बैतूल : आटो चालक ने ट्रेन की पटरी से युवती को फिल्मी स्टाइल में बचाया

 
Betul: Auto driver saves girl from train track in film style
 जाको राखे साईयां मार सके न कोय- कहावत सोमवार को एक बार फिर चरितार्थ हुई जब सोनाघाटी रेलवे फाटक पर ट्रेन आने के चंद सैकेण्ड पूर्व एक युवती ट्रेन के सामने पटरी पर खड़ी हो गई, लेकिन इसी दौरान वहां खड़े एक ऑटो चालक ने अपनी जान की परवाह न करते हुए फिल्मी स्टाइल में दौड़ लगा दी और ट्रेन गुजरने से चंद सेकेण्ड पूर्व युवती को पटरी से खींचकर बाहर कर दिया।

Betul: Auto driver saves girl from train track in film style

मामला सोमवार का बताया जा रहा है। इस दौरान युवती रोते हुए मर जाने की दुहाई देते रही। इस दौरान ऑटो चालक और वहां मौजूद नागरिकों ने युवती को गेटमेन के सुपुर्द कर युवती के परिजनों को फोन लगाया। युवती के भाई ने युवती को घर ले गया। उक्त युवती एमबीए पास आउट है और बीमारी के साथ ही जॉब नहीं लगने से उक्त कदम उठाने की बात कह रही थी। ऑटो चालक की इस बहादुरी के लिए कलेक्टर अमनबीर सिंह बैस द्वारा ऑटो चालक का सम्मान किया गया।





सोनाघाटी रेलवे फाटक पर हुई घटना



बैतूल-मरामझिरी रेलवे सेक्शन में अप ट्रेक पर किलोमीटर 846/25 एवं 846/23 के बीच ग्राम सोनाघाटी रेलवे गेट क्रमांक 253 पर उक्त घटना सोमवार दोपहर लगभग बारह बजे हुई। इस ट्रेन पर संघमित्रा एक्सप्रेस क्रमांक 02295 के गुजरने के लिए गेट मेन अरुण वामनकर ने गेट बंद कर दिया था।



ट्रेन का हार्न बजते ही पटरी पर खड़ी हो गई युवती



रेलवे गेट बंद होने से गेट के दोनों साइड वाहनों की लाइन लग गई। इस दौरान गेट के बाहर खड़ी एक युवती पहले तो गेट के नीचे से पटरी की ओर गई जैसे ही संघमित्रा एक्सप्रेस के हार्न की आवाज आई युवती दौड़कर दोनों पटरी के बीच में खड़ी हो गई। यह देखते ही गेट के दोनों ओर खड़े लोगों की सांसे थम गई। सभी को लगने लगा कि चंद सेकेण्ड बाद युवती के शरीर के कई टुकड़े हो जाएंगे।



युवक ने जान पर खेलकर बचाई जान



कोई कुछ समझ पाता इसके पूर्व ही एक युवक दौड़ता हुआ आया और फिल्मी स्टाइल में पटरी पर खड़ी युवती को पटरी से बाहर खींच लिया। युवती के पटरी से बाहर आते ही ट्रेन गुजर गई। ट्रेन के गुजरने तक युवती अपने आप को युवक से छुड़ाने का प्रयास करती रही लेकिन तब तक वहां मौजूद और भी लोग आ गए और उन्होंने युवती को ट्रेन के नीचे जाने से रोक लिया। इस दौरान युवती जोर-जोर से रोकर मरने की जिद करते रही।



ऑटो चालक था जान बचाने वाला युवक



स्वयं की जान जोखिम में डालकर युवती को बचाने वाला युवक ऑटो चालक मोहसिन था जो ऑटो लेकर सोनाघाटी आ रहा था। मोहसिन ने बताया कि गेट बंद होने के कारण वह गेट के पास खड़ा था। तभी उनकी नजर गेट के पास खड़ी एक युवती पर गई। युवती ने चेहरे पर सफेद दुपट्टा बांधे हुए था। युवती की गतिविधि और हाव भाव कुछ अलग लग रहे थे। जिसके चलते उनकी नजर युवती पर ही थी। ट्रेन की आवाज आते ही युवती नीचे बैठकर गेट पार करने लगी। उन्हें आशंका होते ही वे भी ऑटो से उतर गए। जैसे ही ट्रेन का हार्न आया युवती पटरी पर जाकर खड़ी हो गई। उन्होंने भी बिना कुछ सोचे समझे पटरी की ओर दौड़ लगा दी। ट्रेन के पहुंचने के चंद सेकेण्ड पहले उसने युवती को पटरी से बाहर खींच लिया। मोहसिन ने बताया कि युवती की जान बचाने के बाद उसे गेटमेन के सुपुर्द कर वह आ गया।





युवती को किया परिजनों के सुपुर्द



युवती को बचाने के बाद वहां मौजूद लोगों ने युवती के परिजनों को फोन कर बुलाया। युवती के भाई के पहुंचने पर युवती को उनके सुपुर्द किया। इस दौरान युवती ने बताया कि वह एमबीए पास है। वह लंबे समय से स्वास्थ्य समस्या से जूझ रही थी। नौकरी नहीं लगने से वह मानसिक रूप से परेशान थी। इसके चलते पिछले कुछ समय से डिप्रेशन में थी इसलिए उसने यह आत्मघाती कदम उठाया था। युवती उनके भाई के साथ घर रवाना हो गई।



जिम्मेदार बोले



इस संबंध में बैतूल आरपीएफ थाना प्रभारी, के केबी सिंह का कहना है कि रेलवे फाटक 253 सोनाघाटी में उक्त घटना हुई है। वह क्षेत्र सिटी पुलिस के कार्यक्षेत्र में आता है। इसलिए कोई भी कार्रवाई सिटी पुलिस ही करेगी।
 

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