शराब की दुकान का लाइसेंस दिलाने के नाम लाखों की ठगी

शाहदरा जिले के कृष्णा नगर इलाके में शराब की दुकान का लाइसेंस दिलाने के नाम पर एक कारोबारी से 25.67 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है।
 
Cheating of lakhs in the name of getting license of liquor shop
शाहदरा जिले के कृष्णा नगर इलाके में शराब की दुकान का लाइसेंस दिलाने के नाम पर एक कारोबारी से 25.67 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है।
Cheating of lakhs in the name of getting license of liquor shop
आरोपितों ने खुद को आबकारी विभाग का अधिकारी बताकर पीड़ित को चूना लगा दिया। पीड़ित मनोज मोंगा (50) की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। आरोपी पीड़ित को लाइसेंस दिलवाने की बात कर रुपये लेकर उसकी फर्जी रसीद भी देते रहे। पुलिस उन रसीदों व टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से आरोपितों की तलाश कर रही है।

पुलिस के मुताबिक मनोज मोंगा परिवार के साथ ई-ब्लॉक, कृष्णा नगर में रहते हैं। इनका अपना कारोबार है। कुछ समय पूर्व मनोज के पास एक अज्ञात शख्स का कॉल आया। कॉलर ने खुद को आबकारी विभाग का अधिकारी बताकर शराब की दुकान का लाइसेंस दिलवाने की बात की। मनोज इसके लिए फौरन तैयार हो गए। इसके अलावा आरोपित द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के आधार पर फॉर्म को भरकर भेज दिया। पीड़ित से उस समय फॉर्म के नाम पर पचास हजार रुपये ले लिए गए।

कुछ ही दिनों बाद मनोज के पास किसी अशोक बंसल नामक शख्स का कॉल आया। उसने एनओसी के नाम पर पीड़ित से कई लाख रुपये मांगे। इसके बाद धीरे-धीरे पीड़ित से अलग-अलग मदों में कुल 25.67 लाख रुपये ऐंठ लिये गए। इसके बाद लगातार मनोज को जल्द ही लाइसेंस मिलने का झांसा दिया जाने लगा।



इसके बाद आरोपित दस लाख रुपये की और मांग करने लगे। पीड़ित ने दफ्तर आकर मिलने की बात की तो आरोपितों ने मिलने से मना कर दिया। उनका कहना था कि कोविड-19 की वजह से मिलने पर पाबंदी है। इसके बाद किसी सत्यन बेनर्जी, राहकी अबरार, विकास श्रीवास्तव व अन्यों की कॉल आती रही। आरोपित 3.80 लाख की मांग करने लगे।

रुपये न देने पर आरोपित बाकी रुपये भी डूबने की बात करने लगे। इसके बाद भी मनोज ने रुपये नहीं दिए। जांच करने पर पूरा मामला फर्जी निकला। आरोपितों ने रुपयों के बदले जो रसीदें दी थीं, वह भी फर्जी थीं। अब पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है।
 

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