धनतेरस पर झाड़ू कब खरीदें और कब नहीं

झाड़ू के उचित उपयोग के द्वारा ना केवल आप लक्ष्मी को आमंत्रित कर सकते है अपितु धन संचय अथवा पारिवारिक कलेश को भी समाप्त कर सकते है। छोटे से सावधानी के कारण आइए जानते है पुरानी झाड़ू को कब और क्यों घर से बाहर निकाला जाता है इस दिन ऐसा कहा जाता है कि यह
 
धनतेरस पर झाड़ू कब खरीदें और कब नहीं

 झाड़ू के उचित उपयोग के द्वारा ना केवल आप लक्ष्मी को आमंत्रित कर सकते है अपितु धन संचय अथवा पारिवारिक कलेश को भी समाप्त कर सकते है।

छोटे से सावधानी के कारण आइए जानते है पुरानी झाड़ू को कब और क्यों घर से बाहर निकाला जाता है इस दिन ऐसा कहा जाता है कि यह दर्शाता है कि आप अपने घर से गरीबी और दुःख को दूर कर रहे है :-

वैसे तोह झाड़ू धनतेरस पर लेकर रख लेना चाइए इससे धन वृद्धि होती है इससे शास्त्रों में इसे लक्ष्मी जी का प्रतिरूप माना जाता है।
झाड़ू पर कभी भी पैर ना मारें इससे माँ लक्ष्मी नाराज़ होजाती है
जब भी आप नया झाड़ू लेकर आयें उसके हैंडल पर सफ़ेद रंग का दागा बांधे, इससे माँ लक्ष्मी स्तिर रहती है।
ऐसा माना जाता है अगर दिवाली के दिन आप तीन झाड़ुओं का मंदिर में दान करें सूर्यौदय से पहले तो इससे तो अस्थायी तौर पर लक्ष्मी का निवास होता है, लेकिन आपको यह झाड़ू धनतेरस ते दिन ही ले आना हैं।
झाड़ू को कभी भी मंगलवार, शनिवार और रविवार को मत खरीदे वरना आपके घर दिक्कतें आ सकती है।
जब भी नए घर में प्रवेश करें, हमेशा वह नयी झाड़ू का ही इस्तेमाल करें इससे सुख सुकून बना रहता है।
झाड़ू को हमेशा ढक कर रखें, और इससे कभी बैडरूम में ना रखें अतः इससे पति पत्नी के बीच मन मुटाव बना रहता है।
एक साथ अगर आप तीन झाड़ू खरीदते है तो बहुत अच्छा शगुन माना जाता है, मगर इससे कभी दो चार ऐसे जोड़े में कभी न खरीदें।

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