दुल्हन के पिता ने छपवाया ऐसा कार्ड जिसे पढ़कर आप भी खुद कहेंगे वाह! क्या लिखा है, यकीन ना हो तो खुद पढ़ लो…

देखिये ये घटना पुरानीं जरूर है लेकिन है बड़ी असरकारक तभी तो हम आपको दोबारा ये खबर बता रहे हैं, फिलहाल अभी तो कोरोना चल रही और शादियाँ तो है नहीं अभी, फिर ये खबर हमने देखी तो सोचा आप सभी को भी बताते हैं. जब भी किसी लड़की की शादी होती हैं तो उसके
 

देखिये ये घटना पुरानीं जरूर है लेकिन है बड़ी असरकारक तभी तो हम आपको दोबारा ये खबर बता रहे हैं, फिलहाल अभी तो कोरोना चल रही और शादियाँ तो है नहीं अभी, फिर ये खबर हमने देखी तो सोचा आप सभी को भी बताते हैं.

जब भी किसी लड़की की शादी होती हैं तो उसके पिता का सपना होता हैं कि उसकी बेटी को अच्छा ससुराल मिलें । वह हमेशा खुश रहें और कभी भी कोई कष्ट देखनें को ना मिलें ।

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जब भी भारतीय समाज में कोई शादी होती हैं तो उसमें बहुत सी रस्मों को निभाया जाता हैं , जो की बहुत ही खर्चीले होती हैं । इन रस्मों की तरह ही एक रस्म होती हैं दहेज की, जिसे हर पिता पूरी नही कर पाता हैं । आज हम आपको ऐसी घटना बताने जा रहें हैं जिससे आपको एक सबक जरूर मिलनें वाला हैं।

मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर के इंद्र सिंह गुर्जर ने अपनी बेटी की शादी में दहेज ना देना का निर्णय लिया हैं और लोगों को भी दहेज ना देना का मेसेज दे रहें हैं । उन्होंने अपनी बेटी के शादी के कार्ड में शादी me होने वाले पूरे खर्च को कार्ड में छपवाया हैं , जिससे देखकर लोग चकित रह गयें हैं ।

इस कार्ड में इंद्र सिंह गुर्जर ने संत श्री महारज हरी गिरी द्वारा तय किये खर्च को छपवाया हैं । उन्होंने कहा कि विवाह को संपन्न कराने वाले पंडित को 1100 रुपये दिये जायेंगे , शगुन के 1100 रूपयें , इसके अलावा थाली में 5100 रूपयें , दरवाजा रोकने के 1100 रूपयें दिये जायेंगे । भात में 5100 रूपयें , वरमाला के समय 10 रूपयें , पान के 1100 रूपयें और टीका के 50 रूपयें होंगे । इन सभी चीजों के अलावा 5 बर्तन , एक पलंग और एक आलमारी दी जायेंगी । बारात में केवल 100 आदमी ही आ सकते हैं ।

शादी में शराब पीकर ना आने की प्राथना

इस कार्ड में देहज बंदी को लेकर ही नहीं कहा गया हैं बल्कि शराब को ना पीने की भी गुजारिश की गई हैं । इस स्पष्ट रूप से हिदायत दी गई हैं कि कोई भी व्यक्ति विवाह समारोह में शराब पीकर ना आयें । लड़की के चाचा ने कहा कि हमारें गांव और समाज में शराब को तो पहले ही बंद कर दिया गया हैं लेकिन अब दहेज को भी बंद करनें कि पहल कि जा रही हैं । इस कार्ड के लास्ट में एक श्लोक लिखा गया हैं , जो बहुत ही चर्चा का विषय बना हुआ हैं ।

यह श्लोक हैं ,”मृत्यु भोज और माला छूटी, खाना छूटा मेज पे । बाजे छूटे दारु छूटी, अबकी चोट दहेज पे” ।

बेटी बचाने की अपील

इस पिता ने अपनी बेटी पूजा की शादी के कार्ड में बेटियों को पढ़ाने और बेटियों को बचाने के बारे में भी कहा गया हैं । इस कार्ड के जरिये लोगों को यह संकल्प दिलाने की कोशिश की गई हैं कि हम ना दहेज लेंगे और ना कभी दहेज देंगे ।

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