टेलीकॉम कंपनियों को बूस्टर डोज, 100 फीसदी विदेशी निवेश की मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में टेलीकॉम सेक्टर को लेकर नौ फैसले लिए गए. केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी. वैष्णव ने कहा कि इन सुधारों से दूरसंचार क्षेत्र का चेहरा बदल जाएगा।

 
Booster dose to telecom companies 100% foreign investment allowed

16 September, 2021, New Delhi . केंद्र सरकार ने आर्थिक संकट में टेलीकॉम कंपनियों को पैकेज का 'बूस्टर डोज' दिया है। कई रियायतों की घोषणा करते हुए, सरकार की अनुमति के बिना स्वचालित मार्गों के माध्यम से दूरसंचार क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति दी गई है। इस बीच वोडाफोन-आइडिया को पैकेज से राहत मिली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में टेलीकॉम सेक्टर को लेकर नौ फैसले लिए गए. केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी. वैष्णव ने कहा कि इन सुधारों से दूरसंचार क्षेत्र का चेहरा बदल जाएगा।

क्या है पैकेज और फैसला

  • दूरसंचार कंपनियों द्वारा सरकार को दिए जाने वाले स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) को चार साल के लिए निलंबित कर दिया गया है। करोड़ों रुपये का कर्जदार Vodafone-Idea को बड़ी राहत मिलेगी।
  • समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की वसूली भी चार साल के लिए टाल दी गई है।
  • एजीआर एरियर पर लगाया गया जुर्माना निरस्त कर दिया गया है।
  • स्पेक्ट्रम आवंटन अब 20 साल के बजाय 30 साल के लिए होगा। टेलीकॉम कंपनियों को भी 10 साल बाद सरकार को स्पेक्ट्रम वापस करने की छूट होगी।
  • केंद्र सरकार ने अब स्वचालित मार्गों के माध्यम से दूरसंचार क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति दी है। पहले केंद्र सरकार से 49 फीसदी एफडीआई की जरूरत होती थी। अब ऑटोमेटिक रूट से 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति है।
  • इस पैकेज से सबसे ज्यादा राहत Vodafone-Idea को मिली है।

ऑटोमोटिव उद्योग, ड्रोन क्षेत्र के लिए 26,000 करोड़ की योजना

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने ऑटोमोटिव उद्योग और ड्रोन निर्माण क्षेत्र के लिए 26,058 करोड़ रुपये की उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को मंजूरी दी। इससे ऑटोमोटिव उद्योग में निवेश बढ़ेगा। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि इससे रोजगार भी पैदा होगा।

वाहन उत्पादन, वाहन कल-पुर्जों के उत्पादन के लिए 25,938 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना होगी। योजना पांच साल के लिए है।

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प्रीपेड पोस्टपेड के लिए किसी नए केवाईसी की आवश्यकता नहीं है

अपने ग्राहक को जानिए (केवाईसी) नियमों में भी बदलाव किया गया है। केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। नया सिम कार्ड प्राप्त करते समय स्वयं 'केवाईसी' की आवश्यकता होगी। प्रीपेड का पोस्टपेड करते समय नया 'केवाईसी' करने की जरूरत नहीं है। प्रीपेड कार्ड के समय ग्राहक द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों को पोस्टपेड माना जाएगा।

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