकर्ताओं ने लॉकडाउन से पहले संक्रमण के आरओ पर डेटा का विश्लेषण करने के बाद और 25 मार्च से 14 अप्रैल और 15 अप्रैल को लॉकडाउन के बाद के दो चरणों में इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं।

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