239 वैज्ञानिकों ने WHO को दी चेतावनी, कोरोना पर कही बड़ी बात

नई दिल्ली : 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने WHO को पत्र लिखकर कोरोना से जुड़ी चेतावनी दी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, हवा में मौजूद मामूली कण से भी लोग संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में स्कूल, कॉलेज और बसों में दूर बैठने वाले लोगों को भी ज्यादा सावधान रहना होगा। वैज्ञानिकों ने WHO से
 
239 वैज्ञानिकों ने WHO को दी चेतावनी, कोरोना पर कही बड़ी बात

नई दिल्ली : 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने WHO को पत्र लिखकर कोरोना से जुड़ी चेतावनी दी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, हवा में मौजूद मामूली कण से भी लोग संक्रमित हो रहे हैं। ऐसे में स्कूल, कॉलेज और बसों में दूर बैठने वाले लोगों को भी ज्यादा सावधान रहना होगा। वैज्ञानिकों ने WHO से गाइडलाइन बदलने की मांग की है। WHO के मुताबिक, संक्रमित व्यक्ति के कफ या छींकने के दौरान बड़ी ड्रॉपलेट्स निकलने से ही संक्रमण फैलता है।

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न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, WHO को लिखे पत्र में साइंटिस्ट्स ने कहा है कि हवा में मौजूद मामूली कण से भी लोग संक्रमित हो रहे हैं. पत्र में लिखा गया है कि वैज्ञानिकों को लगता है कि कोरोना वायरस हवा में लंबे वक्त तक रह सकता है और कई मीटर का सफर तय करके आसपास के लोगों को संक्रमित कर सकता है.

कहा जा रहा है कि यदि वैज्ञानिकों की ओर से किए जा रहे इस दावे में सच्चाई है तो बंद कमरे जैसी कई जगहों पर लोग तेजी से इस संक्रमण का शिकार हो रहे होंगे, और ऐसी जगहों पर ये वायरस तेजी से अपनी जगह बना रहा होगा. इस स्थिति में स्कूल से लेकर दुकान और इसी तरह की बाकी जगहों पर काम करने के दौरान लोगों को खास सावधानी बरतनी होगी. इतना ही नहीं बस में सफर करना लोगों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि करीब 2 मीटर दूर बैठने पर भी लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं.

वैज्ञानिकों के नए दावे के मद्देनजर डब्ल्यूएचओ को अपनी गाइडलाइंस बदलनी पड़ सकती है। जिन जगहों पर बेहतर वेंटिलेशन नहीं है वहां लोगों को दूर बैठने के बावजूद अनिवार्य रूप से मास्क पहनना पड़ सकता है। डब्ल्यूएचओ अब तक कहता रहा है कि मुख्य तौर पर कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के कफ या छींकने के दौरान बड़ी श्वसन बूंदें से ही फैलता है।

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