आप भाग्यवान है अगर आपके शरीर के इन 13 जगहों में से एक भी जगह तिल है…

शरीर पर तिल होना एक आम बात है, लेकिन भारतीय ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार शरीर पर मौजूद तिलो के आधार पर व्यक्ति के भविष्य और उसके चरित्र का विश्लेषण किया जाता है तो चलिए जानते हैं कि इन तिलों का हमारे शरीर के किस भाग में होने पर उसका मतलब क्या होता है। माथे पर
 

शरीर पर तिल होना एक आम बात है, लेकिन भारतीय ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार शरीर पर मौजूद तिलो के आधार पर व्यक्ति के भविष्य और उसके चरित्र का विश्लेषण किया जाता है तो चलिए जानते हैं कि इन तिलों का हमारे शरीर के किस भाग में होने पर उसका मतलब क्या होता है।

माथे पर तिल- ललाट के मध्य भाग में तिल निर्मल प्रेम की निशानी है। ललाट के दाहिने तरफ का तिल किसी विषय विशेष में निपुणता, किंतु बायीं तरफ का तिल फिजूलखर्ची का प्रतीक होता है। ललाट या माथे के तिल के संबंध में एक मत यह भी है कि दायीं ओर का तिल धन वृद्धिकारक और बायीं तरफ का तिल घोर निराशापूर्ण जीवन का सूचक होता है।

भौंहों पर तिल-

यदि दोनों भौहों पर तिल हो तो जातक अकसर यात्रा करता रहता है। दाहिनी पर तिल सुखमय और बायीं पर तिल दुखमय दांपत्य जीवन का संकेत देता है।

आंख की पुतली पर तिल-

दायीं पुतली पर तिल हो तो व्यक्ति के विचार उच्च होते हैं। पुतली पर तिल वाले लोग सामान्यत: भावुक होते हैं।

पलकों पर तिल-

आंख की पलकों पर तिल हो तो जातक संवेदनशील होता है। दायीं पलक पर तिल वाले बायीं वालों की अपेक्षा अधिक संवेदनशील होते हैं।

आंख पर तिल-

दायीं आंख पर तिल जीवनसाथी से मेल होने का एवं बायीं आंख पर तिल जीवनसाथी के साथ संबंधों के उतार-चढ़ाव से भरे होने का आभास देता है।

कान पर तिल-

कान पर तिल व्यक्ति की आयु की तरफ इशारा करता है।

नाक पर तिल-

नाक पर तिल हो तो व्यक्ति प्रतिभासंपन्न और सुखी होता है। महिलाओं की नाक पर तिल उनके सौभाग्यशाली होने का सूचक है।

गाल पर तिल-

गाल पर लाल तिल शुभ फल देता है। बाएं गाल पर कृष्ण वर्ण तिल व्यक्ति को संघर्षशील, किंतु दाएं गाल पर धनी बनाता है।

कंधों पर तिल-

दाएं कंधे पर तिल का होना दृढ़ता तथा बाएं कंधे पर तिल का होना तुनकमिजाजी का सूचक होता है।

हाथों पर तिल-

जिसके हाथों पर तिल होते हैं वह बुद्धिमान होता है। गुरु क्षेत्र में तिल हो तो सन्मार्गी होता है। दायीं हथेली पर तिल हो तो बलवान और दायीं हथेली के पृष्ठ भाग में हो तो धनवान होता है। बायीं हथेली पर तिल हो तो जातक खर्चीला तथा बायीं हथेली के पृष्ठ भाग पर तिल हो तो कंजूस होता है।

छाती पर तिल-

छाती पर दाहिनी ओर तिल का होना शुभ होता है। पुरुष भाग्यशाली होते हैं। शिथिलता छाई रहती है। छाती पर बायीं ओर तिल रहने से भार्या पक्ष की ओर से असहयोग की संभावना बनी रहती है। छाती के मध्य का तिल सुखी जीवन दर्शाता है। यदि किसी स्त्री के हृदय पर तिल हो तो वह सौभाग्यवती होती है।

पैर मे तिल-

समुद्र विज्ञान के अनुसार जिनके पांवों में तिल का चिन्ह होता है उन्हें अपने जीवन में अधिक यात्रा करनी पड़ती है। दाएं पांव की एड़ी अथवा अंगूठे पर तिल होने का एक शुभ फल यह माना जाता है कि व्यक्ति विदेश यात्रा करेगा। लेकिन तिल अगर बायें पांव में हो तो उन्हें थोड़ा संघर्ष करना पड़ता है। गैर जरूरी विषयों में इनका धन व्यय होता है।

गले पर हो तिल-

जिनके गले या गर्दन पर तिल हों, ऐसे लोग स्वाभाव से काफी उथल-पुथल वाले होते हैं। पल में आप उन्हें खुश देखेंगे और पल भर में दुखी। वैसे ऐसे लोगों का करियर शुरुआत में भले ढीला-ढाले रहें, लेकिन बाद में सब स्मूथ और बेहतरीन रिजल्ट दे ही जाता है।

होंठ पर तिल-

होंठ पर तिल वाले व्यक्ति बहुत प्रेमी हृदय होते हैं। यदि तिल होंठ के नीचे हो तो व्यक्ति अपने क्षेत्र में प्रसिद्धि प्राप्त करते है, ऐसे व्यक्ति विपरीत व्यक्ति की ओर आकर्षित हो जाते है तथा इन्हे किसी विशेष भोजन का लगाव नहीं होता है। ऊपरी तरफ बाएं ओर तिल होना जीवनसाथी के साथ झगड़ा होने का सूचक होता है तथा दाए ओर तिल होने का मतलब आपको अपने जीवन साथी का पूरा सहयोग प्राप्त होता है।

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