शव को थाने में रख बाहर धरने पर बैठे ग्रामीण, पुलिस ने उठाने की कोशिश की तो भीड़ हुई उग्र

जिले के भावण्डा क्षेत्र में 13 दिन पहले युवक का अपहरण और मारपीट का मामला सामने आया था। घायल युवक को गंभीर हालत में अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती किया गया
 
The villagers sitting on a dharna outside the police station the crowd became furious when the police tried to lift the dead body.
जिले के भावण्डा क्षेत्र में 13 दिन पहले युवक का अपहरण और मारपीट का मामला सामने आया था। घायल युवक को गंभीर हालत में अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती किया गया था। मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद क्षेत्र में हंगामा मच गया। बुधवार को परिजनों के साथ करीब 150 से ज्यादा लोगों भावण्डा थाने पहुंच गई और शव को थाने में रख दिया। फिलहाल परिजनों सहित सभी लोग गुरुवार को भी आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं।

The villagers sitting on a dharna outside the police station the crowd became furious when the police tried to lift the dead body.


देर रात इस मामले में नागौर एसपी अभिजीत सिंह ने भावण्डा एसएचओ शंकरलाल, हैड कॉन्स्टेबल गवानराम व कॉन्स्टेबल राधेश्याम को हटाकर पुलिस लाइन भेजने के आदेश कर दिए है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए 6 पुलिस टीमों को लगाया गया है। इससे पहले बुधवार रात में पुलिस ने धरने पर बैठे लोगों को उठाने की कोशिश की तो भीड़ उग्र हो गई। गुस्साई भीड़ ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए थाने की फाटक उखाड़ कर फेंक दी। इसके बाद समझाइश पर भीड़ शांत हुई और दोबारा धरने पर बैठी। फिलहाल पुलिस-प्रशासन समझाइश के प्रयास कर रहा है, और मौके पर शांति बनी हुई हैं।

आरएलपी सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी ट्वीट कर खींवसर, नागौर और भावण्डा क्षेत्र के आस पास के इलाके में मौजूद अपने समर्थकों से धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में भावण्डा थाने के घेराव में पहुंचे व दिवगन्त किसान पुत्र के परिजनों के साथ न्याय की लड़ाई में उनका साथ दे। मौके पर खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल पहले से ही मौजूद है और अगर मांगे नहीं मानी गई तो वो खुद चुनाव प्रचार छोड़कर गुरुवार सुबह धरना स्थल पर पहुंचेंगे।

ग्रामीणों की मांगों में सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए। मामले की गंभीरता को हल्के में लेने वाले मुंडवा सीओ को हटाया जाए। भावण्डा थाना अधिकारी को सस्पेंड किया जाए और पुरे थाना स्टाफ को लाइन हाजिर किया जाए। मामले की जांच किसी दूसरे उच्च अधिकारी को सौंपी जाए। मृतक के परिजनों को 20 लाख का आर्थिक मुआवजा दिया जाए शामिल है।

ये था मामला

मृतक के पिता शिवराम ने बताया कि बेटा सुनील 1 अक्टूबर को रात 9 बजे मानकपुर चौराहे स्थित गिरधर धर्म कांटे में बैठा था। उसके साथ धर्म कांटा मालिक राजू भड़ियार, जयपाल भड़ियार, महिपाल और रामलाल भी बैठे थे। तभी अचानक वहां 3 गाड़ियों में 20-25 लोग हाथों में लाठी-सरिए लेकर आए। उन्होंने गाड़ी से उतरते ही सुनील पर हमला बोल दिया। इस दौरान बीच-बचाव करने वालों से भी मारपीट की गई। इसके बाद हमलावर सुनील के साथ मारपीट करते हुए उसे गाड़ी में डालकर अपने साथ ले गए। इसके बाद अधमरी हालत में सुनील को राधिका भट्टे के पास फेंककर भाग गए। जाने से पहले आरोपियों ने सुनील के हाथ से 2 सोने की अंगूठियां, 18 हजार कैश और गाड़ी के कागजात भी ले लिए।



3 लाख 50 हजार के लेनदेन में हुआ था विवाद

सुनील के पिता ने बताया था कि बेटे ने एक व्यक्ति को 3 लाख 50 हजार रुपए उधार दिए थे। इसी लेनदेन के चलते हुई कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया था। आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से सुनील पर हमला किया। सुनील को गंभीर हालत में जोधपुर और बाद में अहमदाबाद रेफर कर दिया गया था।

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