कोरोना की रिपोर्ट अब महज 80 सेकेंड में उपलब्ध, इजरायली वैज्ञानिकों ने बनाया खास उपकरण

नई दिल्ली: भारत में कोरोना महामारी के दौरान कोरोना टेस्ट कराने के लिए देश भर के कई शहरों में लोगों की लंबी कतारें देखी गईं. उसे भी आरटी-पीसीआर टेस्ट के बाद रिपोर्ट के लिए 3 से 4 दिन का इंतजार करना पड़ा। हालांकि ये दिन जल्द ही बीते दिनों की बात हो जाएंगे और कुछ
 
कोरोना की रिपोर्ट अब महज 80 सेकेंड में उपलब्ध, इजरायली वैज्ञानिकों ने बनाया खास उपकरण

नई दिल्ली: भारत में कोरोना महामारी के दौरान कोरोना टेस्ट कराने के लिए देश भर के कई शहरों में लोगों की लंबी कतारें देखी गईं. उसे भी आरटी-पीसीआर टेस्ट के बाद रिपोर्ट के लिए 3 से 4 दिन का इंतजार करना पड़ा।

हालांकि ये दिन जल्द ही बीते दिनों की बात हो जाएंगे और कुछ ही सेकंड में कोरोना की रिपोर्ट मिल जाएगी। दरअसल, इजरायल के वैज्ञानिकों ने एक नई तकनीक विकसित की है। ‘इलेक्ट्रॉनिक नोज’ की मदद से नाक में केमिकल के आधार पर मरीज पॉजिटिव है या नेगेटिव, इसका पता महज 80 सेकेंड में चल सकता है।

इन इलेक्ट्रॉनिक नोज में विशेष सेंसर होते हैं जो वायरस का पता लगाते हैं। मरीज को इस नोज को अपनी नाक से सूंघना होगा और महज 80 सेकेंड में कोरोना की रिपोर्ट देनी होगी। इस्राइली वैज्ञानिकों के अनुसार इस पद्धति की सटीकता 95 प्रतिशत है।

इजरायल के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित इलेक्ट्रॉनिक नोज एक 3डी प्रिंटेड इलेक्ट्रिक नोज है। आम तौर पर एक व्यक्ति को अपनी नाक के पास रखना चाहिए और उसे सूंघना चाहिए। नाक में रसायन की गंध की जांच करने के बाद नोज बताती है कि व्यक्ति सकारात्मक है या नकारात्मक।

प्रत्येक रोग की एक विशेष सुगंध होती है। जो व्यक्ति के शरीर की चयापचय प्रक्रियाओं को बदल देता है। तो इस विधि का प्रयोग नोज में किया जाता है।

गौरतलब है कि इजरायल के वैज्ञानिकों के अनुसार इस पद्धति की सटीकता 95 प्रतिशत है। इस उपकरण को इस तरह से विकसित किया गया है कि यह नाक में मौजूद वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों की पहचान कर सकता है।

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